मेरठ (क्राइम डेस्क):
\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से अपराध का एक ऐसा हैरान कर देने वाला और दुस्साहसिक मामला सामने आया है, जिसे सुनकर असली पुलिस के भी होश उड़ गए। अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि अपराधी पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन मेरठ में अपराधियों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए अपनी खुद की एक 'फर्जी पुलिस चौकी' ही खोल डाली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह फर्जी पुलिस चौकी असली थाने (ब्रह्मपुरी थाना) से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर धड़ल्ले से संचालित हो रही थी।READ ALSO:-ज्ञान और तर्क के महासंग्राम में पिथौरागढ़ की शानदार जीत: आर्मी पब्लिक स्कूल मेरठ में 'सेंट्रल कमांड नॉलेज कॉन्क्लेव 2026' का भव्य आयोजन
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस फर्जी चौकी का इस्तेमाल लोगों को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें 'हनी ट्रैप' (Honey Trap) में फंसाकर, डरा-धमकाकर और ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने के लिए किया जा रहा था। मेरठ पुलिस ने एक पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गैंग का पर्दाफाश किया है और मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके दो अन्य साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
\r\n\r\n

 यह वही मकान है, जहां फर्जी पुलिस चौकी चल रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

अपराध का तरीका (Modus Operandi): लड़की बनकर बिछाते थे जाल

\r\n\r\n
इस गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर और खौफनाक थी। आरोपियों ने आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का भरपूर दुरुपयोग करते हुए अपराध का एक नया नेटवर्क तैयार किया था। इस गैंग के सदस्य इंटरनेट और विभिन्न डेटिंग या चैटिंग ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    लड़की बनकर चैटिंग (The Hook): गैंग के सदस्य खुद को एक आकर्षक लड़की बताकर सीधे-साधे और अमीर युवकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। मीठी-मीठी बातों से वे शिकार का भरोसा जीतते थे।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    अश्लील वीडियो कॉल (The Trap): दोस्ती गहरी होने के बाद, ये शातिर अपराधी युवकों को अश्लील चैटिंग और न्यूड वीडियो कॉल (Nude Video Call) करने के लिए उकसाते थे। जैसे ही पीड़ित वीडियो कॉल पर आता, वे स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लेते थे।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    फर्जी दरोगा बनकर धमकी (The Extortion): वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद असली खेल शुरू होता था। आरोपी अपना रूप बदलकर खुद को पुलिस इंस्पेक्टर या दरोगा बताते थे। वे पीड़ित को फोन कर धमकाते थे कि उनके खिलाफ महिला ने बलात्कार या छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। बदनामी और जेल के डर से पीड़ित घबरा जाते थे।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

डर का मनोवैज्ञानिक खेल: असली जैसी दिखने वाली 'फर्जी पुलिस चौकी'

\r\n\r\n
जब कोई पीड़ित आसानी से पैसे देने को तैयार नहीं होता था या मामले को रफा-दफा करने की गुहार लगाता था, तो गैंग उसे अपनी 'फर्जी पुलिस चौकी' में तलब करता था। पुलिस ने जब शनिवार सुबह 11:30 बजे इस ठिकाने पर छापेमारी की, तो कमरे के अंदर का नजारा देखकर खुद जांच अधिकारी भी दंग रह गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अपराधियों ने एक आम से कमरे को बिल्कुल एक असली पुलिस चौकी का रूप दे दिया था ताकि आने वाले पीड़ित के मन में पुलिस का खौफ पैदा किया जा सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    टेबल-कुर्सी का सेटअप: कमरे में एक बड़ी मेज और पुलिस अधिकारी की कुर्सी लगाई गई थी, जिस पर 'फर्जी दरोगा' बैठता था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तस्वीरें और माहौल: पुलिस के रौब को असली दिखाने के लिए कुर्सी के ठीक पीछे दीवार पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगाई गई थीं, जैसा कि अमूमन हर सरकारी कार्यालय और पुलिस स्टेशन में होता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    वर्दी और उपकरण: मौके से पुलिस की असली जैसी दिखने वाली वर्दी, डंडे और चौकी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण व रजिस्टर बरामद हुए हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कैसे हुआ भंडाफोड़? पीड़ित 'नीरज' की हिम्मत आई काम

