मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोमवार की सुबह कानून के उस सख्त रूप की गवाह बनी, जिसका इंतजार हर किसी को था। 7 साल की मासूम से गैंगरेप के 25 हजार के इनामी हैवान शहजाद उर्फ निक्की (34) को मेरठ पुलिस ने सरुरपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में एक तेज-तर्रार मुठभेड़ में मौत की नींद सुला दिया। यह एक्शन उस घटना के ठीक 30 घंटे बाद हुआ जब शहजाद ने जमानत पर बाहर आकर पीड़िता के घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। लेकिन इस कहानी का सबसे मार्मिक और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब उसके खुद के मां-बाप ने उसकी लाश लेने से साफ इनकार कर दिया।READ ALSO:-मेरठ: नेक्सा शोरूम पर किसानों का महाधरना! 4 लाख एडवांस देकर भी बेटी की शादी की गाड़ी गायब, जमकर हुआ हंगामा
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"पुलिस ही दफना दे, हमारा कोई वास्ता नहीं" - परिवार ने तोड़ा नाता
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जब पुलिस शहजाद के एनकाउंटर की खबर लेकर उसके घर पहुंची तो उसके पिता रहीसुद्दीन और मां नसीमा का जवाब सुनकर सब सन्न रह गए। पिता ने कहा, "मैं पुलिस को शुक्रिया कहता हूं कि वो मर गया। न वो मेरा बेटा है, न मैं उसका बाप हूं। मेरे लिए वो 15 साल पहले ही मर चुका था। हमने उसे बेदखल कर दिया था। उसे उसके कर्मों की सजा मिली है। पुलिस ही उसको लावारिस में दफना दे, हमें ऐसे दरिंदे बेटे से कोई मतलब नहीं है।"
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पिता ने बताया कि शहजाद बचपन से ही आपराधिक दिमाग का था। 19 साल की उम्र में शादी कराई तो पत्नी 3 महीने में ही तलाक लेकर चली गई। पिछले 15 सालों से परिवार ने उसकी शक्ल तक नहीं देखी थी।
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पीड़िता के घर फायरिंग बनी मौत का कारण
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रविवार, 12 अक्टूबर की आधी रात को शहजाद ने बहसूमा में रेप पीड़िता के घर जाकर दो राउंड फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना ने पुलिस के लिए सीधी चुनौती पेश की। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने तुरंत SOG समेत कई टीमों को उसकी तलाश में लगा दिया। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे, जब शहजाद बाइक से भाग रहा था, तो सरुरपुर मोड़ पर पुलिस ने उसे घेर लिया। खुद को फंसा देख उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली सीधे उसके सीने में लगी और वहीं ढेर हो गया।
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प्रोफाइल ऑफ अ मॉन्स्टर: जेल से छूटते ही की थी दरिंदगी
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शहजाद का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक है:
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    मोडस ऑपरेंडी: वह छोटी बच्चियों को चॉकलेट-टॉफी का लालच देकर अपनी हवस का शिकार बनाता था।
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    जेल से रिहाई और फिर गैंगरेप: इसी साल 20 जनवरी को वह जेल से छूटा था। बाहर आने के महज़ 5 दिन बाद, 25 जनवरी को उसने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर 7 साल की बच्ची को 20 रुपये का लालच देकर गन्ने के खेत में ले जाकर गैंगरेप किया।
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    आपराधिक इतिहास: उस पर चोरी, छेड़छाड़, रेप और पॉक्सो एक्ट के 7 संगीन मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद की है।
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यह एनकाउंटर योगी आदित्यनाथ सरकार के अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक और बड़ा उदाहरण है। पिछले 8 घंटों में यह यूपी में दूसरा बड़ा एनकाउंटर है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हैं।
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