नई दिल्ली/मेरठ: मेरठ के बहुचर्चित मेरठ असलम हत्याकांड (Meerut Aslam Murder Case) में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों के साथ दिल्ली पुलिस की एक भीषण मुठभेड़ हुई है। नौचंदी थाना क्षेत्र के जैदी फार्म में स्क्रैप कारोबारी असलम की दिनदहाड़े हत्या करने वाले तीन कुख्यात बदमाशों को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उस्मानपुर इलाके में घेर लिया।Read also:-मेरठ: 'रोहताश स्वीट्स' के साम्राज्य पर GST का सर्जिकल स्ट्राइक; 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी से मचा हड़कंप, करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका
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गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। घायलों की पहचान गैंग लीडर असद, उसके साथी आमिर उर्फ हुसैन और आहिल उर्फ जव्वाद के रूप में हुई है। इस दौरान एक पुलिस उप-निरीक्षक (दरोगा) के भी घायल होने की खबर है, जिन्हें गोली छूकर निकल गई।
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दिल्ली पुलिस ने तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया है और मेरठ पुलिस को सूचित कर दिया गया है। मेरठ पुलिस की एक विशेष टीम शनिवार को इन तीनों को रिमांड पर लेने और मेरठ लाने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है।
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 असलम हत्याकांड के बाद पुलिस को मौके से 10-12 गोलियां व उनके खोखे बरामद हुए थे। - Dainik Bhaskar

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उस्मानपुर के खादर में आधी रात को 'दंगल'

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC टीम) को खुफिया इनपुट मिला था कि मेरठ में असलम हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर दिल्ली में छिपे हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिली थी कि ये बदमाश वजीराबाद-उस्मानपुर मार्ग से गुजरने वाले हैं।
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इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने मेट्रो पिलर नंबर P-187 के पास यमुना खादर रोड पर जाल बिछाया। रात करीब 2:05 बजे एक सफेद रंग की मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। जब पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
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सूत्रों के मुताबिक, बदमाशों ने पुलिस टीम पर कई राउंड फायर किए। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो तीनों बदमाशों के पैरों में लगी। गोली लगते ही तीनों बाइक समेत गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। इनके पास से तीन सेमी-ऑटोमैटिक .32 बोर की पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की बाइक बरामद हुई है।
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मेरठ पुलिस को दिया था चकमा, देहरादून से पहुंचे दिल्ली 

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मेरठ असलम हत्याकांड के बाद से ही यूपी पुलिस की कई टीमें इन बदमाशों के पीछे लगी थीं। मेरठ पुलिस की सर्विलांस टीम को इनकी लोकेशन पहले मुजफ्फरनगर, फिर सहारनपुर और अंत में देहरादून में मिली थी। मेरठ पुलिस की एक टीम देहरादून में डेरा डाले हुए थी, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर दिल्ली में प्रवेश कर गए।
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दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) अमित गोयल और उनकी टीम ने जिस तरह से इन बदमाशों को दबोचा, वह काबिले तारीफ है। मेरठ पुलिस अब वारंट बी (Warrant B) के तहत इन तीनों को अपनी कस्टडी में लेकर मेरठ आएगी, जहां इनसे हत्या की साजिश और हथियारों की सप्लाई को लेकर पूछताछ की जाएगी।
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6 फरवरी: जब गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा था जैदी फार्म

