मेरठ (Community & Social Desk): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हृदय स्थली मेरठ में रविवार का दिन सामाजिक एकजुटता और धर्म-कर्म की नई रूपरेखा तय करने के नाम रहा। शहर के प्रतिष्ठित बी.ए.बी. (B.A.B.) इंटर कॉलेज में रविवार, 12 जुलाई 2026 को 'युवा ब्राह्मण समाज संगठन' (Yuva Brahmin Samaj Sangathan) की एक अति महत्वपूर्ण और विस्तृत बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देना और समाज के प्रबुद्धजनों को एक मंच पर लाकर संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करना था।READ ALSO:-चीन के महाविनाशकारी 'मेदोग डैम' से भारत पर मंडराया 'महाप्रलय' का खतरा: 5 करोड़ जिंदगियां दांव पर, 8 राज्य डूबने की कगार पर
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बैठक की अध्यक्षता संगठन की स्थाई समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री जितेंद्र गौतम जी ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन संगठन के ऊर्जावान अध्यक्ष श्री कुलदीप शर्मा द्वारा किया गया। इस महा-बैठक में मेरठ शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए समाज के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और युवाओं ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में धर्म, समाज और संगठन के विस्तार को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए और जिम्मेदारियों का बंटवारा करते हुए तीन प्रमुख समितियों का गठन किया गया।
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आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि युवा ब्राह्मण समाज संगठन की इस बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए और समाज को क्या नया संदेश दिया गया।
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1. शिवभक्तों की सेवा का संकल्प: 'कांवड़ शिविर संचालन समिति' का हुआ गठन

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श्रावण (सावन) मास का प्रारंभ होने वाला है और मेरठ शहर ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) का मुख्य केंद्र माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में शिवभक्त (कांवड़िये) हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर मेरठ के रास्तों से होते हुए अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते हैं। इन शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा करना हिंदू समाज का एक परम धर्म माना गया है।
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इसी महान उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, 'युवा ब्राह्मण समाज संगठन' ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष भी शिवभक्तों के लिए एक भव्य और सर्वसुविधायुक्त कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के सुचारू और अनुशासित संचालन के लिए एक विशेष कोर कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति को शिविर की रूपरेखा तय करने, धन जुटाने, भोजन व चिकित्सा व्यवस्था की निगरानी करने और इसे अंतिम रूप देने का पूर्ण अधिकार सौंपा गया है।
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कांवड़ शिविर समिति के पदाधिकारी:

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    संयोजक (Convener): श्री अजय शर्मा जी को इस शिविर के सफल आयोजन का मुख्य दायित्व सौंपा गया है।
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    सह-संयोजक (Co-convener): श्री गणेश शर्मा जी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर इस व्यवस्था को संभालेंगे।
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    प्रमुख सदस्य: शिविर के कुशल प्रबंधन में श्री गिरीश पाराशर जी, श्री सौरभ शर्मा जी और डॉ. मनोज शर्मा जी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि शिविर में आने वाले किसी भी कांवड़िये को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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2. प्रतिभाओं का होगा सम्मान: 'सम्मान एवं कोर-मुद्दा समिति'

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किसी भी समाज की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपने बुद्धिजीवियों, अधिकारियों और समाजसेवियों का कितना सम्मान करता है। युवा ब्राह्मण समाज संगठन का मानना है कि जो लोग अपने कठोर परिश्रम से उच्च पदों पर आसीन होते हैं, उनका सम्मान करना पूरे समाज का गौरव बढ़ाने के समान है।
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इसी वैचारिक नींव पर एक नई 'सम्मान एवं कोर-मुद्दा समिति' का गठन किया गया है। इस समिति के मुख्य रूप से दो बड़े कार्य होंगे:
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    अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान: शहर में नियुक्त होने वाले नए ब्राह्मण प्रशासनिक अधिकारियों (IAS, IPS, PCS), पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों और समाज के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे सम्मानित व्यक्तियों को समय-समय पर सम्मानित किया जाएगा।
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    गंभीर मुद्दों पर मुखर आवाज़: समाज और राष्ट्र से जुड़े किसी भी गंभीर या सामयिक मुद्दे (Current Issues) पर संगठन का पक्ष मजबूती और तार्किकता के साथ प्रशासन और मीडिया के सामने रखना।
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इस समिति के सदस्य: इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण समिति की कमान श्री शैलेंद्र शर्मा, श्री पुनीत शर्मा, श्री अंकुर शर्मा, श्री ललित शर्मा और डॉ. मनोज जी के अनुभवी हाथों में सौंपी गई है।
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3. संगठन की रीढ़ होगी मजबूत: 'कोष (वित्त) प्रबंधन समिति'

