मेरठ, यूपी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की 45 साल पुरानी मांग को अब एक बड़े जनआंदोलन में बदलने की तैयारी है। इस मांग को लेकर सभी संगठन एकजुट हो गए हैं। आगामी 20 सितंबर को मेरठ की कचहरी से बेगमपुल तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद बेगमपुल चौराहे को दो घंटे तक जाम रखा जाएगा।
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सभी दल और संगठन एक साथ
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इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 6 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति ने एक सामूहिक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और अन्य सामाजिक संस्थाओं के नेताओं ने एक सुर में आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। बैठक में समाजवादी पार्टी के विधायक शाहिद मंजूर, अतुल प्रधान और रफीक अंसारी, रालोद नेता राजेंद्र शर्मा, संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों के अध्यक्ष और कई अन्य व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री और कानून मंत्री से मुलाकात की कोशिश
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संघर्ष समिति लगातार इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। समिति ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री से मिलने का समय मांगा है। इसके अलावा, समिति लगातार अलग-अलग जिलों में बैठकें कर रही है, ताकि इस आंदोलन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में फैलाया जा सके।
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जनसमूह जोड़ने पर जोर
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बैठक में सभी नेताओं ने यह बात जोर देकर कही कि हाईकोर्ट बेंच की मांग तभी पूरी होगी जब इसमें आम जनता को सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा। सपा विधायक शाहिद मंजूर ने तो यहां तक कहा कि जो राजनीतिक दल इस मांग का समर्थन नहीं करते, उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए।
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ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने भी आंदोलन में 'आर-पार की लड़ाई' की बात कही और ट्रकों से शहर को जाम करने का भी एलान किया।
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भाजपा की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
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इस संयुक्त बैठक में भाजपा का कोई भी जनप्रतिनिधि या पार्टी पदाधिकारी मौजूद नहीं था, जो चर्चा का विषय बन गया। सपा विधायक शाहिद मंजूर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल बेंच की मांग का समर्थन नहीं कर रहे हैं, उनका बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी को इतना मजबूत नेतृत्व तैयार करना होगा जो पूर्वी क्षेत्र की लॉबी के दबाव का मुकाबला कर सके।
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सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि हाईकोर्ट बेंच की मांग तभी पूरी होगी जब यह वकीलों का आंदोलन न रहकर एक जनआंदोलन बन पाएगा।
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