उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक 25 वर्षीय युवक की उसकी ही कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए। मृतक की पहचान हापुड़ निवासी तुषार त्यागी के रूप में हुई है, और उसका कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका अपना सगा पिता सुंदर त्यागी निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी पिता और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है और इस अंधे कत्ल का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है।READ ALSO:-जवाहर इंटर कॉलेज नाला विवाद: PWD ने बिना जल निकासी खोदा नाला, स्कूल की संपति को नुकसान; कॉलेज प्रबंधन ने जताई आपत्ति
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40 बीघा जमीन बनी हत्या की मुख्य वजह

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पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह पूरी खूनी वारदात महज़ 40 बीघा जमीन के लालच और आपसी विवाद का नतीजा है। मृतक तुषार त्यागी अपने हिस्से की 40 बीघा गांव की जमीन को बेचकर अपना खुद का कोई नया बिजनेस (व्यापार) शुरू करना चाहता था। लेकिन उसका पिता सुंदर त्यागी, जो कि हापुड़ देहात थाने का एक घोषित हिस्ट्रीशीटर (History-sheeter) है, इस फैसले के सख्त खिलाफ था।
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जमीन बेचने को लेकर बाप-बेटे के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। सुंदर त्यागी परिवार से अलग रह रहा था। इसी जमीन के विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए कलियुगी पिता ने अपने ही बेटे को मौत के घाट उतारने की खौफनाक साजिश रच डाली। उत्तर प्रदेश में संपत्ति विवाद और बढ़ते पारिवारिक अपराध के मामले)
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भूख लगने का बहाना देकर घर से बुलाया

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इस मेरठ मर्डर केस में हत्यारों ने बड़ी चालाकी से वारदात को अंजाम दिया। मृतक तुषार की बहन मोना त्यागी ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात तुषार के पास किसी का फोन आया था। फोन करने वाले ने भूख लगने का हवाला दिया और तुषार से खाना लेकर आने को कहा।
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तुषार बिना किसी शक के अपनी स्कोर्पियो कार से खाना लेकर निकल गया। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि यह खाना मंगवाने का महज़ एक झांसा है और मौत उसका इंतजार कर रही है। रास्ते में पिता सुंदर त्यागी ने अपने देहरादून निवासी दोस्त अमित के साथ मिलकर तुषार को घेर लिया और उसके सिर व गर्दन में दो गोलियां दाग दीं।
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पत्नी की तहरीर और गुमराह करने वाली व्हाट्सएप कॉल

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मृतक की पत्नी शिखा त्यागी ने मंगलवार को पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिखा ने बताया कि उनके पति तुषार (निवासी गांव दोयमी, थाना देहात जिला हापुड़) सोमवार रात करीब 8 बजे घर से निकले थे। रात करीब 9 बजे तुषार ने अपनी पत्नी को एक व्हाट्सएप कॉल की और घबराते हुए बताया कि अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी और उसके कुछ अन्य साथी उसे जंगल की तरफ ले जा रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद तुषार के दोनों मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए।
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रात 11 बजे गांव के ही एक अन्य युवक क्रिश के पास बिट्टू त्यागी के नंबर से फोन आया, जिसमें कहा गया कि उसने तुषार को गोली मार दी है। परिजनों ने रात में ही तलाश शुरू की, तो पांची पुल के नीचे तुषार की स्कोर्पियो कार खड़ी मिली। कार के अंदर तुषार खून से लथपथ पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
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पुलिस की तफ्तीश: सीसीटीवी से खुला पिता का राज

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शुरुआत में मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन जब पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो कहानी पूरी तरह पलट गई।
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मेरठ देहात के एसपी अभिजीत सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि वारदात के समय मौके पर पिता सुंदर त्यागी और उसका दोस्त अमित मौजूद थे। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों मुख्य आरोपियों (सुंदर त्यागी और अमित) को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि यद्यपि मुख्य आरोपी पकड़े गए हैं, लेकिन नामजद आरोपी बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी को अभी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पुलिस इस हत्याकांड में उनकी भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।
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पुलिस चेकिंग पॉइंट के पास हुई वारदात
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यह घटना मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव पांची के सामने बने पुल के पास हुई। यह अंडरपास हादसों और आपराधिक घटनाओं के लिहाज से एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां अक्सर पुलिस चेकिंग अभियान चलाती है। हालांकि, पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सोमवार रात 9:30 से 10:00 बजे के बीच जब यह मर्डर हुआ, तब वहां पुलिस मौजूद नहीं थी। हत्यारों ने इसी बात का फायदा उठाया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
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मेरठ का यह तुषार त्यागी हत्याकांड समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और संपत्ति के लालच की एक डरावनी तस्वीर पेश करता है। जिस पिता का काम अपनी औलाद की रक्षा करना होता है, वही जब चंद बीघा जमीन के लिए उसकी जान का दुश्मन बन जाए, तो रिश्तों से भरोसा उठना लाजमी है। फिलहाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है और मामले की कानूनी कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ रही है।
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