मेरठ (Meerut News): मेरठ वासियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आपको हाउस टैक्स (House Tax) जमा करने या बिल में गड़बड़ी ठीक कराने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मेरठ नगर निगम (Meerut Nagar Nigam) ने अपनी गृहकर व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।READ ALSO:-जमीन-मकान की रजिस्ट्री में अब नहीं चलेगा 'फर्जीवाड़ा', 1 फरवरी से नियम बदले; अंगूठा और आधार e-KYC बिना नहीं होगा बैनामा
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नगर आयुक्त सौरभ गंगवार (Saurabh Gangwar) की पहल पर जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिससे भवन स्वामी अपने मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए गृहकर का पूरा विवरण देख सकेंगे। इतना ही नहीं, अगर आपको लगता है कि आपका बिल गलत आया है, तो आप घर बैठे ही ऑनलाइन आपत्ति (Online Objection) भी दर्ज करा सकेंगे।
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पारदर्शिता के साथ तकनीक का संगम
\r\n\r\nनई व्यवस्था के तहत, नगर निगम अपने 'प्रापर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम' (Property Tax Management System) को आम जनता के लिए खोलने जा रहा है। अब तक लोग केवल बिल की राशि देख पाते थे, लेकिन अब उन्हें यह भी पता चलेगा कि उनका टैक्स किस आधार पर तय किया गया है।
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नई प्रणाली की मुख्य विशेषताएं:
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- \r\n PTIN से मिलेगी पूरी जानकारी: भवन स्वामी अपना पीटीआइएन (PTIN) नंबर डालकर न केवल पिछला और वर्तमान बिल देख सकेंगे, बल्कि अपने मकान का फोटो, लोकेशन और टैक्स गणना की विधि भी देख पाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n घर बैठे आपत्ति: अगर बिल में कवर्ड एरिया या लोकेशन गलत है, तो अब बाबूओं के पास दौड़ने की जरूरत नहीं होगी। आप सीधे पोर्टल या ऐप के जरिए सबूत के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n ऑनलाइन भुगतान: ऐप और पोर्टल पर ही नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड से भुगतान की सुविधा मिलेगी। डिजिटल भुगतान करने पर करदाताओं को अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी।\r\n \r\n
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12 हजार से ज्यादा आपत्तियां, अब होगा त्वरित निस्तारण
\r\n\r\nनगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, गृहकर बिलों को लेकर शहर में काफी असंतोष था। अब तक निगम में 12 हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं। फिलहाल, इन आपत्तियों का निस्तारण 'समाधान दिवस' और विशेष कैंपों के जरिए किया जा रहा है। लेकिन नई ऑनलाइन व्यवस्था आने के बाद, आपत्तियों के निस्तारण के लिए एक समय सीमा (Time Limit) तय की जाएगी, जिससे लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
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कलर कोडिंग से पता चलेगा बकायेदारों का हाल
\r\n\r\nपारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने एक और अनोखा तरीका अपनाया है। पोर्टल पर वार्ड-वार स्थिति को रंगों (Color Coding) के जरिए दर्शाया जाएगा:
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- \r\n ग्रीन सिग्नल (Green): जिन भवन स्वामियों ने टैक्स जमा कर दिया है।\r\n \r\n
- \r\n रेड सिग्नल (Red): जो बड़े बकायेदार हैं।\r\n \r\n
- \r\n नीला सिग्नल (Blue): जिन पर सामान्य बकाया है। इससे यह साफ पता चलेगा कि किस वार्ड में कितने लोग टैक्स दे रहे हैं और कितने डिफ़ॉल्टर हैं।\r\n \r\n
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सीधे राजस्व निरीक्षक से कर सकेंगे बात
\r\n\r\nअक्सर लोगों को यह नहीं पता होता कि उनके क्षेत्र का राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) कौन है। नई व्यवस्था में पोर्टल पर ही संबंधित निरीक्षक का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध होगा, ताकि किसी भी समस्या पर सीधे उनसे संपर्क किया जा सके।
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वसूली का लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
\r\n\r\nनगर निगम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष (2025-26) के लिए 133 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा था। इसके सापेक्ष अब तक 72 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। प्रशासन को उम्मीद है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से न केवल टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी।
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नगर आयुक्त का बयान
\r\n\r\nनगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कहा, "हमारा उद्देश्य गृहकर बिलों के वितरण और आपत्ति निस्तारण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। डिजिटल माध्यम से सभी भवन स्वामियों के रिकॉर्ड को सही किया जाएगा, जिससे उन्हें टैक्स जमा करने में आसानी होगी और निगम की आय में भी सुधार होगा"।
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मेरठ नगर निगम ने हाउस टैक्स प्रणाली को हाई-टेक कर दिया है। अब पीटीआइएन (PTIN) नंबर के जरिए लोग अपने बिल का पूरा विवरण, फोटो और गणना विधि ऑनलाइन देख सकेंगे। गलत बिल होने पर घर बैठे आपत्ति दर्ज कराने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू की जा रही है। अब तक 72 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है और 12 हजार आपत्तियों का निस्तारण प्रक्रियाधीन है।
Sabse pehle comment karne wale banein.