मेरठ। उत्तराखंड के देहरादून में देर रात हुए बादल फटने का असर अब मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह तक गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 1 लाख 65 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया, जिससे नदी के किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है।READ ALSO:-मेरठ में हाई कोर्ट बेंच पर भाजपा एकजुट: मंत्री और सांसद समेत सभी जनप्रतिनिधियों ने दिया 'पूर्ण समर्थन'
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गंगा हुई उफान पर, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
\r\n\r\nगंगा का जलस्तर बढ़ने से हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का पानी तटों से बाहर निकलना शुरू हो गया है और लोगों को डर है कि अगर बैराज से और पानी छोड़ा गया तो यह सीधे उनके गांवों तक पहुंच सकता है। ग्रामीण पूरी तरह से सतर्क हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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प्रशासन अलर्ट पर, स्थिति का जायजा
\r\n\r\nगंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। अधिकारियों ने खादर क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। बिजनौर और हरिद्वार बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की जानकारी ली जा रही है ताकि उसी के अनुसार आगे की रणनीति बनाई जा सके। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन गंगा के उफान ने खतरे की घंटी जरूर बजा दी है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.