मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ महानगर में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार (Sex Racket) के खिलाफ एक बड़ी और बेहद सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के घनी आबादी वाले थाना रेलवे रोड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला भटीपुरा में एक रिहायशी मकान के अंदर चल रहे जिस्मफरोशी के एक हाई-टेक अड्डे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मकान के अंदर से पुलिस ने आपत्तिजनक स्थिति में कई युवक और युवतियों को हिरासत में लिया है। यह पूरा काला धंधा डिजिटल माध्यमों, विशेषकर व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए संचालित किया जा रहा था। इस छापेमारी के बाद से पूरे इलाके में भारी हड़कंप मचा हुआ है और आसपास के लोग इस खुलासे से सन्न हैं।READ ALSO:-सीएम योगी का युवाओं को बड़ा तोहफा: यूपी पुलिस में इस साल होंगी 1 लाख नई भर्तियां, 936 रेडियो ऑपरेटरों को बांटे गए नियुक्ति पत्र
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लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें और पुलिस की सीक्रेट प्लानिंग पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के अनुसार, पिछले काफी समय से इस रिहायशी इलाके से अनैतिक गतिविधियों के संचालित होने की गुप्त शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय निवासियों ने भी कई बार आला अफसरों से इस मकान में संदिग्ध लोगों के आने-जाने और अनैतिक देह व्यापार का धंधा चलने की शिकायत की थी। इन गंभीर शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (एसएसपी) ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के सख्त निर्देश जारी किए।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ कैंट (CO Cantt) व एडिशनल एसपी नवीना शुक्ला के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में थाना रेलवे रोड सहित कई अन्य थानों की भारी पुलिस फोर्स और महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। सोमवार को पुख्ता मुखबिर की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक अचूक रणनीति बनाई और मकान की घेराबंदी कर अचानक दबिश (Raid) दे दी।
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पुलिस को देखते ही मची भगदड़, चेहरे छुपाने लगे आरोपी मोहल्ला भटीपुरा स्थित जिस मकान पर पुलिस ने धावा बोला, वह बाहर से एक सामान्य घर की तरह दिखता था, लेकिन अंदर गुनाह की महफिल सजी थी। जैसे ही पुलिस फोर्स ने मकान का दरवाजा खुलवाया और अंदर प्रवेश किया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भारी खलबली मच गई।
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मकान के अलग-अलग कमरों में युवक और युवतियां मौजूद थे, जिनमें से कुछ बेहद आपत्तिजनक और संदिग्ध हालत में पाए गए। अचानक भारी पुलिस बल को अपने सामने देखकर आरोपी युवक और युवतियां अपने चेहरे छुपाने लगे और वहां से भागने का रास्ता तलाशने लगे। लेकिन पुलिस ने मकान के सभी निकास द्वारों को पहले ही सील कर दिया था। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की मदद से पूरे मकान की सघन तलाशी ली गई और वहां से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
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7 युवतियां और 2 युवक पुलिस की गिरफ्त में; नाबालिग भी शामिल छापेमारी के दौरान पुलिस ने मकान के अंदर से कुल 7 युवतियों और 2 युवकों को मौके से हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौके पर कुछ और लोग भी मिले हैं, जिन्हें प्रथम दृष्टया नाबालिग बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन नाबालिगों को अन्य आरोपियों से अलग रखा गया है और बाल कल्याण समिति (CWC) के नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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हिरासत में ली गई युवतियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस अब इन युवतियों के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें थाने बुलाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इन युवतियों को जबरन इस दलदल में धकेला गया था या वे अपनी मर्जी से इस धंधे में शामिल थीं। वहीं, पकड़े गए युवकों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
