दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के खतरनाक स्तर से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) की तैयारी अंतिम चरण में है। दिल्ली के मंत्री मजिंदर सिरसा ने पुष्टि की है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT कानपुर) द्वारा सेना के विमान का उपयोग करके क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding) का दूसरा और मुख्य परीक्षण (Trial) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए अगले कुछ घंटों में दिल्ली में बारिश होने की उम्मीद जगी है, जिससे प्रदूषण में कमी आ सकती है।READ ALSO:-UP Panchayat Chunav: ECI के SIR आदेश से चुनाव टलने की आशंका, फरवरी 2026 में मतदान की संभावना कम
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\r\n₹3.21 करोड़ का प्रोजेक्ट
\r\nIIT कानपुर इस क्लाउड सीडिंग प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहा है, जिसे दिल्ली सरकार ने ₹3.21 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दी थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को अस्थायी रूप से कम करना है।
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  • विमान का उपयोग: इस ट्रायल के लिए कानपुर से एक विशेष रूप से सुसज्जित सेसना (Cessna) विमान दिल्ली लाया गया था।
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  • प्रवेश मार्ग: मंत्री मजिंदर सिरसा ने बताया कि विमान मेरठ की ओर से दिल्ली में दाखिल हुआ।
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8 फ्लेयर्स का इस्तेमाल और कवर किए गए क्षेत्र
\r\nयह दूसरा ट्रायल मंगलवार (28 अक्टूबर) को पूरा किया गया। इस ट्रायल में न केवल उपकरणों की क्षमता जाँची गई, बल्कि बादलों में रसायनों का छिड़काव भी किया गया:
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  • सीडिंग क्षेत्र: क्लाउड सीडिंग में दिल्ली के प्रमुख उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों को कवर किया गया, जिनमें खेकड़ा, बुराड़ी, उत्तरी करोल बाग और मयूर विहार शामिल हैं।
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  • फ्लेयर्स का उपयोग: इस बार के ट्रायल में कुल 8 फ्लेयर्स (Flares) का इस्तेमाल हुआ। प्रत्येक फ्लेयर का वजन 2 से 2.5 किलोग्राम था, जिसने बादलों में सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड (Silver Iodide and Sodium Chloride) जैसे विशेष रसायनों को छोड़ा।
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  • नमी की स्थिति: IIT कानपुर के अनुसार, क्लाउड सीडिंग के लिए आवश्यक 50% नमी के मुकाबले बादलों में उस समय 15-20 प्रतिशत आर्द्रता (Humidity) थी।
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IIT कानपुर का ऐलान
\r\nIIT कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल (Prof. Manindra Agrawal) ने इस ट्रायल को लेकर एक बयान जारी किया है:
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  • ट्रायल सफल: प्रो. अग्रवाल ने बताया कि क्लाउड सीडिंग का ट्रायल पूरा हो चुका है। इस ट्रायल से विमान की क्षमता और सीडिंग उपकरणों के सही ढंग से काम करने की पुष्टि हो गई है।
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  • बारिश की उम्मीद: मजिंदर सिरसा ने बताया कि विशेषज्ञों का मानना है कि सीडिंग के 15 मिनट से लेकर 4 घंटे के भीतर बारिश हो सकती है।
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  • लक्ष्य: IIT कानपुर ने कृत्रिम वर्षा कराने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। जैसे ही मौसम अधिक अनुकूल बनेगा (पर्याप्त नमी मिलेगी), दिल्ली को प्रदूषण से राहत देने के लिए कृत्रिम बारिश कराई जाएगी।
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 प्रदूषण से अस्थायी राहत
\r\nक्लाउड सीडिंग प्रदूषण कम करने का एक स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि एक अस्थायी और आपातकालीन उपाय (Emergency Measure) है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो बारिश के कारण हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण (PM2.5) सतह पर बैठ जाएंगे, जिससे दिल्ली और NCR को कुछ दिनों के लिए जहरीली हवा से राहत मिल सकती है।
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