खबरीलाल डेस्क
मेरठ (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुए 25 वर्षीय स्टाफ नर्स अंजलि शर्मा हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में काम करने वाली अंजलि की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को लावारिस हालत में फेंक दिया गया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी सूफियान और उसकी बहन साजिदा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।Read also:-धामपुर में 'बंधन रंग महोत्सव 2026' का भव्य आगाज़: सुर, ताल और रैंप वॉक के जलवों से गूंजा शुभम मंडप
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लेकिन, इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात पुलिस की कार्यप्रणाली और परिजनों द्वारा जुटाए गए सुबूत हैं। अंजलि के परिवार ने खुद अपनी तहकीकात से ऐसे दो अहम CCTV फुटेज निकाले हैं, जिन्होंने इस हत्याकांड में कई नए और खौफनाक खुलासे किए हैं।
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 मोहल्ले में ज्यादा लोग निकलकर देखने लगे तो साजिदा तेजी से स्कूटी पर शव लेकर भागी।

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CCTV फुटेज 1: स्कूटी पर लाश, घिसटते पैर और एक झूठी कहानी

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अंजलि के भाई-बहन द्वारा खोजे गए पहले वीडियो ने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। यह फुटेज लोहियानगर स्थित सूफियान के किराए के कमरे के बाहर की गली का है।
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वीडियो में क्या है?

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    फुटेज में आरोपी साजिदा लोअर, टीशर्ट और दुपट्टा पहने नजर आ रही है। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहना हुआ है और स्कूटी की ड्राइविंग सीट पर बैठी है।
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    तभी मुख्य आरोपी सूफियान अपने किराए के कमरे से अंजलि की बेजान लाश को निकालकर बाहर लाता है।
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    दोनों मिलकर अंजलि की लाश को स्कूटी पर बीच में बैठाने की कोशिश करते हैं। लाश बार-बार स्कूटी से दाएं-बाएं लुढ़कती है, लेकिन दोनों उसे किसी तरह संभालते हैं।
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    साजिदा स्कूटी चलाती है और सूफियान पीछे बैठकर लाश को कसकर पकड़ लेता है।
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मोहल्ले वालों का शक और सूफियान का झूठ: दिनदहाड़े इस तरह से तीन लोगों को स्कूटी पर जाते देख गली में भीड़ लग गई। जैसे ही स्कूटी आगे बढ़ी, अंजलि के पैर सड़क पर बुरी तरह घिसटने लगे। यह देखकर मोहल्ले वालों को शक हुआ और उन्होंने आरोपियों को रोककर पूछा कि "क्या हो गया है? इसे इस तरह कहां ले जा रहे हो?"
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 स्कूटी पर काफी जद्दोजहद कर अंजलि को बैठाते देख मोहल्ले वालों ने कुछ इमरजेंसी समझी। किसी ने अंजलि के घिसट रहे पैर को स्कूटी पर रखने में मदद की तो किसी ने रास्ते में खड़ी बाइक को हटाया।

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शातिर सूफियान ने बिना घबराए पड़ोसियों से झूठ बोला कि "इसकी अचानक तबीयत खराब हो गई है। इसे बहुत ज्यादा गर्मी लग गई है और यह बेहोश हो गई है। यह चल-फिर नहीं पा रही है, इसलिए हम इसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जा रहे हैं।" सूफियान की इस मनगढ़ंत कहानी पर विश्वास करके मोहल्ले के ही एक युवक ने दौड़कर मदद की और सड़क पर घिसट रहे अंजलि के पैरों को उठाकर स्कूटी पर ठीक से रख दिया। इसके बाद दोनों लाश को लेकर वहां से निकल गए और ई-रिक्शा की मदद से शव को मेडिकल कॉलेज के बाहर फेंक दिया।
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CCTV फुटेज 2: नर्स के एप्रन में आई वह रहस्यमयी महिला कौन थी?

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मामला सिर्फ लाश को ठिकाने लगाने तक सीमित नहीं था। परिजनों द्वारा खोजे गए दूसरे CCTV फुटेज ने एक नई मिस्ट्री खड़ी कर दी है।
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सूफियान और साजिदा के लाश लेकर जाने के थोड़ी देर बाद, उसी कैमरे में एक अन्य महिला कैद हुई। इस महिला का हुलिया किसी अस्पताल के कर्मचारी या नर्स जैसा लग रहा था। उसने अपने कपड़ों के ऊपर एक सफेद कोट पहना हुआ था, जो हूबहू नर्स के 'एप्रन' जैसा था।
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    संदिग्ध गतिविधियां: फुटेज में देखा जा सकता है कि यह एप्रन वाली महिला सूफियान के घर के पास आती है। तभी दूसरी तरफ से एक युवक (जो सूफियान जैसा दिख रहा है) वहां पहुंचता है।
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    रहस्यमयी बातचीत: दोनों गली में इधर-उधर घूमते हुए कुछ गंभीर बातचीत करते हैं। कुछ देर बाद वह कोट वाली महिला वहां से चली जाती है।
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    पुलिस के लिए सवाल: यह महिला कौन है? हत्या के ठीक बाद उसका वहां क्या काम था? क्या वह अंजलि की हत्या में शामिल थी या सबूत मिटाने आई थी? फिलहाल मेरठ पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
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परिजनों ने खुद निभाया जासूस का रोल: पुलिस की लापरवाही आई सामने

