मेरठ, यूपी: मेरठ के लोगों को जल्द ही शहर के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। भैंसाली बस अड्डे को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इस कदम से रोजाना शहर में आने वाली 400 से ज्यादा बसों का प्रवेश बंद हो जाएगा, जिससे दिल्ली रोड पर लगने वाले भीषण जाम से निजात मिलेगी।READ ALSO:-मेरठ: मासूम की मौत के बाद भी नहीं लगा हाइट गेज, गुस्साए मां-बेटे ने कमिश्नर ऑफिस पर किया आत्मदाह का प्रयास
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कहां होगा नया बस अड्डा?
\r\n\r\nजिला प्रशासन इस बस अड्डे को दो अलग-अलग जगहों पर स्थानांतरित कर रहा है: भूडबराल और मोदीपुरम।
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- \r\n भूडबराल: यहां 28,082 वर्ग मीटर जमीन में बस अड्डे का निर्माण होगा।\r\n \r\n
- \r\n मोदीपुरम: इस जगह पर 11,848 वर्ग मीटर जमीन पर बस अड्डा बनेगा।\r\n \r\n
इन दोनों अड्डों का निर्माण एनसीआरटीसी (National Capital Region Transport Corporation) द्वारा किया जाएगा, जो भूमि अधिग्रहण का खर्च भी उठा रही है।
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जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
\r\n\r\nदोनों बस अड्डों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। मंडलायुक्त से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता देने की अनुमति मिल गई है।
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- \r\n मुआवजा: भूडबराल में 31 और मोदीपुरम में 48 परिवार इस अधिग्रहण से प्रभावित हो रहे हैं। इन सभी परिवारों को ₹5.50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n धारा 19 की घोषणा: जिला प्रशासन जल्द ही धारा 19 की घोषणा करेगा, जिसके 30 दिन बाद जमीन मालिकों के खातों में मुआवजे की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद, जमीन पर एनसीआरटीसी का कब्जा हो जाएगा और निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।\r\n \r\n
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जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में अब कोई काम बाकी नहीं है और जल्द ही जमीन एनसीआरटीसी को सौंप दी जाएगी ताकि बस अड्डों का निर्माण शुरू हो सके। यह कदम मेरठ में मेट्रो के आने के बाद यात्रियों की सुविधा और शहर के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.