मेरठ: आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को मेरठ की जिला जेल पहुंचकर दादरी महापंचायत विवाद में गिरफ्तार किए गए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी समेत 17 गुर्जर नेताओं से मुलाकात की। जेल से बाहर आकर चंद्रशेखर ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए।READ ALSO:-'I Love Muhammad' के जवाब में 'I Love Mahadev': कानपुर से वाराणसी तक फैला पोस्टर वॉर, 24 गिरफ्तारियाँ, सोशल मीडिया पर तीखी बहस
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"मंत्री होता तो भाइयों को छुड़ा लाता, यह तानाशाही है"
\r\n\r\nचंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर निर्दोषों को जेल भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये लोग अपने महापुरुषों के स्वाभिमान व सम्मान की लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन निर्दोष होते हुए भी उन्हें जेल भेज दिया गया। यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है।"
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भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "अगर मैं मंत्री होता तो अपने भाइयों को छुड़ाकर ले आता। यह तानाशाही सरकार है। पांच जगह मुझे रोका गया, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं, बल्कि हिटलरशाही है।"
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- \r\n मांग और चेतावनी: उन्होंने मांग की कि सम्राट मिहिर भोज प्रकरण को कोर्ट में ले जाया जाए और सुप्रीम कोर्ट डिसीजन दे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में सभी निर्दोष लोगों को नहीं छोड़ा गया तो आजाद समाज पार्टी पूरे प्रदेश में मजबूत आंदोलन करेगी।\r\n \r\n
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"अधिकारी फोन करके जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं"
\r\n\r\nचंद्रशेखर आजाद ने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि उन्हें एक बड़े अधिकारी द्वारा धमकाया गया है।
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उन्होंने कहा, "आज मुझे एक अधिकारी ने फोन किया और धमकी दी कि अगर आप ज्यादा गुर्जर समाज की लड़ाई लड़ोगे और सलावा (Saluva) में घुसोगे, तो आपके जो MP-MLA कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं, उनमें सजा करा दी जाएगी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस तरह की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
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रास्ते में कई जगह रोका गया काफिला
\r\n\r\nसांसद चंद्रशेखर के काफिले को मेरठ में घुसने के बाद पांच अलग-अलग स्थानों पर रोका गया।
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- \r\n बाधाएँ: सिवाया टोल प्लाजा, मोदीपुरम फ्लाईओवर और कैंट में गांधी बाग के पास पुलिस ने उन्हें रोका, जिससे चंद्रशेखर और उनके कार्यकर्ताओं की पुलिस से कई जगह झड़प भी हुई।\r\n \r\n
- \r\n प्रशासनिक व्यवस्था: एडीजी कार्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग की गई थी। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच, चंद्रशेखर आजाद समेत केवल पांच लोगों को ही जेल तक जाने की अनुमति दी गई।\r\n \r\n

राज्य मंत्री की मुलाकात और राजनीतिक कयास
\r\n\r\nराजनीतिक गलियारों में हलचल तब और तेज हो गई, जब चंद्रशेखर आजाद के जेल पहुँचने से लगभग तीन घंटे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर भी जेल में बंद इन्हीं गुर्जर नेताओं से मिलने पहुँचे थे। इस मुलाकात को लेकर कई स्तर पर राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
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क्या था दादरी महापंचायत का मामला?
\r\n\r\nगुर्जर समाज ने 21 सितंबर को दादरी के मंडौरा में महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत शुरू होते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। इस दौरान झड़प हुई और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 5 को छोड़कर 17 लोगों को जेल भेज दिया गया, जिनमें आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी भी शामिल हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.