मेरठ में कपड़ा कारोबारी सत्यम से नाक रगड़वाने के मामले में मुख्य आरोपी विकुल चपराणा की गिरफ्तारी के बाद अब गुर्जर बिरादरी खुलकर उनके समर्थन में आ गई है। इस घटना को लेकर बिरादरी ने पुलिस की कार्रवाई को 'एकतरफा' बताते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। इस विरोध को मुखर करने के लिए गुर्जर बिरादरी ने रविवार, 26 अक्टूबर को काजीपुर गांव (दक्षिण विधानसभा क्षेत्र) में एक विशाल महापंचायत करने का ऐलान किया है, जिसमें आगे की आंदोलन रणनीति तय की जाएगी।Read also:-मेरठ में नाक रगड़वाने का आरोपी विकुल चपराणा गुरुग्राम से दोबारा अरेस्ट, राज्यमंत्री का नाम लेकर की थी गुंडई
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शराब के नशे और अधूरे वीडियो का दावा

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गुर्जर छात्र नेताओं ने गिरफ्तार विकुल चपराणा का समर्थन करते हुए घटना के पीड़ित माने जा रहे सत्यम रस्तोगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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    छात्र नेताओं का दावा: गुर्जर छात्र नेताओं का कहना है कि उस रात गलती पूरी तरह सत्यम रस्तोगी की थी, जो कथित तौर पर शराब के नशे में थे।
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    वीडियो का एंगल: उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में केवल विकुल चपराणा को नाराज दिखाया गया है, जबकि घटना का पूरा वीडियो (पहले और बाद की परिस्थितियों सहित) जानबूझकर साझा नहीं किया गया, जिससे गलत तस्वीर बनी।
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    आरोप: नेताओं ने दावा किया है कि सत्यम ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जिसके बाद यह घटना हुई।
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महापंचायत का ऐलान और रंगदारी की धाराओं का विरोध

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गुर्जर बिरादरी ने पुलिस की कार्रवाई पर गहरा असंतोष जताया है, खासकर मुकदमों में बढ़ाई गई धाराओं को लेकर।
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    महापंचायत: 26 अक्टूबर को काजीपुर गांव में होने वाली महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे।
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    विरोध का मुद्दा: इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य विकुल चपराणा और उनके साथियों (हैप्पी भड़ाना, आयुष और सुबोध यादव) पर बलवा, रंगदारी और तोड़फोड़ जैसी धाराएं लगाने का विरोध करना है। बिरादरी का कहना है कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर हल्की धाराओं वाले मुकदमे में वृद्धि की है।
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    अल्टीमेटम: गुर्जर नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई नहीं रोकी और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।
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कांग्रेस का समर्थन

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इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कई दलों के गुर्जर नेता विकुल चपराणा के समर्थन में खड़े हो गए हैं।
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    कांग्रेस का रुख: शुक्रवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गौरव भाटी (जो गुर्जर बिरादरी से आते हैं) ने भी विकुल चपराणा का समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है।
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    सामाजिक सम्मान: प्रिंस गुर्जर काजीपुर जैसे नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए इसे बिरादरी के हक और सम्मान का सवाल बताया है, और सभी युवकों से एकजुट होकर समर्थन करने का आह्वान किया है।
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राजनीतिक समीकरणों पर असर

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विकुल चपराणा के समर्थन में होने वाली यह गुर्जर महापंचायत न केवल मेरठ पुलिस पर दबाव बढ़ाएगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है। इस महापंचायत का नतीजा ही तय करेगा कि यह मामला सामाजिक सम्मान की लड़ाई बनता है या राजनीतिक आंदोलन।
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