मेरठ (Meerut): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना (Meerut Crime News) सामने आई है। यहाँ सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटी की शादी तय होने की खुशी मना रहे परिवार पर ऐसा कह टूटा कि अब वहां सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा है। गांव के ही दबंग युवकों ने खेत से लौट रही मां-बेटी पर हमला बोल दिया। इस हमले में मां की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उसकी युवा बेटी को आरोपी तमंचे के बल पर अपहरण (Kidnapping) करके ले गए।READ ALSO:-यूपी मौसम: मथुरा में बिछी ओलों की सफेद चादर, काशी में टूटा 22 साल का महा-रिकॉर्ड, कोहरे और बारिश के 'डबल अटैक' से कांपा उत्तर प्रदेश; जानें अगले 72 घंटे कैसा रहेगा मौसम
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घटना के 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है।
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"हम तो शादी का मुहूर्त निकलवाने वाले थे..."

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पीड़ित पिता सत्येंद्र जाटव का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी आंखों के सामने अपनी दुनिया उजड़ते देख चुके सत्येंद्र की बातें सुनकर हर किसी का कलेजा कांप गया। उन्होंने बताया कि परिवार में जश्न का माहौल था। बेटी की शादी तय हो चुकी थी और पूरा परिवार तैयारियों में जुटा था।
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सत्येंद्र जाटव ने रुंधे गले से बताया, "हम तो खेत से आकर शादी की तारीख का मुहूर्त तय करने वाले थे, लेकिन उन दरिंदो ने हमारी खुशी को मातम में बदल दिया।"
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खेत से लौटते वक्त हुआ हमला

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जानकारी के मुताबिक, घटना उस वक्त हुई जब सत्येंद्र जाटव खेत में काम कर रहे थे। उनकी पत्नी सुनीता (45 वर्ष) और उनकी बेटी घर से उनके लिए खाना लेकर खेत पर आई थीं। खाना देने के बाद जब मां-बेटी वापस घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे गांव के ही आरोपी पारस राजपूत ने अपने साथियों के साथ उन पर धावा बोल दिया।
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आरोपियों ने पहले मां-बेटी को रोका। जब मां सुनीता ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। मां को लहूलुहान करने के बाद आरोपी उनकी बेटी को जबरन खींचकर अपने साथ ले गए।
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5 घंटे तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ती रही मां

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घटना की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची, कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे। वहां सुनीता खून से लथपथ पड़ी थीं। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
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परिजनों के अनुसार, "सुनीता को बहुत गहरी चोटें आई थीं। अधिक खून बह जाने के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई। अस्पताल में करीब 5 घंटे तक वह जिंदगी और मौत के बीच झूलती रहीं, लेकिन आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।"
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मई में बजनी थी शहनाई, अब छाया मातम

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इस घटना ने एक ऐसे परिवार को निशाना बनाया जो अपनी बेटी के हाथ पीले करने के सपने संजो रहा था। पिता ने बताया कि बेटी की शादी आने वाली 2 मई के लिए तय हो गई थी। हालांकि, परिवार चाह रहा था कि शादी थोड़ी जल्दी हो जाए, इसलिए उन्होंने अप्रैल में शादी का नया मुहूर्त निकलवाने का विचार किया था।
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सत्येंद्र बताते हैं, "आज हम पंडित जी से मिलकर अप्रैल की तारीख पक्की करने वाले थे। हमें क्या पता था कि तारीख पक्की होने से पहले ही मेरी पत्नी की अर्थी उठ जाएगी और बेटी का कोई पता नहीं चलेगा।"
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"अब हमारे पास कुछ नहीं बचा"

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वारदात के बाद से पीड़ित परिवार खौफ और गहरे सदमे में है। सत्येंद्र जाटव ने कहा, "जिस बेटी की विदाई की तैयारी पूरा परिवार कर रहा था, आज उसका अपहरण हो चुका है। मेरी बेटी को लापता हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा पाई है। अब हमारे पास जीने की कोई वजह नहीं बची।"
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गांव में तनाव, भीम आर्मी और संगठनों का जमावड़ा

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कपसाड़ गांव में हुई इस घटना ने जातीय तनाव का रूप ले लिया है। दलित समाज की बेटी के अपहरण और मां की हत्या की खबर फैलते ही भीम आर्मी (Bhim Army) और आजाद समाज पार्टी समेत कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता गांव पहुंचने लगे हैं।
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हालांकि, पीड़ित पिता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन लोगों को उनसे मिलने से रोक रहा है। उन्होंने कहा, "तमाम संगठन के लोग हमारे दुख में शामिल होने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा गांव के बाहर ही रोका जा रहा है। हमें न्याय चाहिए, लेकिन प्रशासन हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।"
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पुलिस की कार्रवाई और जांच

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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मुख्य आरोपी पारस राजपूत और उसके साथियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही लड़की को बरामद कर लिया जाएगा। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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मेरठ की यह घटना (Meerut Crime) कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार 'बेटी बचाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ दिनदहाड़े एक बेटी का अपहरण हो जाता है और उसकी मां की हत्या कर दी जाती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है। फिलहाल, कपसाड़ गांव में सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है।
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मेरठ के कपसाड़ गांव में शादी तय होने के ठीक बाद एक दलित युवती का अपहरण कर लिया गया और विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की हत्या कर दी गई। आरोपी पारस राजपूत फरार है। पिता सत्येंद्र जाटव का कहना है कि वे शादी का मुहूर्त निकलवाने वाले थे, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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