खबरीलाल डेस्क
आज के इस डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी पूरी दुनिया बन चुका है। हमारे बैंक अकाउंट से लेकर हमारी निजी तस्वीरें, ऑफिस का अहम डेटा, सोशल मीडिया पासवर्ड्स और न जाने कितने राज इस छोटी सी डिवाइस में कैद होते हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलते ही फोन की बैटरी का कम होना किसी बुरे सपने से कम नहीं लगता।READ ALSO:-हरिद्वार में विकास प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: ज्वालापुर में सील किया गया अवैध निर्माण
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सफर के दौरान जब फोन की बैटरी 2% या 5% पर पहुंच जाती है, तो हमारी नजरें बेतहाशा किसी चार्जिंग पॉइंट को तलाशने लगती हैं। जैसे ही हमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या किसी शॉपिंग मॉल में कोई 'फ्री चार्जिंग पॉइंट' या यूएसबी पोर्ट (USB Port) नजर आता है, हम बिना सोचे-समझे अपना फोन चार्जिंग पर लगा देते हैं। उस वक्त वह पोर्ट हमें एक जीवनरक्षक (Lifesaver) की तरह लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक बहुत बड़ा जाल हो सकता है? जी हां, आपकी यह एक छोटी सी चूक आपको लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है। साइबर ठग इसी मौके की तलाश में रहते हैं। इस ठगी को तकनीकी भाषा में 'जूस जैकिंग' (Juice Jacking) कहा जाता है।READ ALSO:-हरिद्वार में विकास प्राधिकरण का बड़ा एक्शन: ज्वालापुर में सील किया गया अवैध निर्माण
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इस गंभीर खतरे से आपको बचाने के लिए बाजार में एक शानदार गैजेट मौजूद है, जिसे USB कंडोम (USB Condom) या USB डेटा ब्लॉकर (USB Data Blocker) कहा जाता है। आइए इस गैजेट और इस पूरे साइबर खतरे के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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क्या होती है 'जूस जैकिंग' (Juice Jacking)?

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'जूस जैकिंग' साइबर हैकिंग का एक बेहद शातिर और खतरनाक तरीका है। आसान भाषा में समझें तो, जब आप अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप को किसी सार्वजनिक यूएसबी (USB) चार्जिंग स्टेशन पर प्लग करते हैं, तो हैकर्स उस पोर्ट के जरिए आपके डिवाइस में सेंध लगा देते हैं।
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सामान्यतः जो यूएसबी केबल हम इस्तेमाल करते हैं, वह दो काम करती है:
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    पावर सप्लाई (बैटरी चार्ज करना)
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    डेटा ट्रांसफर (फाइल, फोटो आदि भेजना)
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हैकर्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों के यूएसबी पोर्ट्स के पीछे छिपे हुए चिप या कंप्यूटर लगा देते हैं। जब आप अपना फोन वहां चार्ज करने के लिए लगाते हैं, तो वे पावर सप्लाई के साथ-साथ डेटा ट्रांसफर वाले फीचर का फायदा उठा लेते हैं। इसके जरिए वे आपके फोन में मैलवेयर (Malware) या वायरस इंस्टॉल कर देते हैं। एक बार वायरस फोन में आ गया, तो आपका पूरा फोन हैकर्स के कंट्रोल में चला जाता है और वे आपके पासवर्ड, ओटीपी (OTP), बैंकिंग डिटेल्स, कॉन्टैक्ट्स और गैलरी तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
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USB कंडोम (डेटा ब्लॉकर) क्या है और इसे यह नाम क्यों दिया गया?

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जूस जैकिंग के इस भयानक खतरे को रोकने के लिए जो डिवाइस बनाई गई है, उसे तकनीकी रूप से USB डेटा ब्लॉकर (USB Data Blocker) कहा जाता है। हालांकि, बोलचाल की भाषा में इसे 'USB कंडोम' के नाम से ज्यादा लोकप्रियता मिली है।
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इसे यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि जिस तरह से कंडोम असुरक्षित शारीरिक संबंधों के दौरान बीमारियों और संक्रमण से बचाता है, ठीक उसी तरह यह छोटा सा गैजेट पब्लिक पोर्ट्स पर 'असुरक्षित चार्जिंग' के दौरान आपके फोन को वायरस (डिजिटल संक्रमण) और डेटा चोरी से बचाता है। यह एक पेनड्राइव के आकार का बेहद छोटा एडाप्टर होता है जिसे फोन के चार्जिंग केबल और पब्लिक चार्जिंग पोर्ट के बीच लगाया जाता है।
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यह जादुई डिवाइस कैसे काम करती है?

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इस डिवाइस के काम करने का विज्ञान बहुत सीधा और सरल है। एक स्टैंडर्ड यूएसबी पोर्ट में आमतौर पर 4 पिन (तार) होते हैं। इनमें से दो पिन बिजली (पावर) सप्लाई करने का काम करते हैं, और बाकी दो पिन डेटा ट्रांसफर करने का काम करते हैं।
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जब आप USB डेटा ब्लॉकर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह डिवाइस डेटा ट्रांसफर करने वाले उन दोनों पिनों को भौतिक (Physically) रूप से ब्लॉक कर देती है या काट देती है। परिणामस्वरूप, जब आप इस ब्लॉकर को लगाकर अपना फोन चार्ज करते हैं, तो पब्लिक पोर्ट से आपके फोन तक केवल और केवल बिजली (Current) पहुंचती है। डेटा का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण कोई भी हैकर आपके फोन से डेटा नहीं निकाल सकता और न ही कोई वायरस अंदर भेज सकता है।
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USB डेटा ब्लॉकर के बेमिसाल फायदे

