मेरठ (क्राइम रिपोर्ट डेस्क): कहते हैं कि इस दुनिया में एक मां अपने बच्चे की रक्षा के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती है, लेकिन क्या हो जब वही मां अपने बच्चे की जान की दुश्मन बन जाए? उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी मां ने अपने अवैध प्रेम प्रसंग के चलते अपने ही 7 साल के मासूम बेटे अंगदवीर की निर्ममता से हत्या करवा दी।Read also:-बिजनौर में 'सूदखोर' का खौफनाक आतंक: ब्याज के चंद रुपयों के लिए युवक का किया अपहरण, कमरे में बंद कर पीट-पीटकर की निर्मम हत्या!
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इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और जो भी इस खौफनाक हत्याकांड के बारे में सुन रहा है, उसका दिल दहल उठा है। पुलिस ने मामले की तह तक जाते हुए न सिर्फ मुख्य आरोपी प्रेमी अर्पित शर्मा को गिरफ्तार किया है, बल्कि मास्टरमाइंड मां गुरप्रीत को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड की पूरी कहानी, जिसमें साजिश, धोखा, और पुलिस की बेहतरीन तफ्तीश शामिल है।
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प्यार का अंधापन और कत्ल की खौफनाक साजिश
\r\n\r\nयह पूरी वारदात एक अवैध रिश्ते की खौफनाक परिणति है। पुलिस की तफ्तीश में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, वह यह है कि अंगदवीर की मां गुरप्रीत कौर और अर्पित शर्मा के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के साथ शादी रचाकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे। लेकिन उनके इस 'नापाक' प्यार के बीच 7 साल का मासूम अंगदवीर एक बड़ी दीवार बन रहा था।
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हत्या की मुख्य वजहें:
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- \r\n मासूम ने देख ली थी सच्चाई: पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या से ठीक दो दिन पहले मासूम अंगदवीर ने अपनी मां गुरप्रीत और उसके प्रेमी अर्पित शर्मा को एक साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। आरोपियों को डर था कि बच्चा यह बात किसी को बता सकता है।\r\n \r\n
- \r\n तलाक और बच्चे की जिम्मेदारी: गुरप्रीत का अपने पति गुरसेवक से अभी तक कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। तलाक की प्रक्रिया के बाद बेटे अंगदवीर की कस्टडी गुरप्रीत को ही मिलने वाली थी। नई जिंदगी में वह इस बच्चे को अपने साथ नहीं रखना चाहती थी और न ही उसका प्रेमी अर्पित इस बच्चे को अपनाने के लिए तैयार था।\r\n \r\n
इन्हीं कारणों के चलते गुरप्रीत के सिर पर इश्क का ऐसा भूत सवार हुआ कि उसने अपनी कोख से जन्मे बच्चे को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान अपने प्रेमी के साथ मिलकर बना डाला।
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16 जून की काली रात: कैसे दिया वारदात को अंजाम
\r\n\r\nपूरी साजिश पहले से रची जा चुकी थी। 16 जून का दिन अंगदवीर की जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ। गुरप्रीत को इस बात की पूरी जानकारी थी कि आज उसके बेटे के साथ क्या होने वाला है। योजना के अनुसार, प्रेमी अर्पित शर्मा एक वैगनआर (WagonR) कार लेकर आया।
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मासूम अंगदवीर अर्पित को पहचानता था, इसलिए वह बिना किसी डर के उसके साथ कार में बैठ गया। अर्पित कार को बहसूमा के सुनसान जंगली इलाके की तरफ ले गया। वहां ले जाकर अर्पित ने बेहद ही निर्मम तरीके से 7 साल के मासूम की गला रेतकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के दौरान अर्पित और गुरप्रीत लगातार मोबाइल फोन पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। जब अर्पित बच्चे की जान ले रहा था, तब भी कलयुगी मां फोन पर मौजूद थी और हर पल की अपडेट ले रही थी।
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ममता का दिखावा: दुनिया के सामने 'अच्छी मां' बनने का नाटक
\r\n\r\nइस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला पहलू गुरप्रीत का वह शातिराना अभिनय था, जिसने शुरुआत में पुलिस और पड़ोसियों दोनों को चकमा दे दिया था। 16 जून को जब बच्चे के लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई, तो गुरप्रीत ने एक बेबस और परेशान मां का ऐसा नाटक किया कि किसी को उस पर शक ही नहीं हुआ।
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वह जोर-जोर से रो रही थी, छाती पीट रही थी और अपने पड़ोसियों तथा रिश्तेदारों के गले लगकर बिलख रही थी। "मेरा बेटा कहां चला गया... कोई उसे ढूंढ लाओ", यह कहते हुए वह ऐसा ढोंग रच रही थी जैसे उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर एक दुखी मां के प्रति सहानुभूति जता रही थी।
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सीसीटीवी के नाम से उड़े गुरप्रीत के होश लेकिन झूठ के पैर ज्यादा लंबे नहीं होते। पुलिस इलाके की छानबीन कर रही थी। तभी किसी पुलिसकर्मी ने आकर सूचना दी कि उन्हें एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला है। इस फुटेज में अंगदवीर एक वैगनआर कार में जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा है और पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस कर लिया है तथा कार मालिक (अर्पित) को गिरफ्तार करने जा रही है।
