मेरठ। शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बड़ी राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जहाँ एक ओर, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का ऐलान किया गया है, वहीं लंबे समय से कम मानदेय से जूझ रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की भी मुराद पूरी हुई है।
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के लिए जल्द ही एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करेगी, जिसके बाद उनके मानदेय में वृद्धि की जाएगी। यह खबर उन लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो लगातार विभिन्न मंचों से अपने मानदेय को बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
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एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज का प्रयास लाया रंग
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मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर सबसे ज़्यादा खुशी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) धर्मेंद्र भारद्वाज ने जताई है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मानदेय को 20 से 25 हजार रुपए करने का आग्रह किया था।
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धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्हें दो बार लखनऊ जाना पड़ा, जहाँ उन्होंने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को समझा। उन्होंने प्रमुख सचिव, शिक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों से भी इस संबंध में कई बार बात की, जिसका परिणाम अब सामने आया है। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बधाई देते हुए कहा कि जल्द ही उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
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मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश भर के शिक्षकों और शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि समिति की रिपोर्ट जल्द ही आएगी ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
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