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इस छोटी सी डिवाइस के कई बड़े फायदे हैं, जिन्हें आप नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझ सकते हैं:
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फीचर / फायदा
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विवरण
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100% डेटा सुरक्षा
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जूस जैकिंग के खतरे को पूरी तरह खत्म करता है। फाइल्स और पासवर्ड चोरी होने की कोई गुंजाइश नहीं।
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प्लग एंड प्ले
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इसके लिए फोन में कोई सेटिंग बदलने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती। बस लगाओ और चार्ज करो।
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पोर्टेबिलिटी
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यह वजन में बहुत हल्का और आकार में छोटा होता है। इसे आसानी से चाबी के छल्ले या पर्स में रखा जा सकता है।
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मल्टी-डिवाइस सपोर्ट
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इसका इस्तेमाल आईफोन (iOS), एंड्रॉइड (Android), टैबलेट, स्मार्टवॉच और लैपटॉप सबके लिए किया जा सकता है।
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फास्ट चार्जिंग सपोर्ट
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अच्छे ब्रांड के डेटा ब्लॉकर फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करते हैं, जिससे आपका फोन सुरक्षित और तेजी से चार्ज होता है।
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इस डिवाइस को किसे जरूर खरीदना चाहिए?

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वैसे तो साइबर सुरक्षा हर इंसान के लिए जरूरी है, इसलिए यह गैजेट हर स्मार्टफोन यूजर के पास होना चाहिए। लेकिन निम्नलिखित लोगों के लिए यह गैजेट खरीदना अनिवार्य (Must-have) है:
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    फ्रीक्वेंट ट्रैवलर्स: जो लोग व्यापार या नौकरी के सिलसिले में अक्सर हवाई जहाज या ट्रेन से यात्रा करते हैं।
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    कॉलेज के छात्र और प्रोफेशनल्स: जो लोग अक्सर कैफे, लाइब्रेरी या को-वर्किंग स्पेस में घंटों बैठकर काम करते हैं।
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    सेल्स और मार्केटिंग वाले लोग: जो दिन भर फील्ड में रहते हैं और उन्हें मजबूरी में कहीं भी अपना फोन चार्ज करना पड़ता है।
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    वीआईपी (VIPs) और कॉरपोरेट अधिकारी: जिनके फोन में कंपनी का संवेदनशील डेटा मौजूद होता है।
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USB डेटा ब्लॉकर कहां से खरीदें और कीमत क्या है?

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इस लाइफ-सेविंग गैजेट को ढूंढने के लिए आपको किसी इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में धक्के खाने की जरूरत नहीं है। आप इसे घर बैठे बहुत आसानी से ऑनलाइन मंगवा सकते हैं।
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    उपलब्धता (Availability): यह डिवाइस भारत में Amazon (अमेजन) और Flipkart (फ्लिपकार्ट) जैसे सभी प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। आपको बस सर्च बार में जाकर "USB Data Blocker" या "USB Condom" टाइप करना है।
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    कीमत (Price Range): भारतीय ऑनलाइन बाजार में इस डिवाइस की कीमत ब्रांड और क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग है। एक अच्छा डेटा ब्लॉकर आपको 999 रुपये से लेकर 5000 रुपये के बीच मिल जाएगा।
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विशेष सुझाव: ऑनलाइन ऑर्डर करते समय हमेशा प्रतिष्ठित ब्रांड्स (जैसे PortaPow आदि) को ही चुनें। किसी भी अनजान या बहुत सस्ते विकल्प को खरीदने से बचें। गैजेट खरीदने से पहले दूसरे ग्राहकों द्वारा दिए गए रिव्यूज (Reviews) और रेटिंग्स को जरूर चेक कर लें ताकि आपको एक असली और भरोसेमंद प्रोडक्ट मिल सके।
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जूस जैकिंग से बचने के कुछ अन्य उपाय

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अगर आपके पास अभी USB डेटा ब्लॉकर नहीं है, तो आप इन तरीकों से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:
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    पावर बैंक का इस्तेमाल करें: सफर में हमेशा अपना खुद का एक अच्छा पावर बैंक साथ लेकर चलें। यह सबसे सुरक्षित तरीका है।
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    वॉल सॉकेट (दीवार वाले प्लग) का इस्तेमाल करें: पब्लिक प्लेस में सीधे USB पोर्ट में केबल लगाने के बजाय, अपने खुद के एडाप्टर (चार्जर के प्लग) का इस्तेमाल करके उसे दीवार वाले बिजली के सॉकेट (AC Outlet) में लगाएं।
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    'चार्ज ओनली' मोड चुनें: जब आप अपने फोन को किसी पोर्ट में लगाते हैं और फोन स्क्रीन पर पॉप-अप आता है, तो हमेशा 'Charge Only' (सिर्फ चार्ज करें) का विकल्प चुनें। कभी भी 'Transfer Files' (फाइल ट्रांसफर) या 'Trust this computer' पर क्लिक न करें।
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डिजिटल दुनिया जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी है। एंड्रॉइड और आईफोन में सिक्योरिटी कितनी भी मजबूत क्यों न हो, साइबर अपराधी हमेशा एक नया रास्ता निकाल लेते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाली फ्री चार्जिंग एक बड़ा लालच है जो भारी पड़ सकता है।
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अपने कीमती डेटा, प्राइवेसी और बैंक की जीवन भर की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव लाएं। महज एक हजार रुपये का निवेश करके अगर एक USB कंडोम (डेटा ब्लॉकर) आपके डिजिटल जीवन को सुरक्षित कर सकता है, तो यह एक बेहद फायदे का सौदा है। अगली बार सफर पर निकलने से पहले इसे अपने बैग में रखना न भूलें और खुद को 'जूस जैकिंग' का शिकार होने से बचाएं।