मेरठ (Meerut): दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से सटे और रैपिड रेल (RRTS) व एक्सप्रेसवे जैसी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी से लैस हो चुके मेरठ शहर में अब अपना 'सपनों का घर' बनाना पहले के मुकाबले काफी महंगा सौदा साबित होने वाला है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UP Housing and Development Board) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मेरठ शहर की अपनी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की नई दरें (New Property Rates) जारी कर दी हैं।READ ALSO:-UP News: बच्चों में 'लर्निंग गैप' खत्म करने का मेगा प्लान! पूरे राज्य में चलेगा 15 दिनों का महा-अभियान, जानिए योगी सरकार की नई शिक्षा नीति
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस नए आदेश के बाद आम आदमी की जेब पर सीधा और भारी असर पड़ने वाला है। परिषद द्वारा विभिन्न योजनाओं में संपत्तियों की कीमतों में 2,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। अगर आप भी मेरठ में निवेश (Investment) करने या घर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस इलाके में कितनी महंगाई बढ़ी है और रियल एस्टेट बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
1. विकासपुरी और मोहनपुरी में सबसे बड़ा उछाल: आम आदमी की पहुंच से दूर
\r\n\r\nमेरठ शहर के बीचों-बीच स्थित पुरानी और पॉश कॉलोनियों में प्रॉपर्टी की कीमतें अब आसमान छूने लगी हैं। नई रेट लिस्ट के अनुसार, सबसे अधिक आर्थिक झटका विकासपुरी योजना और मोहनपुरी योजना में प्रॉपर्टी तलाश रहे खरीदारों को लगा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n विकासपुरी (Vikaspuri): इस वीआईपी इलाके में सीधे तौर पर 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की एतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। यहां दरें 28,000 रुपये से छलांग लगाकर सीधे 38,000 रुपये प्रति वर्गमीटर पर पहुंच गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n मोहनपुरी (Mohanpuri): इसी तरह शहर के दिल कहे जाने वाले मोहनपुरी इलाके में 8,000 रुपये प्रति वर्गमीटर का इजाफा हुआ है। पहले यहां सरकारी रेट 20,000 रुपये था, जो अब बढ़कर 28,000 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अब इन इलाकों में सभी आवासीय संपत्तियों की बिक्री (Sale) और आवंटन इन्हीं नई और संशोधित दरों पर ही किया जाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
2. नई और पुरानी दरों का पूरा विवरण (Rate Comparison Table 2026-27)
\r\n\r\nआवास विकास परिषद द्वारा मेरठ की विभिन्न योजनाओं (Schemes) के लिए जारी की गई नई दरों की विस्तृत और तुलनात्मक सूची (Old vs New Rates) नीचे दी गई है, जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि किस इलाके में महंगाई का कितना असर हुआ है:
\r\n\r\n| \r\n योजना / कॉलोनियों का नाम \r\n | \r\n \r\n पुरानी दर (रुपये/वर्गमीटर) \r\n | \r\n \r\n नई दर (रुपये/वर्गमीटर) \r\n | \r\n \r\n बढ़ोतरी (रुपये/वर्गमीटर) \r\n | \r\n
|---|---|---|---|
| \r\n विकासपुरी योजना \r\n | \r\n \r\n 28,000 \r\n | \r\n \r\n 38,000 \r\n | \r\n \r\n + 10,000 \r\n | \r\n
| \r\n मोहनपुरी योजना \r\n | \r\n \r\n 20,000 \r\n | \r\n \r\n 28,000 \r\n | \r\n \r\n + 8,000 \r\n | \r\n
| \r\n मंगलपांडे नगर (Mangal Pandey Nagar) \r\n | \r\n \r\n 38,000 \r\n | \r\n \r\n 41,500 \r\n | \r\n \r\n + 3,500 \r\n | \r\n
| \r\n शास्त्रीनगर योजना संख्या-7 \r\n | \r\n \r\n 36,000 \r\n | \r\n \r\n 39,200 \r\n | \r\n \r\n + 3,200 \r\n | \r\n
| \r\n शास्त्रीनगर योजना संख्या-3 \r\n | \r\n \r\n 31,000 \r\n | \r\n \r\n 34,000 \r\n | \r\n \r\n + 3,000 \r\n | \r\n
| \r\n जागृति विहार विस्तार योजना-11 \r\n | \r\n \r\n 32,000 \r\n | \r\n \r\n 35,000 \r\n | \r\n \r\n + 3,000 \r\n | \r\n
| \r\n माधवपुरम (सेक्टर 1 से 4) \r\n | \r\n \r\n 20,000 \r\n | \r\n \r\n 21,800 \r\n | \r\n \r\n + 1,800 \r\n | \r\n
| \r\n माधवपुरम आश्रयहीन योजना \r\n | \r\n \r\n 11,500 \r\n | \r\n \r\n 18,000 \r\n | \r\n \r\n + 6,500 \r\n | \r\n
(नोट: ये दरें आवास विकास की आधिकारिक आवंटन दरें हैं। प्राइवेट और रीसेल मार्केट में सर्किल रेट और मांग के आधार पर कीमतें इससे भी अधिक हो सकती हैं।)
