सरधना/मेरठ (क्राइम एवं ट्रैफिक डेस्क): अगर आप अक्सर मेरठ-करनाल हाईवे (Meerut-Karnal Highway) से होकर गुजरते हैं और खाली व चौड़ी सड़क देखकर अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ा देते हैं, तो अब आपको अपनी इस आदत पर लगाम लगानी होगी। चिकनी और तेज रफ्तार वाली इस सड़क पर अब 'रफ्तार का रोमांच' आपको भारी पड़ सकता है और सीधा आपकी जेब ढीली कर सकता है।
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मेरठ-करनाल हाईवे पर पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रहे भीषण सड़क हादसों और आबादी क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के कारण उत्पन्न हो रही जानलेवा स्थितियों को देखते हुए, यातायात पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाईवे से जुड़े गांवों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम गति सीमा (Maximum Speed Limit) निर्धारित कर दी गई है। इस नई गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले चालकों को अब बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ चालान की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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आबादी वाले क्षेत्रों में 60 किमी/घंटा तय हुई स्पीड लिमिट

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हाईवे के निर्माण के बाद से ही मेरठ और करनाल के बीच का सफर बेहद सुगम और कम समय वाला हो गया है। लेकिन इस सुगमता के साथ-साथ ओवरस्पीडिंग (Overspeeding) की समस्या ने एक विकराल रूप ले लिया है। हाईवे कई ग्रामीण इलाकों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बीच से होकर गुजरता है।
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अक्सर देखा जाता है कि वाहन चालक इन आबादी वाले हिस्सों में भी अपनी गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करते हैं, जिसके चलते सड़क पार कर रहे ग्रामीण, बच्चे, मवेशी और धीमी गति से चलने वाले स्थानीय वाहन (जैसे ट्रैक्टर या बैलगाड़ी) तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।
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इसी गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए यातायात पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हाईवे से जुड़े गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम गति सीमा अब 60 किलोमीटर प्रति घंटा (60 km/h) ही रहेगी। कुछ अत्यधिक संवेदनशील हिस्सों में यह सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। जो भी वाहन चालक इस निर्धारित गति सीमा को पार करेगा, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उसका सीधा और भारी चालान काटा जाएगा।
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SP यातायात और NHAI का संयुक्त निरीक्षण व सख्त निर्देश

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इस पूरे अभियान को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। हाल ही में मेरठ के एसपी यातायात (SP Traffic) राजेश श्रीवास्तव ने NHAI और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मेरठ-करनाल हाईवे का सघन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के 'ब्लैक स्पॉट्स' (Black Spots) की पहचान करना और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना था।
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निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जिन स्थानों पर हाईवे गांवों के बीच से गुजरता है, वहां सुरक्षा के लिए वाहनों की गति धीमी होना नितांत आवश्यक है। अधिकारियों ने तुरंत निर्देश जारी किए कि आबादी क्षेत्र में वाहनों की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच ही रहनी चाहिए।
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जल्द लगेंगे हाई-टेक स्पीड कैमरे, तीसरी आंख रखेगी नजर

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स्पीड लिमिट तय करने के बाद सबसे बड़ी चुनौती इसे लागू करवाने की होती है। एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव ने इस संदर्भ में स्पष्ट जानकारी दी है।
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एसपी यातायात राजेश श्रीवास्तव का बयान:

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"करनाल हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए हम कटिबद्ध हैं। हाईवे पर जल्द ही ऑटोमैटिक स्पीड रडार कैमरे (Speed Cameras) लगवाए जाएंगे। इसके लिए उच्चाधिकारियों और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। हालांकि, कैमरों के लगने तक हमने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मैन्युअल निगरानी काफी बढ़ा दी है। हमारी इंटरसेप्टर गाड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं। गांवों और आबादी क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में जिन वाहनों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक मिल रही है, उनके धड़ाधड़ चालान भी किए जा रहे हैं।"
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हाईवे का मेंटेनेंस और सांकेतिक बोर्ड (Signboards) की बहाली

