मेरठ (Meerut News): मेरठ शहर को जाम मुक्त और सुंदर बनाने के लिए एक बार फिर बड़ी कवायद शुरू हो गई है। 'इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान' (Integrated Development Plan - IDP) के तहत शहर के प्रमुख चौराहों को न केवल चौड़ा किया जाएगा, बल्कि उन्हें भव्य और आकर्षक रूप भी दिया जाएगा।READ ALSO:-मेंटेनेंस एफिशिएंसी को मिलेगी नई रफ़्तार: नमो भारत के फ्लीट में हाई-स्पीड कैटेनरी मेंटेनेंस व्हीकल शामिल
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कमिश्नर के निर्देश पर मेरठ विकास प्राधिकरण (MEDA) ने इसके लिए सर्वे शुरू करा दिया है। योजना के मुताबिक, चौराहों पर उनकी लंबाई-चौड़ाई के हिसाब से भव्य स्टैचू (Statues) लगाए जाएंगे और गोल चक्कर विकसित किए जाएंगे। शुरुआती चरण में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से शहर के चार प्रमुख चौराहों का कायाकल्प किया जाएगा
\r\n\r\n\r\n\r\nइन 4 प्रमुख चौराहों की बदलेगी तस्वीर
\r\n\r\nमेडा ने जिन चार चौराहों को प्राथमिकता सूची में रखा है, वे शहर की लाइफलाइन माने जाते हैं:
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- \r\n तेजगढ़ी चौराहा (Tejgarhi Chauraha): गढ़ रोड और शास्त्री नगर को जोड़ने वाला मुख्य केंद्र।\r\n \r\n
- \r\n हापुड़ अड्डा चौराहा (Hapur Adda): शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा।\r\n \r\n
- \r\n बच्चा पार्क (Bachcha Park): बेगमपुल और पीएल शर्मा रोड का संगम।\r\n \r\n
- \r\n कमिश्नरी आवास चौराहा (Commissionery Intersection): वीआईपी मूवमेंट वाला इलाका।\r\n \r\n
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सिर्फ सुंदरता नहीं, ट्रैफिक जाम का भी होगा इलाज
\r\n\r\nमेडा वीसी संजय कुमार मीना (MEDA VC Sanjay Kumar Meena) के अनुसार, इस योजना का मकसद सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि ट्रैफिक को स्मूथ करना भी है।
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- \r\n फ्री लेफ्ट टर्न (Free Left Turn): चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री किया जाएगा ताकि वाहन बिना रुके मुड़ सकें।\r\n \r\n
- \r\n अतिक्रमण हटाओ: चौराहों के आसपास से अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n तकनीकी सुधार: चौराहों की ज्यामिति (Geometry) में तकनीकी सुधार किए जाएंगे ताकि जाम न लगे।\r\n \r\n
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8 साल में 5 प्लान फेल, क्या इस बार बदलेगी सूरत?
\r\n\r\nशहर के लोगों में इस योजना को लेकर उम्मीद के साथ-साथ आशंका भी है। दरअसल, सुंदरीकरण की कागजी कसरत पहले भी कई बार हो चुकी है।
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- \r\n हापुड़ अड्डा का इतिहास: पिछले 8 सालों में अकेले हापुड़ अड्डा चौराहे के लिए 5 से ज्यादा प्लान बने, लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ।\r\n \r\n
- \r\n स्पोर्ट्स सिटी स्कल्पचर: तीन साल पहले यहां 'स्पोर्ट्स सिटी' के नाम से एक स्कल्पचर लगाया गया था और बैरियर भी लगाए गए थे, लेकिन कुछ समय बाद सब हटा दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n विफल कोशिशें: कभी मेडा ने खुद प्लान बनाया तो कभी अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी (UMTC) से बनवाया, पर धरातल पर नतीजा सिफर रहा।\r\n \r\n
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अधिकारियों का दावा
\r\n\r\nमेडा अधिकारियों का कहना है कि इस बार 'इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान 2025' के तहत काम हो रहा है, इसलिए फंड और प्लानिंग की कोई कमी नहीं आएगी। अवस्थापना निधि (Infrastructure Fund) से बजट खर्च किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया और सर्वे का काम तेजी से चल रहा है।
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अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो मेरठ के ये चौराहे शहर की पहचान बन सकते हैं। 20 करोड़ का बजट और तकनीकी सुधारों का दावा उम्मीद जगाता है, लेकिन हापुड़ अड्डे का पिछला रिकॉर्ड देखकर जनता को धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार है।