मेरठ (Meerut News): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्साह का माहौल है। इसी ऐतिहासिक अवसर को मनाने के लिए 'क्रांतिधरा' मेरठ में भी भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। सोमवार, 3 फरवरी को केशव नगर स्थित हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा एक 'विराट हिंदू सम्मेलन' (Virat Hindu Sammelan Meerut) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा वातावरण 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।READ ALSO:-UP RTE Admission 2026: अब गरीब का बच्चा भी पढ़ेगा 'कॉन्वेंट' में, योगी सरकार का बड़ा तोहफा; प्राइवेट स्कूलों में 25% सीटें रिजर्व, खाते में आएंगे ₹5000
\r\n\r\n\r\n\r\n
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर दाती महाराज (Mahamandaleshwar Dati Maharaj) उपस्थित रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में विभाग प्रचारक विनीत कौशल ने सभा को संबोधित किया। सम्मेलन में वक्ताओं ने न केवल संघ की शताब्दी यात्रा पर प्रकाश डाला, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों, विशेषकर युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत और 'रील कल्चर' पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
केसरिया रंग में रंगा केशव नगर: भव्य स्वागत और सांस्कृतिक प्रस्तुति
\r\n\r\nकार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत पारंपरिक और अनुशासनात्मक तरीके से हुई। केशव नगर का पूरा परिसर भगवा ध्वजों से सजा हुआ था। कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक आगंतुक का तिलक लगाकर, पटका पहनाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। यह स्वागत सत्कार संघ की उस परंपरा का हिस्सा है, जहां हर स्वयंसेवक और आगंतुक को परिवार का सदस्य माना जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम रहे। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने जब मंच पर भारत माता के स्वरूप और क्रांतिकारियों की गाथाओं का मंचन किया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया। दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट और 'भारत माता की जय' के नारों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
दाती महाराज का कड़ा संदेश: 'रील के चक्कर में रियलिटी से दूर न हों'
\r\n\r\nकार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर दाती महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन में वर्तमान पीढ़ी के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौती—सोशल मीडिया और मोबाइल की लत—पर प्रहार किया। उन्होंने अभिभावकों और युवाओं को सचेत करते हुए एक ऐसा वाक्य कहा जो अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n"आज की युवा पीढ़ी रील (Reel) के चक्कर में रियलिटी (Reality) से दूर होती जा रही है। आभासी दुनिया की चमक-दमक में हम अपने वास्तविक संस्कारों और रिश्तों को भूलते जा रहे हैं।" — दाती महाराज\r\n
\r\n\r\n
उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील की कि यदि संभव हो तो बच्चों को कक्षा 12वीं तक पर्सनल मोबाइल फोन देने से बचें। उनका कहना था कि मोबाइल का अनुचित उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने माताओं (मातृशक्ति) से आह्वान किया कि वे बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दें, क्योंकि एक संस्कारित बालक ही आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
'संघ संगठन नहीं, सनातन की आत्मा है'
\r\n\r\nराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर बोलते हुए दाती महाराज ने कहा कि संघ को केवल एक संगठन के रूप में देखना गलत होगा। उन्होंने कहा, "RSS सनातन धर्म की आत्मा है। जो व्यक्ति राष्ट्र से प्रेम करता है, वह स्वतः ही संघ की विचारधारा से जुड़ जाता है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वर्ष 2032 तक सनातन धर्म पूरे विश्व में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने मेरठ की धरती को नमन करते हुए इसे क्रांतिकारियों और संतों की भूमि बताया और कहा कि यहां का हर कंकर शंकर है और हर व्यक्ति राष्ट्र के लिए समर्पित सिपाही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पीएम मोदी और राष्ट्र निर्माण पर विचार
\r\n\r\nअपने संबोधन में दाती महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीति का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि राष्ट्रनीति की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी राजनीति नहीं करते, वे राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए तपस्या कर रहे हैं। आज जब पूरी दुनिया युद्ध और अशांति की आग में जल रही है, तब पीएम मोदी भारत को विकास के पथ पर ले जा रहे हैं और विश्व को समाधान दे रहे हैं।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
विनीत कौशल: 'व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण'
\r\n\r\nकार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विभाग प्रचारक विनीत कौशल ने संघ के 100 वर्षों के संघर्ष और संकल्प की यात्रा को बहुत ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने जिस पौधे को रोपा था, आज वह वटवृक्ष बन चुका है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
विनीत कौशल ने अपने संबोधन में कहा:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n व्यक्ति निर्माण: संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है। जब एक व्यक्ति चरित्रवान बनता है, तो समाज चरित्रवान बनता है, और चरित्रवान समाज ही एक समर्थ राष्ट्र का निर्माण करता है।\r\n \r\n
- \r\n ऐतिहासिक निर्णय: उन्होंने कहा कि धारा 370 का हटना और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण महज राजनीतिक घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह संघ और करोड़ों हिंदुओं के दशकों के संघर्ष और वैचारिक तपस्या का परिणाम है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
सम्मान समारोह और संकल्प
\r\n\r\nकार्यक्रम के अंत में आयोजक समिति ने मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर दाती महाराज और मुख्य वक्ता विनीत कौशल को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। पौधा भेंट करना पर्यावरण संरक्षण के प्रति संघ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
विराट हिंदू सम्मेलन (Virat Hindu Sammelan Meerut) का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे संघ के शताब्दी वर्ष में समाज को जोड़ने, छुआछूत मिटाने और स्वदेशी को अपनाने का कार्य और अधिक गति से करेंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मेरठ के केशव नगर में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक विचार कुंभ था। जहां एक ओर इसमें संघ के 100 वर्षों (RSS 100 Years) के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर दाती महाराज ने 'रील और रियलिटी' का भेद बताकर समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि संघ की विचारधारा अब केवल शाखाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक सुधार और राष्ट्र जागरण का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।
\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.