मेरठ: जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की कथाएं अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन इस बार मेरठ के विक्टोरिया पार्क में चल रही उनकी रामकथा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्वामी रामभद्राचार्य ने अपने प्रवचन के दौरान महिलाओं की स्थिति और बच्चों की शिक्षा पर ऐसी टिप्पणियां की हैं, जिसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। उनके बयानों को सीधे तौर पर एक धर्म विशेष पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।READ ALSO:-नफरत फैलाने की साजिश नाकाम: मेरठ में हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला नदीम गिरफ्तार, भेजा गया जेल
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हिंदू धर्म बनाम अन्य धर्म: महिलाओं की स्थिति पर बयान
\r\n\r\nस्वामी रामभद्राचार्य ने हिंदू धर्म की तुलना अन्य धर्मों से करते हुए महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म ही ऐसा है जहां महिलाओं को 'देवी' का दर्जा दिया गया है और यहां मां को पिता से भी बड़ा माना जाता है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा, "इस्लाम में महिलाओं की दुर्गति होती है।" उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि वहां एक-एक महिला से "25-25 बच्चे पैदा करना" और फिर "वृद्ध होने पर तलाक, तलाक, तलाक कहकर छोड़ देना" होता है। उन्होंने इस मानसिकता को 'यूज एंड थ्रो' जैसा बताया।
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शिक्षा और जनसंख्या पर कटाक्ष: कॉन्वेंट से दूर रहें बच्चे
\r\n\r\nमहिलाओं पर टिप्पणी के अलावा, रामभद्राचार्य ने बच्चों की शिक्षा और जनसंख्या पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि ज्यादा संतानें पैदा करके व्यक्ति नरक की प्राप्ति करता है, इसलिए 2 से 3 संतानों से अधिक नहीं होनी चाहिए, भले ही वे बेटियां हों या बेटे।
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बच्चों की शिक्षा पर बात करते हुए उन्होंने अभिभावकों को सख्त सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को न तो कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाएं और न ही मदरसों में। इसके बजाय, उन्हें सांस्कृतिक आदर्शों से जोड़ने के लिए सरस्वती विद्यालय में भेजना चाहिए ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और संस्कारी बनें।
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बयानों का सिलसिला और सियासी प्रतिक्रिया
\r\n\r\nयह पहला मौका नहीं है, जब स्वामी रामभद्राचार्य के बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचाई हो। दो दिन पहले ही उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को 'मिनी पाकिस्तान' जैसा बताया था, जिस पर विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इसे न सिर्फ मुसलमानों बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अपमान बताया था। उनके इस तरह के लगातार बयान धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही क्षेत्रों में एक नई बहस को जन्म दे रहे हैं।
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Sabse pehle comment karne wale banein.