मेरठ। शारदीय नवरात्र के समापन और दशहरा (2 अक्टूबर 2025) के मद्देनज़र पूरे मेरठ जिले में भव्य रामलीला और दशहरा मेले की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। इस बार जिले में 31 स्थानों पर रामलीला मंचन और 32 स्थानों पर रावण दहन आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय आयोजक समितियों और प्रशासन ने सुरक्षा-योजना, ट्रैफिक डायवर्जन और आपात व्यवस्थाओं के कठिन निर्देश लागू कर दिए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से उत्सव का आनंद ले सकें। READ ALSO:-मेरठ: सूरजकुंड पर ठेले लगाने को लेकर भाजपा पार्षदों में मारपीट, सिविल लाइन थाने में हंगामा
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मजबूती से लागू हुआ रूट-प्लान: आज दोपहर 12 बजे से डायवर्जन
\r\n\r\n
प्रशासन ने भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए आज दोपहर 12 बजे से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन लगाकर भारी वाहनों पर रोक लगा दी है। बड़े आयोजन स्थलों (भैंसाली मैदान, जिमखाना मैदान, रामलीला ग्राउंड-दिल्ली रोड, जेल चुंगी चौराहा, सूरजकुंड पार्क तथा मवाना/मवाना रोड के मेले) के आसपास निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है। प्रशासन ने रोडवेज बसों और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट जारी कर दिए हैं ताकि मुख्य मार्गों पर जाम न लगे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
(नोट: रूट-डायवर्जन के विस्तृत निर्देश स्थानीय पुलिस एवं यातायात विभाग द्वारा जारी किए गए हैं — कृपया यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक नोटिस देखें।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रमुख स्थल एवं पुतलों की ऊँचाई — भव्यता के साथ सुरक्षा पर फोकस
\r\n\r\n
स्थानीय रामलीला समितियों ने अलग-अलग स्थलों पर पुतलों की ऊँचाई और मंचन-रचना में विशेष तैयारी की है — आयोजनों में परंपरा के साथ नए एलेमेंट (ड्रोन-लाइटिंग, लेजर शो, आतिशबाज़ी) जोड़े गए हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भैंसाली मैदान (Shri Ramleela Committee, Chhaavni) — इस स्थान पर इस वर्ष 80 फीट ऊँचा रावण, 75 फीट का कुंभकरण और 70 फीट का मेघनाद जलाने की योजना है; मंच का स्वरूप अयोध्या-स्टाइल रामदरबार जैसा बनाया गया है और रात में ड्रोन-लेजर शो दिखाया जाएगा। (स्थानीय समितियों और रिपोर्ट्स के अनुसार मवाना रोड पर भी अलग से 80 फीट पुतला तैयार है)। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • जिमखाना मैदान — शहर रामलीला कमेटी का प्रमुख आयोजन स्थल; यहाँ पर 85 फीट तक ऊँचा रावण दहन होने की व्यवस्था है और विशाल मेला-प्रदर्शनी लगाई गई है।
  • \r\n
  • रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड — पारंपरिक मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।
  • \r\n
  • जेल चुंगी चौराहा (यूनिवर्सिटी रोड) — स्थानीय टोली और मोहल्ला-स्तरीय रामलीला के साथ रावण दहन।
  • \r\n
  • सूरजकुंड पार्क — पारिवारिक मेले और लोक-मनोरंजन के साथ रावण दहन।
  • \r\n
  • मवाना रोड (Mawana Road) — भूमि-पूजन हो चुका है और यहाँ भी 80 फीट ऊँचा रावण दहन के लिए तैयार किया गया है। 
  • \r\n
\r\n\r\n

\r\nआयोजन समितियाँ कह रही हैं कि ऊँचे पुतलों के साथ सुरक्षा मानकों का खास ध्यान रखा गया है — पुतलों की मोटाई, बांस-फ्रेमिंग, आग लगने के नियंत्रक मार्ग और दर्शकों की सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