\r\n\r\n\r\n\r\n
3. शास्त्रीनगर में कमर्शियल संपत्तियों ने तोड़े रिकॉर्ड
\r\n\r\nकेवल आवासीय (Residential) संपत्तियां ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक (Commercial) संपत्तियों की कीमतों ने भी व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। मेरठ के सबसे प्रमुख इलाकों में से एक शास्त्रीनगर (Shastrinagar) में दुकानों की दरों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आवास विकास ने शास्त्रीनगर में व्यावसायिक दुकानों की दर को 26,000 रुपये से बढ़ाकर 38,340 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया है। प्रति वर्गमीटर में 12,340 रुपये की इस भारी वृद्धि से नए स्टार्टअप्स और छोटे व्यापारियों के लिए दुकान खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
4. बढ़ाए गए रेट, लेकिन नए मकानों का है 'टोटा'
\r\n\r\nइस पूरी खबर का एक सबसे रोचक और जमीनी पहलू यह भी है कि आवास विकास परिषद ने जिन पुरानी योजनाओं (जैसे मंगलपांडे नगर, मोहनपुरी, और विकासपुरी) में कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की है, वहां परिषद के पास नए मकान (Fresh Inventory) लगभग न के बराबर बचे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n रीसेल मार्केट पर प्रभाव: इन इलाकों में ज्यादातर संपत्तियां पहले ही आवंटित हो चुकी हैं। हालांकि, सरकारी दरों (Government Rates) के बढ़ने का सीधा मनोवैज्ञानिक और आर्थिक असर 'सेकेंडरी या रीसेल मार्केट' (Resale Market) पर पड़ता है। जब सरकारी रेट बढ़ते हैं, तो निजी संपत्ति मालिक और बिल्डर भी अपनी पुरानी संपत्तियों के दाम रातों-रात बढ़ा देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n नए आवंटन पर असर: जो इक्का-दुक्का भूखंड (Plots) या रद्द किए गए मकान परिषद के पास बचे हैं, उनकी नीलामी या सीधा आवंटन अब इन नई दरों पर ही होगा। मुख्यालय से संशोधित दरों की सूची मेरठ कार्यालय को प्राप्त हो चुकी है और इसे सिस्टम में अपडेट कर दिया गया है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
5. राहत की खबर: यूपी रेरा (UP RERA) ने दी 14 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
\r\n\r\nजहां एक तरफ मेरठ में पुरानी संपत्तियों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश चाहने वालों के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के लिहाज से एक राहत भरी खबर भी सामने आई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता और नए विकल्पों को बढ़ावा देते हुए सात जिलों की 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं (New Projects) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n बड़ा निवेश: इन 14 नई परियोजनाओं में प्रमोटर्स और बिल्डर्स द्वारा लगभग 2,285 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n हजारों नए आशियाने: इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर बाजार में करीब 3,548 नई आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां (Residential & Commercial Units) उपलब्ध होंगी। इन नए प्रोजेक्ट्स के बाजार में आने से खरीदारों को ताजी इन्वेंट्री मिलेगी और पुरानी कॉलोनियों पर पड़ रहा अत्यधिक दबाव कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
मेरठ रियल एस्टेट में आगे क्या?
\r\n\r\nदिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) और नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) के चालू होने के बाद से ही मेरठ का रियल एस्टेट बाजार (Real Estate Market) निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। कनेक्टिविटी में सुधार के कारण दिल्ली-एनसीआर के लोग भी अब मेरठ में रहने और निवेश करने को तरजीह दे रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आवास एवं विकास परिषद द्वारा 2026-27 के लिए की गई यह भारी बढ़ोतरी इसी बढ़ती 'डिमांड' का नतीजा है। अगर आप मेरठ में घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको अपना बजट (Budget) 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाना पड़ सकता है। जानकारों की मानें तो भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के और बेहतर होने के साथ, मेरठ में प्रॉपर्टी के रेट्स में कमी आने की कोई गुंजाइश नहीं है, इसलिए सही समय पर और रेरा-अप्रूव्ड (RERA Approved) प्रोजेक्ट्स में निवेश करना ही समझदारी होगी।