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यह पूरी कहानी 6 फरवरी की शाम शुरू हुई थी, जब नौचंदी थाने से महज 50 कदम की दूरी पर स्थित जैदी फार्म का इलाका गोलियों की आवाज से थर्रा गया था। स्क्रैप कारोबारी असलम (35) अपने घर के पास गली नंबर-4 के बाहर अपने दोस्त शोएब के साथ खड़े होकर बात कर रहे थे।
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तभी दो स्कूटी और बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने बिना कोई मौका दिए असलम पर सीधे गोलियां बरसाईं। चार से पांच गोलियां असलम के सीने और पेट में लगीं, जिससे वह मौके पर ही खून से लथपथ होकर गिर पड़े।
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इस हमले में असलम के दोस्त शोएब के कंधे में भी गोली लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए। आनन-फानन में दोनों को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां असलम की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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खून का बदला खून: डेढ़ साल पुरानी रंजिश का खूनी खेल
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पुलिस जांच में सामने आया है कि मेरठ असलम हत्याकांड (Meerut Aslam Murder Case) की जड़ें डेढ़ साल पुरानी एक और हत्या से जुड़ी हैं। यह मामला "खून का बदला खून" की तर्ज पर अंजाम दिया गया।
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जून 2024 में अरशद नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई थी। अरशद की हत्या का आरोप असलम और उसके परिवार पर लगा था। बताया जाता है कि दो गैंग—सलमान गैंग और सारिक गैंग—के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इसी रंजिश में अरशद का मर्डर हुआ था। उस मामले में असलम जेल गया था और घटना से कुछ समय पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था।
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दिल्ली में गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी असद, मृतक अरशद का भाई है। अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए असद ने कसम खाई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि असद ने अपने साथियों आमिर और आहिल के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को रचा। वे कई दिनों से असलम की रेकी कर रहे थे और जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने उसे मौत के घाट उतार दिया।
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11 नामजद, लेकिन मुख्य आरोपी थे फरार

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असलम की मौत के बाद उसके पिता मोहम्मद इमरान ने नौचंदी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें आहद, असद, रिहान, तारिक, राशिद, शकीर, और समीर उर्फ मोटा बवानिया जैसे नाम शामिल थे।
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पुलिस पर सवाल तब उठने लगे जब घटना के कई दिनों बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर थे। पुलिस केवल समीर उर्फ मोटा बवानिया को ही गिरफ्तार कर पाई थी। मृतक के पिता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी भी जताई थी।
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अब दिल्ली पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी असद और उसके दो शूटर्स की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आमिर और आहिल का नाम शुरुआती एफआईआर के 11 लोगों में शामिल नहीं था, लेकिन पुलिस जांच और एनकाउंटर के बाद यह साफ हो गया कि ये दोनों ही असद के साथ मुख्य शूटर थे।
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पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल

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नौचंदी थाना मेरठ के सबसे व्यस्त और संवेदनशील थानों में से एक है। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर इतनी बड़ी वारदात का हो जाना पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बदमाश आए, गोलियां बरसाईं और आराम से फरार हो गए।
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इस घटना ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गैंगवार और अवैध हथियारों के नेटवर्क को उजागर किया है। जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने इनके पास से .32 बोर की पिस्तौलें बरामद की हैं, वह बताता है कि इन अपराधियों के पास हथियारों की कोई कमी नहीं थी।
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आगे क्या होगा?

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शनिवार को मेरठ पुलिस की टीम दिल्ली कोर्ट में पेशी के दौरान ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी। तीनों आरोपियों—असद, आमिर और आहिल—को कड़ी सुरक्षा के बीच मेरठ लाया जाएगा।
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पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन सवालों के जवाब ढूंढना होगी:
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    इन शूटर्स को पनाह देने वाले कौन थे?
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  3. \r\n
    हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आए?
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    क्या इस हत्याकांड में और भी लोग शामिल थे जो पर्दे के पीछे से निर्देश दे रहे थे?
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मेरठ असलम हत्याकांड (Meerut Aslam Murder Case) केवल एक हत्या नहीं, बल्कि बदले की आग में जल रहे दो परिवारों और गैंग्स की कहानी है। दिल्ली के उस्मानपुर में हुई मुठभेड़ ने इस केस को सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब देखना होगा कि मेरठ पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ में और क्या नए खुलासे करती है और क्या इस खूनी खेल पर पूर्ण विराम लग पाएगा।
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मेरठ की जनता और पीड़ित परिवार की नजरें अब न्यायपालिका और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अभी भी जैदी फार्म इलाके में पुलिस बल तैनात है।
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मेरठ के जैदी फार्म में हुए स्क्रैप कारोबारी असलम की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। उस्मानपुर में हुई मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी असद और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों पुलिस की गोली से घायल हैं। यह हत्या जून 2024 में हुए अरशद हत्याकांड का बदला बताई जा रही है। मेरठ पुलिस अब तीनों को कस्टडी में लेकर आगे की जांच करेगी।
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