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कोई भी सामाजिक संगठन बिना एक पारदर्शी और मजबूत आर्थिक ढांचे के लंबे समय तक सेवा कार्य नहीं कर सकता। संगठन द्वारा भविष्य में किए जाने वाले बड़े सामाजिक कार्यों, चिकित्सा शिविरों, निर्धन कन्याओं के विवाह और शिक्षा प्रोत्साहन जैसे प्रकल्पों के लिए एक सुव्यवस्थित फंड (कोष) की आवश्यकता होती है।
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आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ और पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष 'कोष (Kosh) कमेटी' का गठन किया गया है।
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कोष समिति की संरचना: इस समिति में केंद्रीय समिति के कोषाध्यक्ष (Treasurer) के साथ-साथ क्षेत्र कमेटियों के अध्यक्ष व महामंत्री पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। इनके अतिरिक्त, डॉ. मनीष शर्मा, श्री सौरभ दिवाकर शर्मा, श्री गणेश दत्त शर्मा, श्री जितेंद्र गौतम जी और श्री ललित जी को इस समिति का सक्रिय सदस्य मनोनीत किया गया है। यह समिति संगठन के फंड का हिसाब-किताब रखने और दानदाताओं को संगठन के विजन से जोड़ने का कार्य करेगी।
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एकजुटता की मिसाल: बैठक में उमड़ा समाज का हुजूम

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बी.ए.बी. इंटर कॉलेज के प्रांगण में हुई इस बैठक में युवाओं और बुजुर्गों का अद्भुत संगम देखने को मिला। अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना, युवाओं को संस्कारवान बनाना और राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मण समाज की सकारात्मक भागीदारी को और अधिक मजबूत करना है।
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इस अवसर पर संगठन के तमाम ऊर्जावान और कर्मठ सदस्यों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्यों में: अंकुर शर्मा, गणेश दत्त शर्मा, मनीष शर्मा, अजय शर्मा (बुढ़ाना गेट), डॉ. प्रियंक शर्मा, सुधीर कुमार शर्मा, विपिन शर्मा, राजीव कौशिक, ललित कौशिक, राजीव नरहरि, डॉ. मनोज शर्मा, श्रीकांत पांडे, सजल शर्मा, पुनीत शर्मा, सौरभ दिवाकर शर्मा, प्रेमचंद कौशिक, सुरेंद्र शर्मा, राजीव दीक्षित, संजय शर्मा, नीरज कुमार शर्मा और संजय बाजपेई सहित भारी संख्या में मातृशक्ति और समाज के अन्य प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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सेवा और संस्कारों की नई इबारत

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'युवा ब्राह्मण समाज संगठन' द्वारा बुलाई गई यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह समाज के भीतर छिपी उस असीम ऊर्जा को जगाने का एक प्रयास था, जो सही दिशा मिलने पर बड़े-बड़े बदलाव ला सकती है। कांवड़ शिविर के माध्यम से धर्म की सेवा हो या प्रबुद्धजनों का सम्मान, यह संगठन हर मोर्चे पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। बैठक का समापन भगवान परशुराम के जयकारों और राष्ट्र की उन्नति की कामना के साथ शांतिपूर्ण ढंग से हुआ।
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