उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को पश्चिम यूपी से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) परियोजना से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मेरठ में अब गंगा एक्सप्रेसवे को स्थानीय किठौर-हापुड़ मार्ग से सीधे इंटरचेंज (Interchange) के माध्यम से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इसके लिए आवश्यक 30307 वर्ग मीटर (3.0307 हेक्टेयर) अतिरिक्त भूमि खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिस पर लगभग ₹10.18 करोड़ का खर्च आएगा। यह इंटरचेंज क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदल देगा।READ ALSO:-केदारनाथ कपाटबंदी की प्रक्रिया शुरू, मंदिर के अंदर प्रविष्ट हुई पंचमुखी डोली, कल सुबह 8.30 बजे बंद होंगे बाबा के कपाट
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ग्रामीणों की पुरानी मांग हुई पूरी

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यह इंटरचेंज मेरठ के गांव अटौला और शाफियाबाद लौटी की संयुक्त सीमा पर बनाया जाएगा। वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे इस किठौर-हापुड़ मार्ग को अंडरपास बनाकर पार करता है, जिससे स्थानीय निवासियों को एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा था।
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    ग्रामीणों की मांग: इस क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे इंटरचेंज के माध्यम से जोड़ने की मांग कर रहे थे।
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    यूपीडा की मंजूरी: ग्रामीणों की मांग और जिला प्रशासन की संस्तुति पर यूपीडा ने इस इंटरचेंज निर्माण की अनुमति प्रदान कर दी है, जिससे परियोजना की उपयोगिता और बढ़ गई है।
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    अधिग्रहण: इंटरचेंज निर्माण के लिए जिला प्रशासन को जल्द ही 30307 वर्ग मीटर चिह्नित अतिरिक्त भूमि की खरीद करनी होगी। यह खरीद किसानों से सीधे सहमति के आधार पर की जाएगी।
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एक्सप्रेसवे को दिया जा रहा फाइनल टच

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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों को अब फाइनल टच दिया जा रहा है।
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    पहला चरण: यूपीडा के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि गंगा एक्सप्रेसवे का पहला हिस्सा (मेरठ से बदायूं तक, कुल 130 किलोमीटर) का कार्य नवंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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    स्ट्रक्चर: इस पहले हिस्से में कुल 161 पुल, अंडरपास, इंटरचेंज और अन्य स्ट्रक्चर शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश बनकर तैयार हो चुके हैं।
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    टोल प्लाजा: टोल प्लाजा का कंट्रोल रूम बनकर तैयार है, और टोल बूथों पर मशीनें लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। केवल सिंभावली में रेलवे ओवर ब्रिज की एप्रोच रोड का कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
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जिला प्रशासन और यूपीडा

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यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार का यह आदेश जिला प्रशासन को प्राप्त हो गया है। जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी के सिंह ने इस पहल पर टिप्पणी की।
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    डीएम का वक्तव्य: जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह ने कहा, "इंटरचेंज के लिए अतिरिक्त भूमि खरीद के प्रस्ताव को यूपीडा ने अनुमति दे दी है। जल्द ही किसानों से सहमति से सीधे इस जमीन की खरीद की जाएगी।"
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    खर्च: इस जमीन खरीद पर ₹10.18 करोड़ का अनुमानित खर्च आएगा।
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आर्थिक गति को मिलेगी रफ्तार

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किठौर-हापुड़ मार्ग का गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ना पश्चिम यूपी के यातायात और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह इंटरचेंज किसानों और स्थानीय व्यापारियों को एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ देगा, जिससे क्षेत्रीय बाजारों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से तेजी से जोड़ा जा सकेगा। पहला चरण नवंबर तक पूरा होने के बाद, जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे का परिचालन शुरू हो सकता है।
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