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ऑपरेशन का मास्टरमाइंड: शगुफ्ता और व्हाट्सएप का डिजिटल नेटवर्क पुलिस की गहन छानबीन और पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) के कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। एडिशनल एसपी नवीना शुक्ला ने बताया कि यह मकान इरशाद पठान का है और उसकी पत्नी शगुफ्ता इस पूरे देह व्यापार के धंधे की मुख्य संचालिका (किंगपिन) की भूमिका निभा रही थी।
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पूछताछ में यह बात निकलकर आई है कि शगुफ्ता ने देह व्यापार को एक संगठित 'डिजिटल बिजनेस' का रूप दे दिया था। उसने ग्राहकों और दलालों के लिए कई सारे सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp Groups) बनाए हुए थे। जब भी कोई ग्राहक संपर्क करता था, तो उसे इन ग्रुप्स या पर्सनल चैट के माध्यम से युवतियों के फोटो एक कैटलॉग की तरह भेजे जाते थे। फोटो पसंद आने के बाद रेट तय किया जाता था और फिर ग्राहक को भटीपुरा स्थित इस मकान पर बुलाया जाता था। शगुफ्ता के संपर्क में शहर के कई अन्य दलाल भी थे, जो कमीशन बेसिस पर उसे ग्राहक लाकर देते थे।
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ग्राहक मजीद और दलाल साहिल रंगे हाथों गिरफ्तार एडिशनल एसपी नवीना शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि मौके से कुल पांच बालिग युवतियों, एक ग्राहक और एक दलाल को रंगे हाथों दबोचा गया है। गिरफ्तार किए गए ग्राहक की पहचान मजीद के रूप में हुई है, जो मेरठ के ही देहलीगेट इलाके का निवासी है। वहीं, युवतियों की सौदेबाजी करने वाले दलाल की शिनाख्त रेलवे रोड निवासी साहिल के रूप में हुई है।
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पुलिस ने इन दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं, जिनसे इस रैकेट से जुड़े कई अन्य दलालों, ग्राहकों और व्हाट्सएप ग्रुप्स की लंबी फेहरिस्त मिलने की उम्मीद है। पुलिस की साइबर सेल अब इन मोबाइल फोन्स का डेटा रिकवर कर रही है। पकड़े गए दोनों आरोपियों (मजीद और साहिल) को मंगलवार (आज) को कड़ी सुरक्षा के बीच माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से पुलिस उनकी रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।
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सीसीटीवी से निगरानी करता था इरशाद पठान, पीछे के रास्ते से हुआ फरार इस रैकेट का सबसे शातिर दिमाग मकान मालिक इरशाद पठान (शगुफ्ता का पति) था। वह पुलिस की रेड से बचने के लिए बेहद हाई-टेक तरीके इस्तेमाल करता था। एडिशनल एसपी ने बताया कि इरशाद पठान ने अपने घर के बाहर, गली के रास्तों और मुख्य दरवाजों पर कई उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए हुए थे।
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वह घर के अंदर बैठे-बैठे एक मॉनिटर के जरिए गली की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखता था। यही कारण था कि पिछले काफी समय से जब भी पुलिस या कोई अनजान व्यक्ति उस गली में आता था, तो वह सीसीटीवी में देखकर सतर्क हो जाता था और पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो जाता था।
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लेकिन इस बार पुलिस ने उसकी इस चाल को मात देने के लिए एक नई और गुप्त योजना के तहत सादे कपड़ों में और बिना किसी शोर-शराबे के दबिश दी। हालांकि, रेड के दौरान जब पुलिस ने दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो उस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर शातिर इरशाद पठान (जिसे स्थानीय लोग इरशाद पहलवान के नाम से भी जानते हैं) मकान के पिछले गुप्त दरवाजे से छलांग लगाकर भागने में कामयाब हो गया।
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आगे की कार्रवाई और पुलिस की सख्ती फिलहाल, फरार इरशाद पठान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं जो उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिहायशी इलाकों में किस तरह से डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग करके अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। मेरठ पुलिस प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शहर में अनैतिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। मकान मालिकों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने किरायेदारों का उचित पुलिस वेरिफिकेशन कराएं और यदि किसी भी रिहायशी मकान में ऐसी गतिविधियां पाई गईं, तो संपत्ति के मालिक के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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