मेरठ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान लगातार जारी है। राज्य में अपराधियों के भीतर खाकी का खौफ इस कदर है कि वे अपनी जान बचाने के लिए उत्तर प्रदेश की सीमाएं छोड़कर दूसरे राज्यों में पनाह ले रहे हैं। लेकिन यूपी पुलिस भी इन अपराधियों को पाताल से ढूंढ निकालने का संकल्प ले चुकी है। इसी कड़ी में मेरठ पुलिस को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है।READ ALSO:-मेरठ में दिल दहलाने वाली वारदात: दूसरी औरत के प्यार में अंधा हुआ पति, 26 साल की बीवी का पेपर कटर से रेता गला; खून से सनी मिली लाश
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पिछले 8 महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश इंतजार उर्फ मोटा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी कोई आम गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कई हफ्तों की कड़ी मेहनत, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और कई राज्यों में की गई छापेमारी शामिल है। आरोपी को गुजरात के अहमदाबाद शहर से ट्रांजिट रिमांड पर मेरठ लाया गया है।
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कौन है 50 हजार का इनामी इंतजार उर्फ मोटा?

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गिरफ्तार किए गए अपराधी का नाम इंतजार है, लेकिन अपराध की दुनिया में उसे 'मोटा', 'खली' और 'पहलवान' जैसे खौफनाक नामों से जाना जाता है। उसके पिता का नाम पीरू है। इंतजार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपने आपराधिक नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
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अपराधिक कुंडली और संगीन धाराएं: पुलिस रिकॉर्ड और एफआईआर (FIR) के पन्नों को पलटें तो इंतजार का एक लंबा आपराधिक इतिहास है। वह कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि एक शातिर और पेशेवर अपराधी है।
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    संगीन अपराध: उस पर हत्या (Murder), डकैती (Dacoity), लूट (Robbery) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसे बेहद गंभीर अपराधों के करीब 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
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    गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई: अपराधों की गंभीरता को देखते हुए उस पर पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' (Gangster Act) के तहत भी कार्रवाई की हुई थी।
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    वांछित जिले: यह खूंखार अपराधी केवल मेरठ ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद और बागपत जैसे सीमावर्ती जिलों के विभिन्न थानों में भी लंबे समय से वांछित था।
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    इनाम की घोषणा: लगातार फरार चलने और अदालत में पेश न होने के कारण, आईजी (IG) मेरठ परिक्षेत्र द्वारा इस अपराधी पर 50,000 रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया गया था।
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मैसूर से लेकर अहमदाबाद तक: पुलिस और अपराधी के बीच शह-मात का खेल

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इंतजार उर्फ मोटा को पकड़ना मेरठ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था और हर कुछ दिनों में अपनी लोकेशन बदल रहा था। पश्चिमी यूपी में पुलिस की सख्ती और एनकाउंटर के डर से वह राज्य छोड़कर भाग गया था।
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इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस ने खोला राज: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों के बाद लोहियानगर पुलिस, एसओजी (Special Operations Group) और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त रणनीति बनाई। पुलिस ने इंतजार के रिश्तेदारों, उसके पुराने साथियों और उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नेटवर्क्स पर पैनी नजर रखनी शुरू की।
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सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को सबसे पहले इस अपराधी की भनक दक्षिण भारत में लगी। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि इंतजार अपनी पहचान छिपाकर कर्नाटक के मैसूर (Mysore) में छिपा हुआ है। पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत मैसूर के लिए उड़ान भरी, लेकिन इंतजार पुलिस की आहट पाते ही वहां से भी रफूचक्कर हो गया।
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अहमदाबाद में मिला नया ठिकाना: मैसूर से भागने के बाद इंतजार ने अपनी लोकेशन पूरी तरह बदल ली। लेकिन यूपी पुलिस की सर्विलांस टीम ने हार नहीं मानी। लगातार डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने के बाद पता चला कि वह कर्नाटक से भागकर प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात पहुंच गया है। उसकी नई लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद शहर में ट्रेस की गई।
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तड़के 3:30 बजे की 'सर्जिकल स्ट्राइक': कैसे बिछाया गया जाल?

