दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर, जिसे अब 'नमो भारत' (NaMo Bharat) ट्रेन के नाम से जाना जाता है, अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरी तरह से यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।Read also:-Delhi–Meerut RRTS Opening Date 2025: नमो भारत रैपिड रेल से दिल्ली से मेरठ सफर सिर्फ 55 मिनट में
\r\n\r\n\r\n\r\n
वो दिन अब दूर नहीं, जब मेरठ का निवासी दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में शॉपिंग करने और गाजियाबाद का व्यापारी मेरठ में अपने बिजनेस को विस्तार देने का सपना सिर्फ 60 मिनट में पूरा कर सकेगा। देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। 82 किलोमीटर का यह हाई-स्पीड कॉरिडोर लगभग तैयार है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर 2025 की शुरुआत में प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जा सकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n संभावित उद्घाटन की तारीखें: मीडिया रिपोर्ट्स और निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार, पूरे कॉरिडोर (सराय काले खां से मोदीपुरम तक) का उद्घाटन अक्टूबर 2025 में होने की प्रबल संभावना है। ऐसी खबरें हैं कि अक्टूबर 2025 की शुरुआत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना का शुभारंभ कर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n पूरा कॉरिडोर: यह 82 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां को मेरठ के मोदीपुरम डिपो से जोड़ेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय एक घंटे से भी कम हो जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n वर्तमान में परिचालन: 20 अक्टूबर 2023 से प्राथमिकता कॉरिडोर (साहिबाबाद से दुहाई डिपो) और हाल ही में न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक का खंड पहले से ही चालू है, जिसने लाखों यात्रियों को बड़ी राहत दी है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
मेरठ मेट्रो: एक ही पटरी पर रैपिड और मेट्रो का तालमेल
\r\n\r\nमेरठ शहर के भीतर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए मेरठ मेट्रो भी 'नमो भारत' ट्रेन के साथ ही उसी ट्रैक पर चलेगी।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n शुरुआत: मेरठ मेट्रो का उद्घाटन भी अक्टूबर 2025 में रैपिड रेल के साथ ही होने की उम्मीद है।\r\n \r\n
- \r\n रूट: यह मेट्रो सेवा मेरठ साउथ से मोदीपुरम डिपो के बीच 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चलेगी, जिसमें 13 स्टेशन होंगे।\r\n \r\n
- \r\n विशेषता: यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है जहाँ क्षेत्रीय रैपिड रेल और स्थानीय मेट्रो ट्रेनें एक ही ट्रैक को साझा करेंगी, लेकिन इनके परिचालन के समय अलग-अलग होंगे।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
स्टेशन लिस्ट: कहाँ-कहाँ रुकेगी आपकी 'नमो भारत'?
\r\n\r\nदिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर पर कुल 16 स्टेशन होंगे।
\r\n\r\n| \r\n दिल्ली (3) \r\n | \r\n \r\n गाजियाबाद (6) \r\n | \r\n \r\n मेरठ (7) \r\n | \r\n
| \r\n सराय काले खां \r\n | \r\n \r\n साहिबाबाद \r\n | \r\n \r\n मेरठ साउथ (कॉमन) \r\n | \r\n
| \r\n न्यू अशोक नगर \r\n | \r\n \r\n गाजियाबाद \r\n | \r\n \r\n शताब्दी नगर (कॉमन) \r\n | \r\n
| \r\n आनंद विहार \r\n | \r\n \r\n गुलधर \r\n | \r\n \r\n बेगमपुल (कॉमन) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n दुहाई \r\n | \r\n \r\n मोदीपुरम (कॉमन) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n दुहाई डिपो \r\n | \r\n \r\n परतापुर (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n मुरादनगर \r\n | \r\n \r\n रिठानी (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n मोदीनगर दक्षिण \r\n | \r\n \r\n ब्रहमपुरी (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n मोदीनगर उत्तर \r\n | \r\n \r\n मेरठ सेंट्रल (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n भैंसाली (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n एमईएस कॉलोनी (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n डोरली (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n मेरठ नॉर्थ (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
| \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n मोदीपुरम डिपो (सिर्फ मेट्रो) \r\n | \r\n
(कॉमन स्टेशन वे हैं जहाँ 'नमो भारत' रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो दोनों रुकेंगी।)
\r\n\r\n\r\n\r\n
किराया विवरण: कितना होगा आपकी यात्रा का खर्च?
\r\n\r\n'नमो भारत' ट्रेन में दो तरह के कोच हैं: स्टैंडर्ड कोच और प्रीमियम कोच। यात्रियों को अपनी सुविधा अनुसार टिकट खरीदने का विकल्प मिलेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n किराया सीमा: किराया ₹20 से शुरू होता है और अधिकतम ₹225 तक जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n एक प्रमुख रूट का किराया (उदाहरण):\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक: स्टैंडर्ड कोच में ₹150 और प्रीमियम कोच में ₹225।\r\n \r\n
- \r\n आनंद विहार से मेरठ साउथ तक का सफर लगभग 35 मिनट में पूरा होगा, जिसका किराया इसी सीमा में होगा।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n भुगतान विकल्प: यात्री QR कोड-आधारित पेपर टिकट और NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) का उपयोग करके यात्रा कर सकेंगे।\r\n \r\n
\r\n\r\n
निर्माण प्रगति और तकनीकी विशेषताएँ
\r\n\r\nआरआरटीएस परियोजना का लगभग 75% से अधिक सिविल कार्य पूरा हो चुका है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n स्पीड और रोलिंग स्टॉक:\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 'नमो भारत' ट्रेन की डिज़ाइन गति 180 किमी/घंटा है, जबकि परिचालन गति 160 किमी/घंटा होगी।\r\n \r\n
- \r\n ट्रेनों में महिलाओं के लिए एक आरक्षित कोच, प्रीमियम कोच, और सभी के लिए आधुनिक सुविधाएं (Wi-Fi, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग पोर्ट) उपलब्ध हैं।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n हरित ऊर्जा पहल: NCRTC ने अपने स्टेशनों और डिपो पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं, जो परियोजना को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n फाइनल अप्रूवल: दिल्ली से मेरठ तक पूरे कॉरिडोर के वाणिज्यिक परिचालन के लिए अंतिम चरण की सुरक्षा मंजूरी मिलना बाकी है, जिसके बाद इसे तुरंत खोल दिया जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
यह कॉरिडोर एनसीआर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि रोजगार, व्यापार और रियल एस्टेट को भी नई ऊंचाइयां देगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.