मेरठ (Meerut Development News): उत्तर प्रदेश की खेल और औद्योगिक नगरी मेरठ, रैपिड रेल (Namo Bharat) और मेरठ मेट्रो की सौगात मिलने के बाद अब एक महानगर के रूप में तेजी से उभर रही है। आसमान में दौड़ती नमो भारत ट्रेनों ने शहर के स्काईलाइन को तो बदल दिया है, लेकिन अब बारी जमीन पर दौड़ने वाली सड़कों को वर्ल्ड-क्लास बनाने की है। इसी कड़ी में मेरठ प्रशासन ने शहर की 'लाइफलाइन' माने जाने वाले सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण 'दिल्ली रोड' (Delhi Road) के संपूर्ण सुंदरीकरण (Beautification) का ऐतिहासिक खाका तैयार कर लिया है।READ ALSO:-मेरठ को 'जाम के जंजाल' से निकालने का ऐतिहासिक 'मेगा ब्लूप्रिंट': 27 नई पार्किंग, 32 हाई-टेक चौराहे और आबूलेन और पीएल शर्मा रोड होंगे ई-रिक्शा मुक्त!
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मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid) योजना की मॉडल रोड की तर्ज पर अब दिल्ली रोड को पूरी तरह से संवारा जाएगा। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लक्ष्य इस सड़क को 'धूल रहित' (Dust-Free) बनाना और हरियाली से आच्छादित करना है। इस पूरे महा-प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने और सभी विभागों में समन्वय स्थापित करने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा/MDA) को 'नोडल एजेंसी' (Nodal Agency) बनाया गया है।
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कमिश्नर का कड़ा निर्देश: अलग-अलग नहीं, अब एक साथ मिलकर काम करेंगे सभी विभाग
\r\n\r\nमेरठ के दिल्ली रोड पर पिछले कुछ समय से लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम, मेडा और एनसीआरटीसी (NCRTC) द्वारा अलग-अलग विकास कार्य किए जा रहे थे। कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी (Commissioner Bhanu Chandra Goswami) द्वारा ली गई एक अहम समीक्षा बैठक में यह बात खुलकर सामने आई कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर (Silos) पर काम कर रहे हैं।
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इसका सीधा नुकसान यह हो रहा था कि विकास और सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये का सरकारी फंड तो खर्च हो रहा था, लेकिन कार्यों में कोई 'एकरूपता' (Uniformity) नहीं थी। इसके चलते अपेक्षित और संतोषजनक परिणाम धरातल पर नजर नहीं आ रहे थे। इस खामी को दूर करने के लिए कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) को पूरे प्रोजेक्ट का बॉस यानी 'नोडल एजेंसी' नियुक्त कर दिया है।
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अब नगर निगम, एनसीआरटीसी, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस सहित कोई भी विभाग दिल्ली रोड पर अपनी मर्जी से काम नहीं करेगा, बल्कि सभी कार्य मेडा के मार्गदर्शन और एक 'समेकित विकास ब्लूप्रिंट' (Integrated Development Blueprint) के तहत किए जाएंगे।
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परतापुर से मोदीपुरम तक: 30 किलोमीटर के दायरे में चमकेगा शहर
\r\n\r\nकमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली रोड के सुंदरीकरण का यह कार्य टुकड़ों में नहीं, बल्कि पूरे स्ट्रेच पर एक साथ किया जाएगा। इसके तहत दो प्रमुख चरणों में काम होगा:
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- \r\n प्रथम चरण: परतापुर (Partapur) इंटरचेंज से लेकर बेगमपुल (Begumpul) तक।\r\n \r\n
- \r\n द्वितीय चरण: बेगमपुल से लेकर मोदीपुरम (Modipuram) तक।\r\n \r\n
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यह पूरा मार्ग मेरठ शहर की रीढ़ की हड्डी है। इसी मार्ग के ऊपर से रैपिड रेल का कॉरिडोर गुजर रहा है। प्रशासन की मंशा है कि जब यात्री नमो भारत या मेट्रो स्टेशन से नीचे उतरकर सड़क पर आएं, तो उन्हें दिल्ली या किसी यूरोपीय शहर की अत्याधुनिक सड़क का एहसास हो।
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'धूल रहित' (Dust-Free) सड़क: क्या है प्रशासन का यह नया कॉन्सेप्ट?