रामलीला-कार्यक्रम: समय-सारिणी (स्टेज-वार/साइट-वार सहज रूपरेखा)
\r\n\r\n
(स्थानीय कमेटियों व पुलिस निर्देशों के मुताबिक — अंतिम समय में हल्के परिवर्तन संभव हैं।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • रामलीला का आरम्भ: अधिकांश स्थलों पर शाम 6:00 बजे के आसपास हो चुका है; प्रदर्शन सामान्यतः रात 10:00 बजे तक चलते हैं। 
  • \r\n
  • रावण दहन (Ravana Dahan): प्रमुख स्थलों पर दहन की शुरुआत शाम 7:00–7:30 बजे से होती है; कुछ बड़े आयोजनों में (भैंसाली, जिमखाना) आतिशबाज़ी-शो और रात्रि-विशेष के बाद 7:30–9:30 बजे के बीच दहन निर्धारित है; कई स्थानों पर मुख्य दहन रात्रि 8:00–9:30 बजे के बीच होगा।
  • \r\n
  • ड्रोन-लाइटिंग / लेजर शो: शाम 7:30–9:30 बजे के बीच — विशेष स्पोटलाइट प्रोग्राम।
  • \r\n
  • बालकथाएँ, लोक-नाट्य, झाकियाँ, स्टॉल-पिकनिक: दिनभर सक्रिय रहेंगी; शाम-रात्रि में दर्शकों की संख्या बढ़ने पर सुरक्षा-नियंत्रण कड़े होंगे।
  • \r\n
\r\n\r\n
(नोट: अलग-अलग समिति-स्थलों का अपना विस्तृत टाइम-टेबल होता है — दर्शकों से अनुरोध है कि वे संबंधित कमेटी या आयोजन पैनल से अंतिम समय की पुष्टि कर लें।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सुरक्षा-तैयारियाँ: ड्रोन निगरानी से लेकर पीएसी तक
\r\n\r\n
सुरक्षा-तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रशासन-पुलिस ने कई कदम उठाए हैं:
\r\n\r\n
    \r\n
  • ड्रोन निगरानी: रात व भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन-कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है — पिछले कुछ महीनों में मेरठ पुलिस ने ड्रोन-संदिग्ध गतिविधियों के मद्देनज़र सतर्कता बढ़ाई है। 
  • \r\n
  • मानव शक्ति: 3 कंपनियों तक पीएसी (ऊँचे संख्या में आरक्षित) सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।
  • \r\n
  • कार्यपालक मजिस्ट्रेट व मजिस्ट्रेट्लिक तैनाती: 16 महत्वपूर्ण जगहों पर कार्यपालक मजिस्ट्रेटों की विशेष तैनाती की गई है ताकि भीड़-नियंत्रण और आपात प्रशासनिक आदेश लागू हो सकें।
  • \r\n
  • एम्बुलेंस और मेडिकल टीम: हर मेला स्थल पर प्राथमिक चिकित्सा और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
  • \r\n
  • सीसीटीवी और कंट्रोल रूम: कई स्थलों में सीसीटीवी और कम्युनल कंट्रोल-रूम से सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।
  • \r\n
  • प्रशासन का कहना है कि इन तैयारियों का उद्देश्य आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ जनता की सुरक्षा सर्वोपरि रखना है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन
\r\n\r\n
दशहरा पर्व और मेले में भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने मंगलवार (आज) दोपहर 12 बजे से भारी वाहनों और बसों के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
1. रोडवेज बसों के लिए नया रूट
\r\n\r\n
    \r\n
  • दिल्ली की ओर से आने वाली बसों को परतापुर इंटरचेंज – बागपत बाईपास – शोभापुर – कंकरखेड़ा बाईपास – जीरोमाइल – बेगमपुल होते हुए भैंसाली बस अड्डे तक भेजा जाएगा।
  • \r\n
  • वापसी में बसें इसी मार्ग से जाएंगी।
  • \r\n
\r\n\r\n

\r\n2. भारी वाहनों के लिए नया रूट
\r\n\r\n
    \r\n
  • हापुड़/गढ़ से आने वाले वाहन जिन्हें मुजफ्फरनगर/रुड़की जाना है, उन्हें डिग्गी तिराहा – तेजगढ़ी – एल-ब्लॉक – बिजली बंबा चौकी – खरखौदा होते हुए NH-58 परतापुर इंटरचेंज से भेजा जाएगा।
  • \r\n
  • मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहन जिन्हें हापुड़/बुलंदशहर जाना है, वे मोदीपुरम – परतापुर – मोहिउद्दीनपुर – खरखौदा होकर आगे बढ़ेंगे।
