यूपी एटीएस (UP ATS) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए काम करने वाले तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और समीर को गिरफ्तार किया है। जहां ATS ने हैंड ग्रेनेड फेंकने और रेकी के द
Published at : 25 Apr 2026, 08:38 AM
Updated at : 10 Sep 2026, 10:44 PM
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UP ATS Arrests Tushar Chauhan Alias Hizbullah In ISI Terror Plot Family Alleges Foul Play
उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए काम करने के आरोप में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मुख्य नाम मेरठ निवासी तुषार चौहान का है, जिसने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'हिजबुल्ला अली खान' रख लिया था। तुषार चौहान यूपी एटीएस के रडार पर तब आया जब उसके पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के साथ संपर्क होने के सुराग मिले। इस गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आम जनता में भी हड़कंप मच गया है, लेकिन दूसरी ओर तुषार के परिवार ने एटीएस की पूरी थ्योरी पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।READ ALSO:-बॉलीवुड के सुपरस्टार अक्षय कुमार की बेटी से ऑनलाइन गेम में मांगी गई थी न्यूड तस्वीरें, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
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क्या है एटीएस (ATS) का मुख्य दावा?
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एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, तुषार चौहान यूपी एटीएस की गिरफ्त में नोएडा से आया है। उसके साथ दिल्ली निवासी उसके एक सहयोगी समीर खान को भी दबोचा गया है। दावा किया जा रहा है कि तुषार चौहान और समीर खान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी तथा आबिद जट के सीधे संपर्क में थे।
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अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस— \r\n \r\nपाकिस्तानी गैंगस्टर्स एवं ISI के लिए कार्य करने वाले 02 आतंकियों को #UPATS द्वारा नोएडा से गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 01 पिस्टल एवं 02 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। \r\n \r\nअभियुक्त सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर्स से जुड़े हुए थे तथा… pic.twitter.com/KEVSjkw88X
एटीएस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये दोनों संदिग्ध भारत में कुछ प्रभावशाली हस्तियों पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने यानी 'टारगेट किलिंग' की साजिश रच रहे थे। इस खतरनाक वारदात को अंजाम देने के लिए इन्हें 3 लाख रुपये का लालच दिया गया था, जिसमें से 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर देने का वायदा किया गया था और बाकी 2.5 लाख रुपये काम पूरा होने के बाद दिए जाने थे। इसके अलावा, इन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान शिफ्ट करने का भी झांसा दिया गया था।
स्वतंत्रता सेनानी का पोता: पिता का भावुक और कड़ा बयान
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तुषार का परिवार मूल रूप से बागपत जिले के रमाला का रहने वाला है। बाद में वे देहरादून शिफ्ट हो गए और कुछ समय से मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की वैष्णो धाम कॉलोनी में किराये पर रह रहे हैं। बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर पिता शैलेंद्र चौहान और मां ऋतु चौहान गहरे सदमे में हैं।
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शैलेंद्र चौहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि तुषार के दादा, गोरधन सिंह, एक स्वतंत्रता सेनानी थे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 'आजाद हिंद फौज' (INA) के सक्रिय सदस्य रहे थे। देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें 'ताम्रपत्र' देकर सम्मानित किया था।
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पिता ने रुंधे गले से कहा, "मेरा बेटा एक देशभक्त स्वतंत्रता सेनानी के खून का हिस्सा है। मैं सपने में भी नहीं मान सकता कि वह देशद्रोही हो सकता है। लेकिन अगर जांच में तुषार चौहान यूपी एटीएस के आरोप सच साबित होते हैं और वह देशद्रोही निकलता है, तो मैं खुद अपने हाथों से उसे गोली मार दूंगा।"
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गिरफ्तारी की जगह पर बड़ा विवाद: नोएडा या मेरठ?
