मेरठ/उत्तर प्रदेश: गर्मियों की छुट्टियों का मौसम शुरू हो चुका है और इसी के साथ उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध और पवित्र चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है। हर साल की तरह इस साल भी देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। विशेषकर केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की कठिन चढ़ाई से बचने के लिए बुजुर्ग और बच्चे हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Service) की तलाश में रहते हैं।READ ALSO:-New Aadhaar App ने मचाया तहलका: 3 महीने में 2.1 करोड़ डाउनलोड, अब आधार सेंटर जाने की छुट्टी, घर बैठे चुटकियों में करें सारे अपडेट!
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श्रद्धालुओं की इसी भारी भीड़ और हेलीकॉप्टर टिकट पाने की इसी 'बेकरारी' को साइबर ठगों ने अपनी काली कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना लिया है। ये जालसाज इंटरनेट पर अपना ऐसा 'मायाजाल' बिछाकर बैठे हैं कि अच्छे-खासे पढ़े-लिखे लोग भी इनके झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय (I4C) और यूपी पुलिस का एक्शन मोड
\r\n\r\nपूरे देश से लगातार मिल रही ठगी की शिकायतों के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने पर्यटन और तीर्थयात्रा के नाम पर हो रही इस ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर देश के सभी राज्यों की पुलिस को अलर्ट जारी किया है।
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केंद्र की इस एडवाइजरी के बाद उत्तर प्रदेश (UP) पुलिस महकमा भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है।
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- \r\n डीआईजी की उच्च स्तरीय बैठक: बुधवार को मेरठ रेंज के डीआईजी (DIG) कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी जिला पुलिस प्रमुखों (SSP/SP) के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि इंटरनेट पर मौजूद ऐसी सभी फर्जी वेबसाइट्स और लिंक को तुरंत चिन्हित (Identify) किया जाए और उन्हें ब्लॉक कराने के साथ-साथ आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।\r\n \r\n
- \r\n अलर्ट जारी: डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज में आम जनता के लिए अलर्ट जारी करते हुए बताया कि पर्यटन स्थलों के नाम पर फर्जी बुकिंग वेबसाइट और सोशल मीडिया विज्ञापनों (Facebook/Instagram Ads) के माध्यम से बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही है।\r\n \r\n
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ठगों का 'मॉडस ऑपरेंडी' (Modus Operandi): कैसे बुनते हैं ठगी का जाल?
\r\n\r\nसाइबर ठगों का तरीका इतना शातिर है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। पुलिस के अनुसार, ये जालसाज इस प्रकार श्रद्धालुओं को अपना शिकार बनाते हैं:
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- \r\n मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइट (Fake Websites): ठगों ने उत्तराखंड पर्यटन विभाग या चारधाम यात्रा के आधिकारिक नामों से बिल्कुल मिलती-जुलती (Clone) फर्जी वेबसाइट्स तैयार कर ली हैं। वेबसाइट का डिजाइन, रंग और लोगो बिल्कुल असली जैसा दिखता है।\r\n \r\n
- \r\n सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) का दुरुपयोग: जब कोई श्रद्धालु गूगल (Google) पर "Kedarnath Helicopter Ticket Booking" सर्च करता है, तो ये ठग विज्ञापनों (Google Ads) के जरिए अपनी फर्जी वेबसाइट को सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर (Top) दिखाते हैं।\r\n \r\n
- \r\n लुभावने ऑफर्स का लालच: जैसे ही कोई श्रद्धालु इनकी वेबसाइट या विज्ञापन पर क्लिक करता है, ये ठग तुरंत ट्रेवल कंपनी का फर्जी एजेंट बनकर मोबाइल, ई-मेल या वाट्सएप (WhatsApp) पर संपर्क करना शुरू कर देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n मनोवैज्ञानिक दबाव: ये ठग यात्रियों को "डिस्काउंट" (Discount), "तुरंत टिकट कंफर्मेशन", "लास्ट सीट अवेलेबल" (Last Seat), और "वीआईपी एक्सेस" (VIP Darshan Access) का लालच देकर उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं कि अगर अभी पैसा नहीं दिया तो टिकट कैंसिल हो जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n म्यूल बैंक खातों (Mule Accounts) में पेमेंट: पैसे मंगाने के लिए ये कभी भी किसी कंपनी का आधिकारिक पेमेंट गेटवे इस्तेमाल नहीं करते। ये यात्रियों को सीधे क्यूआर कोड (QR Code) भेजते हैं या किसी व्यक्ति के निजी खाते (जिसे साइबर की भाषा में म्यूल बैंक खाता कहते हैं) में पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करा लेते हैं।\r\n \r\n
