मेरठ (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मेरठ शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले पीएल शर्मा रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित आर्म्स गन हाउस (शस्त्र विक्रेता) पर अचानक की गई पुलिस की इस छापेमारी से पूरे बाजार और शस्त्र व्यापारी समुदाय में भारी हड़कंप मच गया है।READ ALSO:-"बिना लिखित आदेश जनता को धमका रहे कर्मचारी": मेरठ में बेगमपुल व्यापार संघ ने किया दुकानों के बाहर बिजली मीटर लगाने का कड़ा विरोध
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प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने दुकान के भीतर मौजूद सभी पुराने रिकॉर्ड, रजिस्टरों और हथियारों के मौजूदा लाइव स्टॉक की बेहद गहनता से जांच की। इस औचक और सख्त कार्रवाई के बाद मेरठ के स्थानीय शस्त्र व्यापारियों में पुलिस के प्रति भारी नाराजगी, डर और आक्रोश का माहौल स्पष्ट रूप से नज़र आ रहा है।
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भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम: ऐसे शुरू हुई कार्रवाई
\r\n\r\nमिली जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त रखी गई थी ताकि दुकानदारों को रिकॉर्ड में हेरफेर करने का कोई मौका न मिल सके। सीओ कैंट नवीना शुक्ला और एसडीएम ब्रह्मपुरी रश्मि कुमारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने अचानक पीएल शर्मा रोड पर स्थित 'केबी कोहली एंड कंपनी' (K.B. Kohli & Co.) नामक अस्त्र-शस्त्र विक्रेता की दुकान पर धावा बोल दिया।
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अधिकारियों की गाड़ियां रुकते ही पुलिस के जवानों ने दुकान को चारों तरफ से घेर लिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या अंदर से किसी के बाहर आने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया। अचानक हुई इस हलचल से पूरे पीएल शर्मा रोड का यातायात कुछ देर के लिए थम गया और आसपास के दुकानदारों में भी दहशत फैल गई।
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हथियारों के लाइव स्टॉक और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले
\r\n\r\nइस मैराथन कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने दुकान के एक-एक कोने की बारीकी से तलाशी ली।
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- \r\n लाइव स्टॉक की गिनती: दुकान में मौजूद सभी छोटे-बड़े हथियारों (जैसे- राइफल, पिस्टल, रिवॉल्वर, बंदूक आदि) के लाइव स्टॉक का मिलान सरकारी रजिस्टरों से किया गया।\r\n \r\n
- \r\n कारतूसों का हिसाब: हथियारों के साथ-साथ दुकान में मौजूद गोलियों (कारतूस) के स्टॉक की भी गिनती की गई कि कितने कारतूस आए और कितने बेचे गए।\r\n \r\n
- \r\n ग्राहकों की सूची: अधिकारियों ने इस बात की भी पूरी सूची और जानकारी जुटाई कि इस गन हाउस से हाल-फिलहाल में (विशेषकर पिछले कुछ महीनों में) हथियार कहां-कहां और किन-किन लोगों को बेचे गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n लाइसेंस सत्यापन: हथियार खरीदने वालों के लाइसेंस की वैधता और उनके पते का रिकॉर्ड भी क्रॉस-चेक करने के लिए सीज किया गया है।\r\n \r\n
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प्रशासन की इस औचक कार्रवाई की खबर आग की तरह पूरे बाजार में फैल गई। पलक झपकते ही पीएल शर्मा रोड के अन्य शस्त्र विक्रेताओं में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानों के शटर गिराने शुरू कर दिए। सभी व्यापारियों ने प्रशासन के इस तरीके पर अपनी गहरी नाराजगी और असंतोष जताया है।
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पीएल शर्मा रोड की 23 आर्म्स दुकानों के व्यापारियों में दहशत का माहौल
\r\n\r\nमेरठ का पीएल शर्मा रोड पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शस्त्र व्यापार का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। इस एक ही रोड पर आधिकारिक रूप से कुल 23 आर्म्स (शस्त्र) दुकानें रजिस्टर्ड हैं। 'केबी कोहली एंड कंपनी' पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरी मार्केट के व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें डर है कि पुलिस अब उनके रजिस्टरों और स्टॉक को भी इसी तरह खंगालेगी। व्यापार मंडल के कुछ नेताओं ने इसे व्यापारियों का उत्पीड़न बताया है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का तर्क इसके बिल्कुल विपरीत और कानून-व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
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छापेमारी की मुख्य वजह: खुफिया विभाग से मिले थे पुख्ता इनपुट्स
\r\n\r\nदुकान पर कई घंटों तक चली लंबी जांच पूरी करने के बाद, अभियान का नेतृत्व कर रहीं सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस छापेमारी की मुख्य वजह और जांच में मिली तकनीकी कमियों का बड़ा खुलासा किया।