\r\n\r\n
इस पूरे काले कारोबार का भंडाफोड़ तब हुआ जब 31 जुलाई को नीरज नाम का एक पीड़ित युवक हिम्मत जुटाकर असली पुलिस के पास पहुंचा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नीरज ने ब्रह्मपुरी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई कि कुछ पुलिसवाले उसे एक झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहे हैं। नीरज ने बताया कि दरोगा और सिपाही ने उससे मोटी रकम की मांग की है और उसे एक विशेष चौकी पर बुलाया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जब पुलिस अधिकारियों ने नीरज द्वारा बताई गई 'पुलिस चौकी' का नाम और पता अपने आधिकारिक रिकॉर्ड (Police Records) में चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। मेरठ पुलिस के नक्शे और रिकॉर्ड में उस इलाके में ऐसी किसी पुलिस चौकी का कोई वजूद ही नहीं था। मामले की गंभीरता को समझते हुए, पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और पूरे मामले की खुफिया जांच शुरू कर दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की छापेमारी और अधिकारियों का बयान

\r\n\r\n
शनिवार (01 अगस्त) को सुबह 11:30 बजे ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस टीम ने पूरी तैयारी के साथ बताए गए ठिकाने पर अचानक छापेमारी की। मौके पर फर्जी दरोगा और सिपाही बनकर बैठे दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एसपी सिटी मेरठ, विनायक गोपाल भोंसले ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए मीडिया को जानकारी दी:
\r\n\r\n
\r\n
"ब्रह्मपुरी थाने में 31 जुलाई को नीरज नाम के युवक ने ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि आरोपी खुद ही लड़की बनकर युवकों से बात करते थे और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें फंसाते थे। इसके बाद फर्जी शिकायत तैयार कर उन्हें अपनी 'फर्जी पुलिस चौकी' बुलाते थे। पुलिस ने छापेमारी कर राहुल पाल और आकाश नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सोशल मीडिया पर फर्जी पुलिस चौकी चलाए जाने की अफवाहें गलत हैं, बल्कि यह एक कमरे के अंदर बनाया गया फर्जी सेटअप था।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रॉपर्टी के घाटे से अपराध की दुनिया तक का सफर

\r\n\r\n
गिरफ्तार किए गए आरोपियों (राहुल पाल और आकाश) से पुलिस की कड़ी पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी पहले रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हाल ही में प्रॉपर्टी के व्यापार में उन्हें भारी नुकसान (Financial Loss) का सामना करना पड़ा था। अपने घाटे की भरपाई करने और कम समय में रातों-रात अमीर बनने की चाहत में उन्होंने अपराध का शॉर्टकट चुना। उन्होंने 'हनी ट्रैप' और 'ब्लैकमेलिंग' के इस अचूक और खतरनाक तरीके को अपनाया। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों (Bank Accounts) की भी गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक कितने मासूम लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितने रुपयों की अवैध वसूली की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मामले के मुख्य बिंदु (Case Highlights at a Glance)

\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
विवरण
\r\n
\r\n
जानकारी
\r\n
\r\n
थाना क्षेत्र
\r\n
\r\n
ब्रह्मपुरी थाना, मेरठ (UP)
\r\n
\r\n
अपराध का प्रकार
\r\n
\r\n
हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, फर्जी पुलिस अधिकारी बनना
\r\n
\r\n
गिरफ्तार आरोपी
\r\n
\r\n
राहुल पाल और आकाश (2 आरोपी)
\r\n
\r\n
फरार आरोपी
\r\n
\r\n
2 अन्य साथियों की तलाश जारी
\r\n
\r\n
बरामदगी
\r\n
\r\n
पुलिस की वर्दी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी रजिस्टर
\r\n
\r\n
मुख्य शिकायतकर्ता
\r\n
\r\n
नीरज (31 जुलाई को शिकायत दर्ज)
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की अपील:

\r\n\r\n
मेरठ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों, खासकर लड़कियों के नाम से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ वीडियो कॉल पर निजी या आपत्तिजनक स्थिति में न आएं। यदि कोई खुद को पुलिसकर्मी बताकर फोन पर रुपयों की मांग करता है, तो डरे नहीं, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराएं। सतर्कता ही साइबर और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
विज्ञापन
विज्ञापन