लखनऊ (Lucknow News): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में हुए इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड (Lucknow Engineer Murder) में पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। लिव-इन में रह रही गर्लफ्रेंड रत्ना और उसकी दो नाबालिग बेटियों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की 20 घंटे की कड़ी पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।READ ALSO:-बिजनौर: गले में ढोलक टांग खेल रहे मासूम पर कुत्ते का 'जानलेवा' हमला, जबड़ा फाड़ा; 50 टांके देख कांप उठी रूह
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हत्या की वजह इंजीनियर द्वारा बड़ी बेटी के साथ 'बैड टच' (Bad Touch) करना और मारपीट बताई गई है। पुलिस ने आरोपी महिला रत्ना को जेल और दोनों नाबालिग बेटियों को बाल सुधार गृह भेज दिया है।
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'बैड टच' और मारपीट बनी कत्ल की वजह

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पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह हैरान करने वाली है। आरोपियों ने बताया कि इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह दोनों बेटियों को घर में कैद रखता था और अक्सर मारपीट करता था। हद तब हो गई जब उसने बड़ी बेटी पर बुरी नजर रखनी शुरू कर दी।
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7 दिसंबर की काली रात:

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    शाम को घर लौटने पर सूर्य प्रताप ने बड़ी बेटी का फोन चेक किया।
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    मोबाइल में किसी लड़के का फोटो देख वह आगबबूला हो गया।
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    उसने बड़ी बेटी को बेरहमी से पीटा और घसीटते हुए कमरे में ले गया।
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    आरोप है कि वहां उसने बेटी के साथ 'बैड टच' (यौन शोषण का प्रयास) किया।
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    किसी तरह मां और छोटी बहन ने उसे बचाया।
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रात भर बनी प्लानिंग, सुबह 5 बजे खूनी खेल

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उस रात बड़ी बेटी के रोने और इंजीनियर की हरकतों से तंग आकर मां रत्ना ने खौफनाक फैसला लिया। उसने अपनी बेटियों से कहा कि रोज-रोज के इस नर्क से अच्छा है कि कहानी ही खत्म कर दी जाए। बेटियां भी मां का साथ देने को तैयार हो गईं।
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पूरी रात तीनों ने जागकर हत्या का प्लान बनाया। 8 दिसंबर की सुबह करीब 5 बजे, जब सूर्य गहरी नींद में था, रत्ना किचन से चाकू ले आई।
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    बेटियों ने पकड़े हाथ-पैर: प्लान के मुताबिक, एक बेटी ने इंजीनियर के पैर पकड़े और दूसरी ने हाथ।
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    मां ने रेता गला: रत्ना ने चाकू से सोते हुए सूर्य के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वह छटपटाता रहा, लेकिन तीनों ने उसे नहीं छोड़ा।
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हत्या के बाद 4 घंटे लाश के पास बैठी रहीं

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इंजीनियर की सांसें थमने के बाद तीनों बाथरूम गईं, हाथ-मुंह धोया और खून के धब्बे साफ किए। इसके बाद तीनों करीब 4 घंटे तक घर के दरवाजे पर लाश के पास ही बैठी रहीं। सुबह 9 बजे रत्ना ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर हत्या की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के वक्त और जेल जाते समय रत्ना के चेहरे पर रत्ती भर भी पछतावा नहीं था।
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पिता का आरोप- जायदाद के लिए मारा

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इंजीनियर सूर्य प्रताप के पिता नरेंद्र सिंह का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष था। उन्होंने आरोप लगाया कि रत्ना और उसकी बेटियों ने मकान हड़पने के लिए उनके बेटे को मारा है। पिता ने रोते हुए बताया, "मेरे बेटे की शादी की बात चल रही थी, वह हट्टा-कट्टा था। मैं उसकी शादी की तैयारी कर रहा था और आज उसकी चिता जला रहा हूं।" पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सूर्य के गले पर चाकू के तीन गहरे घाव और सीने-हाथ पर चोट के निशान मिले हैं।
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ट्यूशन पढ़ाते-पढ़ाते शुरू हुआ था रिश्ता

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सूर्य प्रताप और रत्ना की कहानी 2012 में शुरू हुई थी। तब सूर्य पॉलिटेक्निक का छात्र था और रत्ना की बेटियों को ट्यूशन पढ़ाता था। रत्ना का पति शराबी था और 2014 में उसकी मौत हो गई। इसके बाद सूर्य ने रत्ना का सहारा दिया और दोनों लिव-इन में रहने लगे। करीब 2 साल पहले ही सूर्य ने ग्रीन सिटी, सालारगंज में मकान बनवाया था, जहां यह खूनी वारदात हुई।
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लखनऊ इंजीनियर हत्याकांड (Lucknow Engineer Murder) ने लिव-इन रिलेशनशिप के एक भयानक पहलू को उजागर किया है। एक तरफ 'बैड टच' और शोषण के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ एक पिता का दावा है कि यह संपत्ति का लालच था। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कर ली है।
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लखनऊ में इंजीनियर सूर्य प्रताप सिंह की हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर रत्ना और दो नाबालिग बेटियों ने मिलकर की। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इंजीनियर बड़ी बेटी के साथ 'बैड टच' और मारपीट करता था। 8 दिसंबर की सुबह 5 बजे गला रेतकर हत्या की गई। पुलिस ने मां को जेल और बेटियों को बाल सुधार गृह भेजा है।
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