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जैसे ही पुलिस को अहमदाबाद की पक्की लोकेशन मिली, बिना कोई समय गंवाए मेरठ पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम के जांबाजों ने गुजरात के लिए कूच किया।
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दिनांक 30 अप्रैल 2026 की रात, जब पूरा अहमदाबाद शहर गहरी नींद में सो रहा था, मेरठ पुलिस अपनी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद थी। पुलिस टीम ने अहमदाबाद के थाना दनिलिमडा इलाके के मोहल्ला जमालपुर में गुपचुप तरीके से घेराबंदी शुरू की।
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रात के ठीक 03:30 बजे पुलिस ने उस ठिकाने पर दबिश दी जहां इंतजार उर्फ मोटा छिपा हुआ था। इससे पहले कि वह संभल पाता या भागने का कोई प्रयास करता, पुलिस के हथियारों से लैस टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा। 8 महीने की लुकाछिपी का यह खेल उस रात 3:30 बजे आखिरकार खत्म हो गया।
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एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का आधिकारिक बयान

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इस अहम गिरफ्तारी पर मीडिया को संबोधित करते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया, "वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कुशल निर्देशन में जनपद में अपराधियों, खासकर इनामी बदमाशों की रोकथाम और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष और सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत लोहियानगर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम को यह शानदार सफलता मिली है।"
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एसपी सिटी ने आगे कहा, "आरोपी इंतजार पुत्र पीरू एक शातिर अपराधी है जो लंबे समय से चोरी, लूट, और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देकर फरार चल रहा था। इसके पकड़े जाने से क्षेत्र में अपराधों में निश्चित रूप से कमी आएगी। हमारी टीम ने बहुत ही पेशेवर तरीके से गुजरात पुलिस के समन्वय के साथ इस अपराधी को गिरफ्तार किया है।"
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ट्रांजिट रिमांड पर मेरठ लाया गया अपराधी

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गुजरात में गिरफ्तारी के बाद, मेरठ पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अहमदाबाद की स्थानीय अदालत में आरोपी को पेश किया। वहां से अदालत ने पुलिस को आरोपी की ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) दे दी।
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ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच इंतजार उर्फ मोटा को उत्तर प्रदेश के मेरठ लाया गया है। अब मेरठ पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसके इस आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और पिछले 8 महीनों की फरारी के दौरान उसने किन-किन लोगों से आर्थिक और लॉजिस्टिक (Logistic) मदद ली थी। इसके अलावा, उसके पास से कोई हथियार या लूटा गया सामान बरामद होता है या नहीं, यह भी जांच का अहम विषय है। पूछताछ के बाद आरोपी को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया जाएगा।
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इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने किया यह कारनामा

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किसी भी बड़े अपराधी की गिरफ्तारी के पीछे कुछ ऐसे चेहरे होते हैं जो दिन-रात एक करके इस सफलता को संभव बनाते हैं। इंतजार उर्फ मोटा जैसे खूंखार इनामी को 8 महीने बाद गुजरात से ढूंढ निकालने में जिस टीम ने मुख्य भूमिका निभाई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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    उनि. (Sub-Inspector) सत्येन्द्र कुमार - थाना लोहियानगर
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    हैड कांस्टेबल (HC) नवनीत सिंह - थाना लोहियानगर
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    हैड कांस्टेबल (HC) कुमरवीर सिंह - थाना लोहियानगर
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    हैड कांस्टेबल (HC) अब्दुल कासिम - स्वाट (SWAT) टीम
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    कांस्टेबल (Constable) चन्द्रप्रकाश - स्वाट (SWAT) टीम
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50 हजार के इनामी इंतजार उर्फ मोटा की गिरफ्तारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम करने की दिशा में मेरठ पुलिस का एक बड़ा और सराहनीय कदम है। यह घटना अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि वे चाहे राज्य की सीमाएं लांघ लें या भेष बदल लें, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाएंगे। आम जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई की भरपूर सराहना की है, जिससे पुलिस प्रशासन का मनोबल भी ऊंचा हुआ है।
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