उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे अवैध कारोबार की पोल खोलकर रख दी है। जिले के रोहटा थानाक्षेत्र (Rohta Thana Kshetra) के अंतर्गत आने वाले पूठ खास (Pooth Khas) कस्बे के मुख्य बाजार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान के भीतर तेज धमाका हुआ। यह धमाका अवैध रूप से की जा रही गैस सिलेंडर रिफिलिंग (Illegal Gas Refilling) के दौरान हुआ।READ ALSO:-कोहरे का 'ब्लैकआउट', सड़कों पर बिछी मौत की चादर; 15 जिलों में स्कूलों पर लगा ताला
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धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की दुकानें थर्रा गईं और बाजार में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इस हादसे में गैस रिफिलिंग कराने आया एक युवक बुरी तरह झुलस गया है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत यह रही कि आग ने विकराल रूप धारण नहीं किया, अन्यथा घटनास्थल पर मौजूद हालात एक बड़ी त्रासदी का संकेत दे रहे थे।
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चौधरी इलेक्ट्रॉनिक्स: बाहर बिजली का सामान, अंदर मौत का कारोबार
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रोहटा थाना क्षेत्र के पूठ खास कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित 'चौधरी इलेक्ट्रॉनिक्स' (Chaudhary Electronics) नामक दुकान पर हुई। नाम से यह दुकान बिजली के उपकरणों की थी, लेकिन इसके भीतर पर्दे के पीछे अवैध रूप से रसोई गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था।
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बताया जा रहा है कि दुकान का संचालक याकूब (Yaqoob) है, जो कि आजमपुर गांव का रहने वाला है। यह दुकान बाजार के बेहद व्यस्त इलाके में स्थित है, जहां दिनभर सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। दुकान के अंदर बड़े कमर्शियल या घरेलू सिलेंडरों से छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों में गैस पलटी जाती थी। चंद रुपयों के लालच में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर यह काम किया जा रहा था, जिसने आज एक बड़े हादसे को न्योता दे दिया।
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धमाके से थर्राया बाजार, आग का गोला बना युवक

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घटना के वक्त दुकान पर मनीष कुमार (Manish Kumar) नाम का एक युवक अपना इंडेन गैस का सिलेंडर (Indane Gas Cylinder) लेकर रिफिलिंग कराने पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुकान के भीतर अवैध तरीके से एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस ट्रांसफर की जा रही थी। इस प्रक्रिया में अक्सर नोजल से गैस लीक होती है, और आज भी कुछ ऐसा ही हुआ।
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अचानक एक चिंगारी उठी और देखते ही देखते वहां भीषण धमाका हो गया। धमाके के साथ ही आग की लपटें उठीं, जिसने सिलेंडर रिफिल कराने आए मनीष कुमार को अपनी चपेट में ले लिया। मनीष बुरी तरह झुलस गया और दर्द से चीखने लगा। धमाके की आवाज सुनकर बाजार में मौजूद लोग दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
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बाल-बाल बचा पूरा बाजार, खौफनाक था मंजर

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इस घटना ने पूठ खास बाजार को दहला कर रख दिया है। मौके पर मौजूद लोगों और पड़ोसी दुकानदारों का कहना है कि आज भगवान ने ही सबको बचा लिया, वरना जो मंजर था, उसे सोचकर ही रूह कांप जाती है।
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पड़ोसी दुकानदार मोहित की आंखों देखी: घटनास्थल के पास ही दुकान चलाने वाले मोहित ने उस खौफनाक पल का जिक्र करते हुए बताया, "हम अपनी दुकानों पर काम कर रहे थे कि अचानक चौधरी इलेक्ट्रॉनिक्स से तेज धमाके की आवाज आई और आग की लपटें दिखाई दीं। वहां अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा इतना खतरनाक था कि हम बयां नहीं कर सकते।"
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मोहित ने एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी जानकारी दी। उन्होंने बताया, "दुकान के अंदर जहां यह रिफिलिंग हो रही थी, वहां पहले से ही 8 से 10 भरे हुए और खाली सिलेंडर रखे हुए थे। अगर आग उन सिलेंडरों तक पहुंच जाती, तो एक के बाद एक कई धमाके होते। इससे भी भयानक बात यह थी कि ठीक दुकान के बिल्कुल सामने सड़क पर भरे हुए गैस सिलेंडरों की एक पूरी गाड़ी (ट्रक/पिकअप) खड़ी थी। अगर दुकान के अंदर का धमाका थोड़ा और बड़ा होता और उसकी लपटें बाहर खड़ी गाड़ी तक पहुंच जातीं, तो पूरा पूठ खास बाजार ब्लास्ट हो जाता और न जाने कितनी जानें जातीं। यह किस्मत थी कि एक बहुत बड़ी त्रासदी टल गई।"
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झुलसे युवक की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती

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धमाके के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की और बुरी तरह झुलसे हुए मनीष कुमार को दुकान से बाहर निकाला। उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। स्थानीय लोगों की मदद से उसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक का शरीर काफी हद तक जल चुका है।
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भीड़ का गुस्सा और प्रशासन पर सवाल

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घटना की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों में दुकानदार याकूब और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। सूचना मिलते ही रोहटा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला।
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पड़ोसियों की मांग - शहर से बाहर हों ऐसी दुकानें: हादसे के बाद पड़ोसी दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में इस तरह ज्वलनशील पदार्थों का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और पुलिस व आपूर्ति विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती।
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स्थानीय लोगों ने गुस्से में कहा, "अगर सिलेंडर बेचना और रिफिलिंग करना है, तो ऐसी दुकानें शहर या आबादी वाले क्षेत्र से बाहर होनी चाहिए। घनी आबादी के बीच बारूद का यह ढेर कभी भी फट सकता है। सरकार और प्रशासन को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। आज तो यह एक 'छोटा' हादसा लग रहा है क्योंकि केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है, लेकिन जो स्थितियां थीं, उनमें सैकड़ों लोग मारे जा सकते थे। क्या प्रशासन किसी बड़ी लाशें बिछने का इंतजार कर रहा है?"
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अवैध रिफिलिंग: चंद रुपयों के लिए जान से खिलवाड़

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मेरठ ही नहीं, बल्कि देश के कई छोटे कस्बों और शहरों में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा एक बड़ी समस्या बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें, परचून की दुकानें या सुनसान इलाकों में बने गोदाम अक्सर इस अवैध कारोबार के अड्डे बन जाते हैं।
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यहां बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, जुगाड़ के नोजल और पाइपों के जरिए बड़े सिलेंडरों (जो अक्सर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर होते हैं) से गैस निकालकर छोटे 5 किलो के सिलेंडरों में भरी जाती है। इस प्रक्रिया में गैस लीकेज का खतरा बहुत ज्यादा होता है। जरा सी चिंगारी, जैसे कि बिजली का स्विच ऑन-ऑफ करना या बीड़ी-सिगरेट जलाना, एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। पूठ खास की घटना इसी लापरवाही का एक और उदाहरण है।
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पुलिस की कार्रवाई का इंतजार

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फिलहाल, रोहटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुकान संचालक याकूब के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस और प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए क्षेत्र में चल रहे ऐसे अन्य अवैध रिफिलिंग सेंटरों पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि थोड़ी सी लालच और लापरवाही किस तरह सैकड़ों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।
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