\r\n\r\nअक्सर देखा जाता है कि चौड़ी सड़कों के किनारे या डिवाइडर के पास कच्ची मिट्टी छोड़ दी जाती है, जिससे तेज हवा चलने या वाहन गुजरने पर भारी मात्रा में धूल उड़ती है। इससे न केवल प्रदूषण (AQI) बढ़ता है, बल्कि शहर की सुंदरता भी खराब होती है।
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दिल्ली रोड के सुंदरीकरण का सबसे प्रमुख पहलू इसे पूरी तरह से 'धूल रहित' (Zero Dust Zone) बनाना है। प्रशासन की योजना है कि इस पूरी रोड पर कहीं भी एक इंच कच्ची जगह नहीं छोड़ी जाएगी। जहां पक्की सड़क खत्म होगी, वहां या तो इंटरलॉकिंग टाइल्स (Interlocking Tiles) लगाई जाएंगी, या फिर सघन पौधरोपण (Plantation) और घास लगाकर जमीन को पूरी तरह से कवर कर दिया जाएगा।
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क्या-क्या बदल जाएगा दिल्ली रोड पर? (मुख्य आकर्षण और कार्य)
\r\n\r\nमेडा की देखरेख में दिल्ली रोड पर जो विकास कार्य होने जा रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
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- \r\n नालों का अंडरग्राउंड होना और सुरक्षित फुटपाथ (Footpaths over Drains): दिल्ली रोड के दोनों तरफ मौजूद खुले और बदबूदार नालों को पूरी तरह से कवर (ढका) किया जाएगा। इन कवर्ड नालों के ऊपर बेहतरीन क्वालिटी के स्लैब डालकर उन्हें शानदार और चौड़े फुटपाथ में तब्दील किया जाएगा, ताकि पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।\r\n \r\n
- \r\n उद्योगपुरम के लिए स्पेशल सर्विस रोड: उद्योगपुरम औद्योगिक क्षेत्र (Udyogpuram Industrial Area) में आने-जाने वाले भारी वाहनों और कर्मचारियों की भीड़ के कारण अक्सर दिल्ली रोड पर जाम लग जाता है। इसके समाधान के लिए दिल्ली रोड के किनारे एक अलग से 'सर्विस रोड' (Service Road) बनाई जाएगी, जिससे हाईवे का मुख्य ट्रैफिक बाधित न हो।\r\n \r\n
- \r\n डिवाइडर पर हरियाली और गमले: सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडरों को नया रूप दिया जाएगा। इन पर सुंदर और प्रदूषण सोखने वाले पौधों के गमले रखे जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n चौड़े हिस्सों में 'ग्रीन बेल्ट' और सिटिंग एरिया: दिल्ली रोड पर जहाँ भी सड़क की चौड़ाई अधिक है या खाली जगह उपलब्ध है, वहाँ नगर निगम और वन विभाग की मदद से खूबसूरत 'ग्रीन बेल्ट' (Green Belt) विकसित की जाएगी। सबसे खास बात यह है कि इस ग्रीन बेल्ट में राहगीरों और स्थानीय नागरिकों के बैठने के लिए आधुनिक और आरामदायक बेंच (Benches) भी लगाई जाएंगी।\r\n \r\n
- \r\n नई डिजाइन की स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें: रात के समय दिल्ली रोड को रोशन और आकर्षक बनाने के लिए डिवाइडर पर पुरानी लाइटों को हटाकर नई और अत्याधुनिक डिजाइन की एलईडी स्ट्रीट लाइटें (Designer Street Lights) लगाई जाएंगी, जो शहर को एक 'स्मार्ट सिटी' का असली लुक देंगी।\r\n \r\n
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7 दिन का अल्टीमेटम: मेडा को सौंपने होंगे सभी प्रोजेक्ट्स के ब्लूप्रिंट
\r\n\r\nकमिश्नर ने इस प्रोजेक्ट की गति को तेज करने के लिए सभी संबंधित विभागों को महज एक सप्ताह (7 दिन) का सख्त अल्टीमेटम दिया है।
\r\n\r\nनिर्देश दिए गए हैं कि सभी विभाग (नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनसीआरटीसी) अपने-अपने प्रपोज्ड प्रोजेक्ट्स और बजट की पूरी जानकारी एक सप्ताह के भीतर नोडल एजेंसी 'मेडा' के साथ साझा करेंगे। मेडा इन सभी प्रोजेक्ट्स का अध्ययन करेगा और उन्हें सूचीबद्ध (List) करेगा।
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इसके बाद एक बड़ी और फाइनल बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दिल्ली रोड को 'धूल रहित' और 'मॉडल रोड' बनाने के मास्टरप्लान पर अंतिम मुहर लगेगी और टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अहम बैठक में मेडा उपाध्यक्ष (VC) संजय कुमार मीना, नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) सौरभ गंगवार सहित कई अन्य विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
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बदलती तस्वीर, निखरता मेरठ
\r\n\r\nमेरठ का दिल्ली रोड सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि शहर का प्रवेश द्वार है। जो भी व्यक्ति दिल्ली या गाजियाबाद से मेरठ में प्रवेश करता है, उसकी पहली नजर इसी सड़क पर पड़ती है। 'फर्स्ट इम्प्रेशन इज द लास्ट इम्प्रेशन' की तर्ज पर प्रशासन का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। अगर सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ मेडा के इस ब्लूप्रिंट पर ईमानदारी से काम करते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब मेरठ का दिल्ली रोड देश की सबसे खूबसूरत और सुव्यवस्थित सड़कों में शुमार होगा। शहरवासियों को अब बस इस योजना के जल्द से जल्द धरातल पर उतरने का बेसब्री से इंतजार है।
Sabse pehle comment karne wale banein.