टेक्नोलॉजी डेस्क
सोशल मीडिया की दुनिया में चीन (China) ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने ग्लोबल लेवल पर बहस छेड़ दी है। देश में अब कोई भी व्यक्ति अगर वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा या कानून जैसे गंभीर विषयों पर ऑनलाइन बात करना चाहता है, तो उसे पहले यह साबित करना होगा कि वह उस क्षेत्र में योग्य है। यह नया कानून 25 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर तेज़ी से फैल रही गलत या भ्रामक जानकारी (Misleading Information) को रोकना बताया जा रहा है। अब बिना डिग्री या प्रमाण पत्र वाले Social Media Influencers इन महत्वपूर्ण विषयों पर कंटेंट पोस्ट नहीं कर पाएंगे।READ ALSO:-Realme C85 Series लॉन्च: 7,000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले वाला दमदार स्मार्टफोन लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
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क्यों पड़ी इस सख्त कानून की जरूरत?

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इंटरनेट और सोशल मीडिया के विस्तार के साथ ही फेक न्यूज़ और गलत सलाह का कारोबार भी तेज़ी से बढ़ा है। अक्सर देखा गया है कि बिना किसी विशेषज्ञता के, कुछ Influencers लोगों को गंभीर विषयों जैसे स्वास्थ्य, निवेश या कानूनी मुद्दों पर सलाह देते हैं।
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    बढ़ती धोखाधड़ी: इस गलत सलाह के कारण लोगों को स्वास्थ्य और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे गलतफहमियां और धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ती हैं।
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    सरकार का मकसद: चीन सरकार का मानना है कि यह नियम इंटरनेट पर पारदर्शिता और जवाबदेही (Accountability) बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि केवल प्रशिक्षित और योग्य व्यक्ति ही इन विषयों पर राय या जानकारी साझा करें।
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इन्फ्लुएंसर्स पर सख्त निगरानी

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चीन के नए कानून के मुताबिक, Social Media Influencers को अब किसी भी गंभीर विषय पर कंटेंट पोस्ट करने से पहले अपने प्रमाण पत्र या डिग्री दिखानी होगी।
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    स्वास्थ्य/मेडिकल: अगर कोई क्रिएटर स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देना चाहता है, तो उसके पास मेडिकल योग्यता या लाइसेंस होना जरूरी है।
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    वित्त/कानून: इसी तरह, फाइनेंस या लॉ पर बोलने वाले लोगों को भी अपनी विशेषज्ञता का प्रमाण देना होगा।
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    रोक का उद्देश्य: इससे अब बिना योग्य लोगों की सलाह से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।
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प्लेटफॉर्म्स पर भी आई जिम्मेदारी

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यह कानून सिर्फ कंटेंट क्रिएटर्स तक सीमित नहीं रहेगा। चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CAC) ने प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसकी जिम्मेदारी डाली है:
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    प्लेटफॉर्म्स: Douyin (जो TikTok का चीनी संस्करण है), Weibo और Bilibili जैसे प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके Influencers सही डिग्रीधारी हैं।
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    विश्वसनीयता: इन कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि साझा की जा रही जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से ली गई है।
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AI कंटेंट और विज्ञापनों पर भी सख्त रोक

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नए कानून में तकनीकी और व्यावसायिक पारदर्शिता पर भी कड़े नियम बनाए गए हैं:
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    AI कंटेंट: यदि कोई Influencer अपने कंटेंट में AI-Generated सामग्री, शोध रिपोर्ट या वैज्ञानिक डेटा का उपयोग करता है, तो उसे साफ तौर पर यह बताना होगा कि जानकारी का स्रोत क्या है।
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    विज्ञापनों पर प्रतिबंध: CAC ने हेल्थ प्रोडक्ट्स, मेडिकल उपकरण, और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स से जुड़े विज्ञापनों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका मकसद झूठे प्रमोशन और फर्जी दावों पर लगाम लगाना है।
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चीन में डिजिटल कंटेंट का भविष्य

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इस कानून के लागू होने के बाद, चीन में डिजिटल कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है। हालाँकि, यह Social Media Influencers की स्वतंत्रता को भी सीमित करेगा। यह ग्लोबल लेवल पर अन्य देशों के लिए एक मिसाल बन सकता है, जो फेक न्यूज़ की समस्या से जूझ रहे हैं।