- \r\n फर्जी टिकट और नंबर ब्लॉक: जैसे ही पैसा इनके खाते में पहुंचता है, ये ठग यात्री के वाट्सएप पर एक फर्जी (Fake PDF) टिकट भेज देते हैं और उसके तुरंत बाद अपना नंबर स्विच ऑफ कर लेते हैं या पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते हैं। यात्री को ठगी का अहसास तब होता है जब वह हेलीपैड या होटल पहुंचता है।\r\n \r\n
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सरकार ने जारी की आधिकारिक जानकारी: केवल इन पर करें भरोसा
\r\n\r\nश्रद्धालुओं को इस भयंकर साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन ने हेलीकॉप्टर सेवा, होटलों और टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के लिए एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित व्यवस्था की है।
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डीआईजी ने आम जनता से अपील की है कि हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए केवल और केवल सरकार द्वारा अधिकृत (Authorized) वेबसाइट और नंबर का ही प्रयोग करें:
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- \r\n आधिकारिक वेबसाइट (Official Website): चारधाम हेलीकॉप्टर बुकिंग सिर्फ IRCTC की इस एकमात्र वेबसाइट https://heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही की जाती है। अन्य किसी भी वेबसाइट पर भरोसा न करें।\r\n \r\n
- \r\n आधिकारिक वाट्सएप नंबर: सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक आधिकारिक वाट्सएप नंबर 8394833833 भी जारी किया है।\r\n \r\n
- \r\n कैसे करें इस्तेमाल: श्रद्धालु इस नंबर पर अंग्रेजी में "Yatra" (यात्रा) लिखकर संदेश (Message) भेज सकते हैं। इसके बाद उन्हें पंजीकरण (Registration) एवं यात्रा से जुड़ी अन्य सभी प्रामाणिक जानकारियां सीधे उनके वाट्सएप पर मिल जाएंगी।\r\n \r\n
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थाना स्तर पर पुलिस को निर्देश: खाते करें सीज, वेबसाइट्स हों ब्लॉक
\r\n\r\nडीआईजी कलानिधि नैथानी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:
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- \r\n जैसे ही किसी भी श्रद्धालु से ऐसी साइबर ठगी की शिकायत (Complaint) प्राप्त हो, पुलिस तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज करे।\r\n \r\n
- \r\n ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों को तुरंत फ्रीज (Freeze/Seize) करने की कार्रवाई की जाए ताकि पैसा निकाला न जा सके।\r\n \r\n
- \r\n जिन सोशल मीडिया विज्ञापनों और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए यह ठगी हो रही है, उन्हें साइबर सेल की मदद से तत्काल ब्लॉक कराया जाए।\r\n \r\n
- \r\n सभी जिला पुलिस प्रमुख अपने-अपने थानाक्षेत्रों में इस साइबर ठगी के प्रति बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Campaigns) चलाएं।\r\n \r\n
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तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा टिप्स: इन बातों का रखें विशेष ध्यान
\r\n\r\nअगर आप भी इस साल चार धाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन साइबर सुरक्षा नियमों को जरूर गांठ बांध लें:
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- \r\n सर्च इंजन विज्ञापनों से बचें: गूगल पर सर्च करते समय उन लिंक्स पर कभी क्लिक न करें जिनके आगे "Sponsored" या "Ad" लिखा हो। हमेशा आधिकारिक URL टाइप करके ही वेबसाइट खोलें।\r\n \r\n
- \r\n निजी नंबरों पर पेमेंट न करें: कोई भी आधिकारिक एयरलाइंस या हेलीकॉप्टर कंपनी किसी निजी व्यक्ति के बैंक खाते (Savings Account), Google Pay, PhonePe या UPI नंबर पर पैसे नहीं मांगती है।\r\n \r\n
- \r\n अनजान लिंक पर क्लिक न करें: वाट्सएप या एसएमएस पर आने वाले किसी भी अनजान लुभावने लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स साझा न करें।\r\n \r\n
- \r\n शिकायत कहां करें? यदि दुर्भाग्यवश आप किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।\r\n \r\n
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चार धाम की यात्रा एक आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण अनुभव होना चाहिए। साइबर ठगों की नजर आपकी आस्था और आपकी गाढ़ी कमाई दोनों पर है। इसलिए, 'सावधानी ही बचाव है' के मंत्र को अपनाएं। केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित एवं मंगलमय बनाएं।
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