मेरठ (06 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। समाज में तेजी से फैल रहे नशे के दानव ने एक और हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। नशे की लत और पारिवारिक कलह के चलते एक पति-पत्नी ने खुद को आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों में बुरी तरह झुलसने के बाद, जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए दोनों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस खौफनाक घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि इनके दो छोटे और मासूम बच्चे अब जिंदगी भर के लिए अनाथ हो गए हैं, जिन्हें यह भी नहीं पता कि उनके माता-पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।READ ALSO:-आम आदमी को बड़ी राहत: अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा 5Kg LPG सिलेंडर, मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने आसान किए नियम
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यह दिल दहला देने वाली घटना मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमर नगर की है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर वह क्या वजह थी जिसने एक दूसरे से बेइंतहा प्यार करने वाले जोड़े को इस खौफनाक मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया।
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5 साल पहले हुई थी शादी, बच्चों की किलकारियों से गूंजता था घर
\r\n\r\nजानकारी के अनुसार, उमर नगर इलाके के रहने वाले हारून का बेटा जुबैर अपने पिता के साथ ही कपड़े की फैक्ट्री चलाता था और परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब 5 साल पहले जुबैर का निकाह कोतवाली क्षेत्र की पीर वाली गली निवासी निदा के साथ बेहद खुशी के माहौल में हुआ था। शादी के बाद शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था। दोनों के जीवन में खुशियों ने दस्तक दी और उनके आंगन में दो प्यारे बच्चों की किलकारियां गूंजने लगीं।
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मोहल्ले वालों के मुताबिक, जुबैर और निदा के बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग थी और दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे। लेकिन इस खुशहाल परिवार को किसी की नजर लग गई। जुबैर धीरे-धीरे बुरी संगत में पड़ गया और उसे नशे की गंभीर लत लग गई। जुबैर के इसी नशे ने उनके वैवाहिक जीवन में जहर घोलना शुरू कर दिया।
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नशे की लत और शनिवार का वह मनहूस दिन
\r\n\r\nइलाके के लोगों का कहना है कि जब से जुबैर ने नशा करना शुरू किया था, तब से वह मानसिक रूप से चिड़चिड़ा रहने लगा था। इलाके के संभ्रांत लोगों ने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी। पत्नी निदा अक्सर अपने पति की इस जानलेवा लत का कड़ा विरोध करती थी, जिसे लेकर दोनों के बीच आए दिन छोटी-मोटी कहासुनी होती रहती थी।
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शनिवार दोपहर का दिन इस परिवार के लिए सबसे मनहूस साबित हुआ। दोपहर के समय पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर भयंकर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आपा खो चुके जुबैर ने गुस्से में आकर एक बोतल में रखा पेट्रोल उठाया और अपनी पत्नी निदा पर छिड़क दिया।
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इस दौरान खुद को बचाने के लिए निदा ने संघर्ष किया। पति-पत्नी के बीच हुई इस छीना-झपटी में पेट्रोल की बोतल जुबैर के ऊपर भी गिर गई और उसके कपड़े भी पेट्रोल से भीग गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वहां आग लग गई और पलक झपकते ही दोनों आग की भयानक लपटों में घिर गए।
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मायके जाने की जिद भी बनी थी विवाद का कारण?
\r\n\r\nइस घटना को लेकर इलाके में एक दूसरी चर्चा भी जोरों पर है। उमर नगर के ही एक स्थानीय युवक ने नाम न छापने की शर्त पर एक चौंकाने वाली जानकारी दी। उसने बताया कि भले ही निदा अपने पति के नशे का विरोध करती थी, लेकिन उस दिन आग लगने का तात्कालिक कारण सिर्फ नशा नहीं था।
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पड़ोसी के अनुसार, निदा पिछले कुछ दिनों से अपने 'मायके' (पीर वाली गली) जाने की जिद कर रही थी। जुबैर किसी कारणवश उसे वहां भेजने के लिए तैयार नहीं था। शनिवार को इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसने इस खौफनाक घटना का रूप ले लिया। यह आशंका जताई जा रही है कि इसी जिद और नशे की खुमारी में दोनों ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
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चीख-पुकार और अस्पताल की दौड़
\r\n\r\nजैसे ही दोनों के शरीर में आग लगी, घर के अंदर से दर्दनाक चीख-पुकार मचने लगी। धुंआ और चीखें सुनकर आसपास के लोग और जुबैर के परिजन तुरंत मौके की ओर दौड़े। उन्होंने किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह से झुलस चुके थे।
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परिजनों ने बिना एक पल गंवाए, दोनों को आनन-फानन में हापुड़ रोड स्थित 'राजधानी हॉस्पिटल' (निजी अस्पताल) में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलते ही लोहिया नगर थाना पुलिस भी फौरन मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। राजधानी अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत (Severe Burn Injuries) को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली के 'सफदरजंग अस्पताल' (Safdarjung Hospital) के लिए रेफर कर दिया, जो कि बर्न इंजरी के लिए देश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है।
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रविवार को पत्नी और सोमवार को पति ने तोड़ा दम
\r\n\r\nदिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने दोनों को बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग ने उनके शरीर के अधिकांश हिस्से को जलाकर राख कर दिया था।
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- \r\n जिंदगी की जंग लड़ते हुए रविवार शाम को पत्नी निदा ने अस्पताल के बिस्तर पर हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं।\r\n \r\n
- \r\n निदा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने तुरंत निदा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।\r\n \r\n
- \r\n वहीं दूसरी ओर, जुबैर की हालत भी बेहद चिंताजनक बनी हुई थी। वह वेंटिलेटर पर था। लेकिन सोमवार दोपहर होते-होते जुबैर ने भी दम तोड़ दिया।\r\n \r\n
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पति-पत्नी दोनों की मौत से उमर नगर और पीर वाली गली (मायका) दोनों ही जगहों पर मातम पसरा हुआ है। इलाके के लोग इस खौफनाक अंत को देखकर स्तब्ध हैं।
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पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का इनकार
\r\n\r\nइस पूरे मामले में पुलिस का क्या रुख है, इसे लेकर लोहिया नगर थाना प्रभारी (SHO) सुमित तोमर ने आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सोमवार शाम को जुबैर का दफीना (सुपुर्द-ए-खाक) किए जाने की तैयारी चल रही है।
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थाना प्रभारी तोमर ने बताया कि इस खौफनाक घटना के बावजूद, दोनों पक्षों (जुबैर के परिवार और निदा के मायके वालों) ने अब तक किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई से साफ इनकार किया है। मायके पक्ष की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं दी गई है। थाना प्रभारी का स्पष्ट कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त होती है, तो उसके आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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फिलहाल, इस घटना ने पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है कि नशे जैसी जानलेवा लत कैसे एक पल में पूरे परिवार की खुशियों को राख के ढेर में बदल सकती है और उन दो छोटे मासूम बच्चों का क्या दोष था, जिन्हें अब बिना माता-पिता के इस दुनिया का सामना करना पड़ेगा।