  • \r\n
\r\n\r\n
3. शहर के भीतर नो-एंट्री
\r\n\r\n
    \r\n
  • डिग्गी तिराहा और तेजगढ़ी चौराहा के बीच सभी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित।
  • \r\n
  • मेला स्थल जैसे भैंसाली ग्राउंड, जेल चुंगी, सूरजकुण्ड पार्क और दिल्ली रोड के आसपास निजी वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा।
  • \r\n
\r\n\r\n
(कृपया ध्यान दें: ये रूट-निर्देश स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुरूप हैं — यात्रियों से निवेदन है कि सार्वजनिक सूचनाओं व तर्पित निर्देशों का पालन करें।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आधिकारिक बयान और जनसम्बन्धी प्रतिक्रिया
\r\n\r\n
जिला प्रशासन ने बताया कि मेले के दौरान सार्वजनिक-नियम और सुरक्षा का सख्ती से पालन कराया जाएगा; किसी भी प्रकार की अनाधिकृत आतिशबाज़ी या असुरक्षित पुतला-निर्माण पर कार्यवाही की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • रामलीला कमेटियाँ कह रही हैं कि इस बार कार्यक्रम अधिक सांस्कृतिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाये जा रहे हैं — कुछ आयोजक ग्रीन-क्रैकर/कम-धुँआ विकल्प अपना रहे हैं।
  • \r\n
  • सामान्य नागरिक और स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि मेले से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा पर साथ ही भीड़-नीति व पार्किंग की समुचित व्यवस्था आवश्यक है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
समाजिक-आर्थिक असर
\r\n\r\n
    \r\n
  • मेले से छोटे-मध्यम दुकानदार, खान-पान के स्टॉल, पारंपरिक कारीगर और सीजनल रोज़गार को बढ़ावा मिलता है।
  • \r\n
  • पर्यटन एवं बाहरी आगंतुकों के कारण स्थानीय ट्रांसपोर्ट व रेहड़ियाँ जीविकोपार्जन हेतु सक्रिय होंगी।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रशासनिक-सुरक्षा पर किए गए खर्चे और व्यवस्थित नियंत्रण से लॉजिस्टिक्स-लागत भी बढ़ सकता है — आयोजक कह रहे हैं कि टिकट/स्टॉल फीस में समायोजन करके ये लागत तय की जाएगी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

\r\nFAQ — पाठकों के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
\r\n\r\n
Q1. पूरा मेला कब तक चलेगा?
\r\nA: दशहरा-समारोह मुख्यतः 2 अक्टूबर को चरम पर होगा; रामलीला मंचन लगभग नवरात्र के समापन से शुरू होकर दशहरा तक चलते रहते हैं। कई जगहों पर मंचन 20 सितंबर के बाद से ही शुरू किए गए थे। 
\r\n\r\n
Q2. मवाना रोड पर पुतले की ऊँचाई कितनी है?
\r\nA: मवाना रोड पर भूमि-पूजन के बाद रिपोर्ट के अनुसार 80 फीट ऊँचा रावण दहन के लिए बनाया गया है।  
\r\n\r\n
Q3. क्या निजी वाहन से मेले में जाने की अनुमति है?
\r\nA: प्रमुख मेला स्थलों पर निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है; दर्शकों को सार्वजनिक परिवहन या पैदल आने की सलाह दी गई है।
\r\n\r\n
Q4. सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
\r\nA: तीन कंपनी पीएसी तक के फ़ोर्स, अतिरिक्त स्थानीय पुलिस, 14 ड्रोन/सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल-एम्बुलेंस व कार्यपालक मजिस्ट्रेट्स तैनात किए गए हैं। 
\r\n\r\n
Q5. इस वर्ष कोई खास आकर्षण क्या है?
\r\nA: इस वर्ष कई स्थलों पर ड्रोन-लाइटिंग व लेजर-शो, भव्य आतिशबाज़ी और ऊँचे पुतले जैसे आकर्षण जोड़े गए हैं; कुछ स्थानों पर पारंपरिक पुतले की जगह सामाजिक-संदेश वाले पुतले भी बनाए गए हैं। 
\r\n 
विज्ञापन
विज्ञापन