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सीओ कैंट ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी रूटीन चेकिंग का हिस्सा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे ठोस सुबूत थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय खुफिया विभाग (LIU) और पुलिस के मुखबिर तंत्र से पिछले कुछ समय से पुख्ता इनपुट्स और लिखित शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि इस गन हाउस के द्वारा शस्त्र अधिनियम (Arms Act) और तय नियमों के विपरीत कुछ गंभीर व खतरनाक अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
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अवैध रूप से बट और बैरल बेचने का गंभीर आरोप: जांच टीम के अनुसार, शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि:
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- \r\n गन हाउस द्वारा हथियारों को 'मॉडिफाइड' (Modified) तरीके से अवैध रूप से बेचा जा रहा है। (हथियारों की बनावट में बदलाव करना कानूनी रूप से जुर्म है)।\r\n \r\n
- \r\n सिर्फ अधिक कमर्शियल लाभ कमाने के लिए अतिरिक्त बट (Butt) और बैरल (Barrel) आदि का अवैध रूप से स्टॉक रखा जा रहा है और इन्हें बिना किसी लाइसेंस या सरकारी रिकॉर्ड के ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा है।\r\n \r\n
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पिछले कई दिनों से मेरठ के विभिन्न गन हाउसों के संबंध में जिला प्रशासन को लगातार ऐसी गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि यहाँ 'काले कारोबार' की कुछ बड़ी गड़बड़ियां चल रही हैं। आगामी त्योहारों और शहर की कानून व्यवस्था के मद्देनजर इस नेटवर्क को तोड़ना और औचक जांच किया जाना बेहद जरूरी हो गया था।
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जांच में हुआ बड़ा खुलासा: बिजनौर के नगीना कनेक्शन का पर्दाफाश
\r\n\r\nसीओ कैंट नवीना शुक्ला ने आगे बताया कि दुकान की गहन भौतिक जांच (Physical Verification) के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम और संदिग्ध सुराग लगे हैं। दुकान के भीतर से कई संदिग्ध बट (हथियार का पिछला लकड़ी या फाइबर का हिस्सा) बरामद हुए हैं।
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जब अधिकारियों ने दुकानदारों से इन बटों के बारे में पूछताछ की, तो दुकानदारों का कहना था कि वे इन बटों को बिजनौर जिले के नगीना क्षेत्र (जो लकड़ी की नक्काशी और हैंडीक्राफ्ट के लिए मशहूर है) से मंगाते हैं।
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दस्तावेजों में भारी खामियां:
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- \r\n कोई पुख्ता बिल नहीं: हालांकि दुकानदारों ने नगीना का नाम लिया, लेकिन इसके संबंध में वे मौके पर पुलिस को कोई भी पुख्ता रिकॉर्ड, पक्का बिल या जीएसटी दस्तावेज नहीं दिखा पाए।\r\n \r\n
- \r\n यह स्थिति दर्शाती है कि हथियारों के पार्ट्स की खरीद-फरोख्त कच्चे बिलों या नकद (Cash) में बिना सरकारी नजर में लाए की जा रही थी।\r\n \r\n
- \r\n इस कारण प्रथम दृष्टया (Prima Facie) जांच में गन हाउस में कई प्रकार की गंभीर दस्तावेजी कमियां, वित्तीय अनियमिताएं और सीधे तौर पर 'शस्त्र अधिनियम' (Arms Act) का उल्लंघन पाया गया है।\r\n \r\n
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दोषी पाए जाने पर अन्य दुकानों पर भी होगी सख्त कार्रवाई: सीओ कैंट की चेतावनी
\r\n\r\nइस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने शस्त्र व्यापारियों को कड़ा संदेश दिया है। सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने साफ तौर पर स्थानीय व्यापारियों को चेतावनी दी है कि अभी प्रशासन का फोकस सिर्फ इस एक विशेष दुकान (केबी कोहली एंड कंपनी) के रिकॉर्ड्स और कार्यप्रणाली पर ही है।
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उन्होंने कहा, "यदि हमारी विस्तृत जांच पूरी होने के बाद इस गन हाउस में ये बड़ी अनियमितताएं कानूनी रूप से सिद्ध होती हैं, तो इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए पीएल शर्मा रोड की अन्य सभी आर्म्स दुकानों पर भी एक-एक करके इसी तरह की कड़ी कानूनी कार्रवाई और चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।"
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इस कड़ी चेतावनी के बाद से पूरे मेरठ के 'आर्म्स डीलर्स एसोसिएशन' में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। व्यापारियों के बीच इस बात की चर्चा तेज है कि अगला नंबर किस दुकान का हो सकता है।
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आगे की विधिक कार्रवाई: फिलहाल, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा मौके से कई महत्वपूर्ण रजिस्टरों और कच्चे दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। इन सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक टीम और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की मदद से विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद, अनियमितता साबित होने पर गन हाउस का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जा सकती है और दोषियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक व विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.