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इस पूरे मामले में पुलिस की भारी लापरवाही उजागर हुई है। 21 मई को हुए इस हत्याकांड के बाद, अंजलि के बड़े भाई प्रदीप शर्मा और बड़ी बहन नेहा शर्मा ने हार नहीं मानी।
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जब वे खुद 23 मई को घटना वाली जगह (लोहियानगर) पहुंचे, तो उन्होंने जो देखा वह हैरान करने वाला था। जिस कमरे में हत्या हुई थी, वह सील तक नहीं किया गया था। वह कमरा पूरी तरह खुला पड़ा था। इतने बड़े हत्याकांड के क्राइम सीन (Crime Scene) को पुलिस ने लावारिस छोड़ दिया था।
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सबूत मिटने का डर: परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। तब जाकर 23 मई की देर शाम पुलिस ने कमरे को सील किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि इन दो दिनों में कमरे में कई लोगों का आना-जाना हुआ होगा, जिससे अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने की पूरी संभावना है। पुलिस की इस ढिलाई के कारण ही भाई-बहन ने खुद पड़ोसियों से बात की और सामने की बिल्डिंग में लगे कैमरे से ये दोनों CCTV फुटेज निकाले।
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हत्या की असली वजह: ब्लैकमेलिंग, धर्म परिवर्तन और 5 लाख की ठगी

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इस निर्मम हत्या के पीछे एक गहरी साजिश और प्रताड़ना की कहानी है। जागृति विहार सेक्टर-3 की रहने वाली अंजलि की शादी साल 2018 में मेडिकल के सेक्टर-8 निवासी सनी से हुई थी। उनका एक पांच साल का बेटा भी है। पिछले एक साल से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था और कोर्ट में तलाक का मुकदमा लंबित है। इसी वजह से अंजलि अपने भाई प्रदीप के साथ रह रही थी।
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हत्याकांड के मुख्य पात्र और उनके विवरण
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अंजलि शर्मा (मृतका)
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सूफियान (मुख्य आरोपी)
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साजिदा (सह-आरोपी)
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प्रदीप व नेहा शर्मा
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मेडिकल कॉलेज में हुई थी मुलाकात: अस्पताल में ड्यूटी के दौरान अंजलि की मुलाकात लिसाड़ी गेट निवासी वार्डबॉय सूफियान से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। लेकिन सूफियान के इरादे कुछ और ही थे।
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धर्म परिवर्तन का दबाव: अंजलि की बहन नेहा ने पुलिस और मीडिया को बताया कि सूफियान लगातार अंजलि को ब्लैकमेल कर रहा था। नेहा ने अंजलि के मोबाइल में सूफियान के मैसेज पढ़े थे, जिसमें लिखा था: "तुम अपने पति और बच्चे को छोड़कर अपना धर्म बदल लो और मेरे साथ निकाह कर लो।" जब नेहा ने इस बारे में अंजलि से पूछा था, तो उसने साफ कहा था कि उन दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती है और वह शादी नहीं करना चाहती। अंजलि के इंकार ने सूफियान को बौखला दिया था।
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पैसों की ठगी: सूफियान ने अंजलि को अस्पताल में स्थायी नियुक्ति (Permanent Job) दिलाने का झूठा झांसा देकर उससे 5 लाख रुपये भी ठग लिए थे।
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21 मई का वह मनहूस दिन: कैसे दिया वारदात को अंजाम?

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गिरफ्तार आरोपी साजिदा ने पुलिस पूछताछ में पूरी वारदात कबूल की है। 21 मई की दोपहर अंजलि लोहियानगर स्थित सूफियान के किराए के कमरे पर पहुंची थी।
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वहां सूफियान ने फिर से शादी और धर्म बदलने का दबाव बनाया, जिसे लेकर दोनों में तीखी बहस हो गई। साजिदा के मुताबिक, इस विवाद में वह भी कूद पड़ी और अपने भाई सूफियान का साथ देते हुए अंजलि से झगड़ने लगी। गुस्से में आकर दोनों भाई-बहन ने मिलकर अंजलि का गला घोंट दिया।
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अंजलि के शरीर और गले पर मौजूद संघर्ष और मारपीट के निशान गवाही दे रहे थे कि मरने से पहले उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की थी।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई: सूचना मिलते ही एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले मौके पर पहुंचे थे। मेडिकल कॉलेज के आसपास लगे कैमरों में ई-रिक्शा में साजिदा को देखा गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने महज डेढ़ घंटे में साजिदा और उसकी मां को घर से उठा लिया था। रविवार रात मुख्य आरोपी सूफियान को भी धर दबोचा गया।
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अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस तीसरी 'एप्रन वाली महिला' को ढूंढना और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करना है। अंजलि का परिवार अब पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द न्याय और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है।