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जैसे ही 'अच्छी मां' का ढोंग कर रही गुरप्रीत के कानों में यह बात पड़ी, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे एहसास हो गया कि उसका पाप अब दुनिया के सामने आने वाला है। घबराहट के मारे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी।
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डिजिटल सबूतों ने खोला राज: डिलीट किए गए चैट्स से हुआ पर्दाफाश
\r\n\r\nहोश में आने के बाद गुरप्रीत का पहला कदम सबूत मिटाने का था। उसे पता चल चुका था कि पुलिस जल्द ही अर्पित तक पहुंच जाएगी और उसके बाद जांच की आंच उस तक भी आएगी। इसलिए, उसने आनन-फानन में अपने मोबाइल फोन से अर्पित के साथ की गई सारी व्हाट्सएप चैटिंग, कॉल डिटेल्स और वीडियो कॉल का पूरा इतिहास (History) डिलीट कर दिया।
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लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम ने अपनी तकनीकी महारत का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पुलिस को गुरप्रीत की हरकतों पर शक हो गया था। जब पुलिस ने अर्पित और गुरप्रीत के मोबाइल फोन जब्त किए, तो तकनीकी टीम (स्वाट और साइबर सेल) ने पलक झपकते ही सारा डिलीटेड डेटा (Deleted Data) रिकवर कर लिया।
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रिकवर किए गए डेटा से जो सच सामने आया, वह दिल दहला देने वाला था:
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- \r\n 16 जून को गुरप्रीत और अर्पित के बीच दर्जनों कॉल हुए थे।\r\n \r\n
- \r\n हत्या से पहले और हत्या के बाद भी दोनों वीडियो कॉल और चैट्स पर जुड़े हुए थे।\r\n \r\n
- \r\n चैट के अंशों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि गुरप्रीत न सिर्फ इस हत्या की साज़िश में शामिल थी, बल्कि वह मुख्य सूत्रधार थी।\r\n \r\n
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पुलिस की चुस्त कार्रवाई: चंद घंटों में ही कातिल तक पहुंची पुलिस
\r\n\r\nमेरठ पुलिस ने इस मामले में तत्परता और पेशेवर तरीके का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। अंगदवीर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई थी।
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एसपी देहात अभिजीत कुमार का बयान: इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "बहसूमा थाना क्षेत्र से एक बच्चे अंगदवीर के लापता होने की सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत सर्विलांस टीम, स्वाट (SWAT) टीम और थाने की पुलिस की 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।"
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उन्होंने आगे बताया, "सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर हमने अर्पित शर्मा नामक युवक को 16 जून की रात को ही हिरासत में ले लिया था। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह अंगदवीर को कार में ले गया था और जंगल में उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। अर्पित की निशानदेही पर ही हमने मासूम बच्चे का शव बरामद किया।"
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जब जांच आगे बढ़ी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (मोबाइल डेटा) सामने आए, तो पुलिस भी हैरान रह गई। एसपी देहात ने पुष्टि की कि बच्चे की मां गुरप्रीत कौर और अर्पित के बीच गहरा प्रेम प्रसंग था और इन दोनों ने मिलकर ही इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर मां गुरप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया और अब उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
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समाज के लिए एक बड़ा सवाल: रिश्तों का कत्ल
\r\n\r\nयह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं है; यह हमारे समाज के उस पतन का संकेत है जहां वासना और स्वार्थ के आगे खून के रिश्ते भी बेमानी हो गए हैं। जिस मां को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, जब वही मां अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए एक मासूम की जिंदगी छीन ले, तो समाज की नींव हिल जाती है।
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अंगदवीर का क्या कसूर था? वह सिर्फ 7 साल का था। उसकी दुनिया उसकी मां से शुरू होकर उसी पर खत्म होती थी। लेकिन उसी मां ने उसे मौत की नींद सुला दिया। इस दर्दनाक घटना ने आस-पास के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कोई मां इतनी पत्थरदिल और क्रूर कैसे हो सकती है।
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अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इस मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और गुरप्रीत तथा अर्पित को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसे घिनौने अपराध को अंजाम देने से पहले हजार बार सोचे। मासूम अंगदवीर को इंसाफ दिलाना अब पूरी न्याय प्रणाली की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.