नई दिल्ली/मेरठ: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराधों पर लगाम कसने और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) लगातार बड़े ऑपरेशन चला रही है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को एक बड़ी और अहम कामयाबी हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में छापेमारी कर अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक शातिर और घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को धर दबोचा है।READ ALSO:-बिजनौर में बेखौफ चोरों का आतंक: दौलतपुर चौकी के पास बरामदे में सोता रहा परिवार, ताले चटकाकर उड़ाए लाखों के जेवर और नकदी
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लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा यह आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ दिल्ली ले आई है, जहां उससे हथियारों के पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
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42 वर्षीय गुफरान के रूप में हुई आरोपी की पहचान
\r\n\r\nक्राइम ब्रांच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए शातिर आरोपी की पहचान 42 वर्षीय गुफरान (पुत्र खुर्शीद) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मेरठ का ही रहने वाला है। गुफरान पर आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कानूनी प्रक्रिया से लगातार भाग रहा था, जिसके चलते दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (Rohini Court) ने सख्त रुख अपनाते हुए 2 फरवरी 2026 को उसे घोषित अपराधी (PO - Proclaimed Offender) करार दे दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद से ही दिल्ली पुलिस की कई टीमें सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं।
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बागपत के एक युवक की गिरफ्तारी से खुला था पूरा राज
\r\n\r\nइस पूरे अवैध हथियार सिंडिकेट का भंडाफोड़ रातों-रात नहीं हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले के तार पिछले साल जुड़े थे। 2 मार्च 2025 को केएनके मार्ग (KNK Marg) थाना पुलिस ने एक सूचना के आधार पर चेकिंग के दौरान गौरव नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था। गौरव उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला था।
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जब पुलिस ने गौरव की सघन तलाशी ली, तो उसके पास से दो अवैध देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस की कड़ी पूछताछ में गौरव टूट गया और उसने खुलासा किया कि उसे ये हथियार मेरठ निवासी गुफरान और उसके भाई अहसान ने सप्लाई किए थे। गौरव के इस कबूलनामे के बाद ही पुलिस ने गुफरान और उसके भाई अहसान की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी थी।
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दिल्ली के गैंग्स को करता था हथियारों की सप्लाई
\r\n\r\nपुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गुफरान और उसका नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कई छोटे-बड़े आपराधिक गिरोहों को अवैध देसी कट्टे, पिस्टल और जिंदा कारतूस सप्लाई करने का काम करता था।
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गौरव की गिरफ्तारी के बाद जब गुफरान को लगा कि पुलिस उस तक पहुंच सकती है, तो वह अंडरग्राउंड हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले कई महीनों से लगातार अपनी लोकेशन और ठिकाने बदल रहा था। वह कभी दिल्ली, कभी यूपी तो कभी अन्य राज्यों में छिपकर रह रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस के मुखबिर तंत्र ने उसकी सटीक लोकेशन मेरठ में ट्रेस कर ली।
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क्राइम ब्रांच की इस विशेष टीम ने पूरा किया ऑपरेशन
\r\n\r\nमेरठ जैसे संवेदनशील इलाके से इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार करना आसान नहीं था। दिल्ली क्राइम ब्रांच का यह सफल ऑपरेशन इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाया गया। इस पूरी कार्रवाई को एसीपी (ACP) अशोक शर्मा के मार्गदर्शन और डीसीपी (DCP) पंकज कुमार की सीधी निगरानी में अंजाम दिया गया।
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आगे की कार्रवाई: पुलिस टीम अब गुफरान से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गुफरान हथियारों की खेप कहां से लाता था, हथियार बनाने की अवैध फैक्ट्री कहां चल रही है, उसका फरार भाई अहसान कहां छिपा है और अब तक उन्होंने दिल्ली में किन-किन अपराधियों को हथियार बेचे हैं। इस गिरफ्तारी से दिल्ली में होने वाले कई संगीन अपराधों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।