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इस हाईवे के रखरखाव, पेट्रोलिंग और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने की जिम्मेदारी 'दिनेश चंद्रा अग्रवाल कंपनी' को सौंपी गई है। कंपनी के अधिकारियों ने भी यातायात पुलिस के इस अभियान में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
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मेंटेनेंस इंचार्ज बबलू यादव की जानकारी: कंपनी के हाईवे मेंटेनेंस इंचार्ज बबलू यादव ने बताया कि हाईवे पर सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है। जिन स्थानों पर अधिक हादसे होते हैं (यानी एक्सीडेंट प्रोन एरिया), वहां वाहन चालकों को सचेत करने के लिए गति सीमा संबंधी बड़े सांकेतिक बोर्ड (Signboards) लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई स्थानों पर पिछली सड़क दुर्घटनाओं के दौरान या असामाजिक तत्वों द्वारा ये चेतावनी बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गए हैं या टूट गए हैं। कंपनी द्वारा इन टूटे हुए बोर्डों का सर्वे कर लिया गया है और बहुत जल्द उन्हें दोबारा से स्थापित कर दिया जाएगा, ताकि रात के समय या कोहरे में भी वाहन चालकों को स्पीड लिमिट की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
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टोल प्रशासन की चालकों से मार्मिक अपील

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सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर एक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। भूनी टोल प्लाजा (Bhuni Toll) के असिस्टेंट मैनेजर अभिनव यादव ने इस नई पहल का स्वागत करते हुए वाहन चालकों से एक खास अपील की है।
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उन्होंने कहा कि, "आबादी क्षेत्र में जब वाहन नियंत्रित गति से चलेंगे, तो सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में भारी कमी आएगी। इससे न केवल हाईवे के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों की, बल्कि खुद सफर कर रहे वाहन चालकों और उनके परिवारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। हमारी सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे 'स्पीड थ्रिल्स बट किल्स' (Speed Thrills but Kills) के सिद्धांत को समझें और यातायात पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें।"
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सुरक्षित सफर के लिए वाहन चालकों को खास टिप्स

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यदि आप मेरठ-करनाल हाईवे का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अपने सफर को सुरक्षित और चालान-मुक्त बनाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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    साइन बोर्ड्स पर रखें नजर: हाईवे पर ड्राइविंग करते समय किनारे पर लगे स्पीड लिमिट के बोर्ड्स (विशेषकर 40 और 60 किमी/घंटा वाले) पर ध्यान दें।
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    गांवों के पास बरतें अतिरिक्त सावधानी: जैसे ही आपको दूर से कोई गांव, कस्बा या क्रॉसिंग (Cut) दिखाई दे, अपनी गाड़ी की स्पीड तुरंत कम कर लें।
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    ओवरटेकिंग से बचें: आबादी वाले क्षेत्रों में गलत दिशा से या जल्दबाजी में ओवरटेक करने का प्रयास बिल्कुल न करें।
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    लेन ड्राइविंग का पालन करें: भारी वाहनों को हमेशा बाईं लेन में चलना चाहिए, जबकि कारों और हल्के वाहनों को दाईं लेन का इस्तेमाल करना चाहिए।
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    सीट बेल्ट का प्रयोग: कार में बैठे सभी यात्रियों (पीछे बैठने वालों सहित) के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है।
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निष्कर्ष (Conclusion): सड़कें हमें हमारी मंजिलों तक तेजी से पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं, न कि जिंदगी के सफर को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए। मेरठ यातायात पुलिस और एनएचएआई (NHAI) द्वारा उठाया गया यह कदम जनहित में है। 60 किलोमीटर प्रति घंटा की यह स्पीड लिमिट किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए लागू की गई है। एक जिम्मेदार नागरिक बनें, यातायात नियमों का पालन करें और खुद भी सुरक्षित रहें व दूसरों को भी सुरक्षित रखें। थोड़ी सी जल्दबाजी किसी की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकती।
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