मेरठ में पूर्व BJP नेता विकुल चपराणा द्वारा कपड़ा कारोबारी सत्यम रस्तोगी से राज्यमंत्री का नाम लेकर नाक रगड़वाने और सरेआम माफी मंगवाने के बहुचर्चित मामले में आखिरकार समझौता हो गया है। गुरुवार देर शाम सर्किट हाउस में BJP के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर शांति वार्ता कराई और लिखित समझौतानामा (Settlement Agreement) पर हस्ताक्षर करा दिए। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब इस घटना के कारण गुर्जर वर्सेस वैश्य की खाई बढ़ने से पार्टी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े राजनीतिक नुकसान की आशंका थी।READ ALSO:-सहारनपुर में एक हफ्ते में 3 बच्चियों से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: 'फिल्मी अंदाज' में शिकार करता था सलमान उर्फ सल्लू, 60 CCTV फुटेज से खुला राज
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19 अक्टूबर का वायरल कांड
\r\n\r\nयह पूरा विवाद 19 अक्टूबर को मेरठ के तेजगढ़ी चौराहे के पास राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के कार्यालय के नीचे शुरू हुआ था।
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- \r\n घटना: विकुल चपराणा ने अपने साथियों के साथ मिलकर कपड़ा कारोबारी सत्यम रस्तोगी को अपमानित किया था।\r\n \r\n
- \r\n आरोप: सत्यम रस्तोगी से जबरन नाक रगड़वाई गई और सरेआम माफी मंगवाई गई। इस दौरान विकुल चपराणा ने राज्यमंत्री का नाम लेकर उसे डराया-धमकाया था।\r\n \r\n
- \r\n राजनीतिक असर: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद BJP की किरकिरी हुई। विकुल चपराणा को तत्काल किसान मोर्चा के पद से हटा दिया गया और पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था।\r\n \r\n
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सभी पक्षों की सहमति से हुआ समझौता
\r\n\r\nगुरुवार को सर्किट हाउस में हुई बैठक में सत्यम रस्तोगी के पिता, विकुल चपराणा के मामा रणपाल, हैप्पी भड़ाना के चाचा पार्षद भारत भड़ाना, तथा सुबोध और आदेश के परिजन शामिल हुए।
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- \r\n समझौते के मुख्य बिंदु:\r\n\r\n
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- \r\n दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे इस मामले में आगे कोई एक्शन नहीं चाहते हैं।\r\n \r\n
- \r\n रंगदारी की धाराएं गलत: सत्यम रस्तोगी के पिता ने एसएसपी के नाम एक एफिडेविट भी तैयार कराया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि मुकदमे में जोड़ी गई रंगदारी और धमकाने की धाराएं गलत हैं और उन्हें हटाया जाना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n कानूनी कार्रवाई से इंकार: सत्यम रस्तोगी और उनके परिवार ने भविष्य में किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया है।\r\n \r\n
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- \r\n जेल से रिहाई: समझौते के बाद अब विकुल चपराणा और उनके साथियों के 3 नवंबर को जेल से बाहर आने की उम्मीद है। वे सभी अभी न्यायिक हिरासत में मेरठ जेल में बंद हैं।\r\n \r\n
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पुलिसकर्मी सस्पेंड, पार्टी की भूमिका
\r\n\r\nइस पूरे मामले में मेडिकल थाना प्रभारी शीलेष को सस्पेंड कर दिया गया था, जबकि चौकी प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। उनकी लापरवाही उजागर हुई थी क्योंकि यह घटना पुलिस की उपस्थिति में हुई थी।
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- \r\n समझौते की पटकथा: पहले आरोपियों के खिलाफ रासुका (NSA) लगाने की मांग करने वाले BJP के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने ही अब इस समझौते की पटकथा लिखी।\r\n \r\n
- \r\n उद्देश्य: इस समझौते का मुख्य उद्देश्य गुर्जर वर्सेस वैश्य की बढ़ती जातीय खाई को पाटना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में BJP के वोटों को बंटने से रोकना था।\r\n \r\n
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अब पटाक्षेप
\r\n\r\nसमझौते के बाद गुर्जर नेताओं ने काजीपुर में आयोजित पंचायत के दौरान दर्ज हुए मुकदमे (बिना अनुमति पंचायत और भड़काऊ पोस्ट) को खत्म करने की मांग की है। BJP के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में हुए इस समझौते को इस अपमानजनक कांड का 'पटाक्षेप' माना जा रहा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.