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इस मामले में सबसे बड़ा पेंच गिरफ्तारी की जगह को लेकर फंस गया है। जहां एटीएस का दावा है कि तुषार चौहान यूपी एटीएस द्वारा नोएडा से पकड़ा गया है, वहीं परिवार का कहना है कि उसे उनके मेरठ स्थित घर से उठाया गया।
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पिता शैलेंद्र के अनुसार, 20 अप्रैल को उनके पास एक अनजान कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को कूरियर बॉय बताया और कहा कि उसे पता नहीं मिल रहा है। जब शैलेंद्र ने उसे अपने घर की लोकेशन दी, तो तीन सादे कपड़ों वाले लोग घर में घुस आए। उस वक्त तुषार खाना खा रहा था। वे लोग उसे यह कहकर ले गए कि उसके फोन में कुछ 'देश विरोधी सामग्री' (Anti-National Content) मिली है और वे केवल पूछताछ के लिए उसे ले जा रहे हैं। परिवार का आरोप है कि एटीएस की नोएडा से गिरफ्तारी की कहानी पूरी तरह से मनगढ़ंत है।
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मानसिक बीमारी का दावा: मां ने बताई असलियत
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परिवार ने तुषार चौहान यूपी एटीएस केस में एक और बड़ा एंगल जोड़ा है। उनका दावा है कि 5 मई 2006 को जन्मा उनका बेटा तुषार बचपन से ही गंभीर मानसिक बीमारियों का शिकार रहा है।
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मां ऋतु चौहान रोते हुए बताती हैं कि उनका बेटा ADHD (Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder) और 'कंडक्ट डिसऑर्डर' (आचरण विकार) से ग्रसित है। उन्होंने दिल्ली स्थित 'वर्ल्ड ब्रेन सेंटर हॉस्पिटल' के कई मेडिकल पर्चे और रिपोर्ट भी मीडिया को दिखाए। ऋतु चौहान के मुताबिक, तुषार अपनी रोजमर्रा की सामान्य जरूरतें भी पूरी नहीं कर सकता। वह अपने जूतों के फीते नहीं बांध सकता, अपने नाखून नहीं काट सकता और न ही उसे ठीक से नहाना आता है। जिस लड़के को चाकू से एक फल काटना भी नहीं आता, वह हैंड ग्रेनेड से हमला कैसे कर सकता है? इसी मानसिक कमजोरी के चलते वह 12वीं की परीक्षा भी पास नहीं कर पाया।
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पुरानी रंजिश और साजिश का एंगल
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पिता शैलेंद्र सिंह इस पूरे प्रकरण को एक गहरी साजिश का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि 5 नवंबर, 2025 को गंगानगर पुलिस ने तुषार को अचानक रात में गिरफ्तार कर लिया था। उस वक्त उस पर आरोप था कि उसने सोशल मीडिया पर एक विशेष संप्रदाय के धर्मगुरु के खिलाफ आपत्तिजनक और अपशब्द भरे पोस्ट किए थे। उस समय ब्रह्मपुरी थाने में काफी हंगामा भी हुआ था।
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परिवार का मानना है कि उसी पुरानी घटना का बदला लेने के लिए किसी ने उनके मानसिक रूप से कमजोर बेटे को सोशल मीडिया के जरिए 'ब्रेनवॉश' करके फंसाया है। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में उलझा लिया होगा, लेकिन वह कभी कोई असली आतंकवादी घटना अंजाम नहीं दे सकता।
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14 दिन की पुलिस रिमांड और आगे की जांच
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गुरुवार को एटीएस ने तुषार और समीर को कोर्ट में पेश किया। मामले की गंभीरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आईएसआई (ISI) के कनेक्शन को देखते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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अब इन 14 दिनों के भीतर जांच एजेंसियों को कई अहम सवालों के जवाब तलाशने हैं। तुषार चौहान यूपी एटीएस टीम के रडार पर कब से था? क्या उसके धर्म परिवर्तन (हिजबुल्ला अली खान बनने) के पीछे किसी बड़े लोकल स्लीपर सेल का हाथ है? और क्या उसके परिवार के मानसिक बीमारी और घर से गिरफ्तारी के दावों में कोई सच्चाई है?
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तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं के रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ) पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ तुषार चौहान यूपी एटीएस के लिए एक खूंखार आतंकी नेटवर्क का मोहरा है, तो दूसरी तरफ अपने माता-पिता के लिए वह एक मानसिक रूप से बीमार बच्चा है, जिसे फंसाया गया है। अब 14 दिन की रिमांड के बाद ही इस पूरी साजिश से पर्दा उठ पाएगा। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर स्पेस में पाकिस्तानी गैंगस्टर्स का बढ़ता दखल भारतीय युवाओं के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष और गहन जांच बेहद जरूरी है।
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यूपी एटीएस ने मेरठ निवासी तुषार चौहान (हिजबुल्ला अली खान) और समीर खान को आईएसआई के लिए काम करने और टारगेट किलिंग की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिन की रिमांड पर लिया है। वहीं, तुषार के पिता का दावा है कि उनके दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और बेटा ADHD जैसी मानसिक बीमारी का शिकार है। परिवार ने आरोप लगाया है कि एटीएस ने उसे नोएडा से नहीं, बल्कि कूरियर बॉय बनकर मेरठ स्थित घर से उठाया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और दावों की पड़ताल में जुट गई हैं।
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