खबरीलाल डेस्क
नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन यही फोन अब ठगों का सबसे बड़ा हथियार भी बनता जा रहा है। अक्सर हमारे साथ ऐसा होता है कि फोन की घंटी बजती है, हम किसी अनजान नंबर को देखकर कॉल उठाते हैं, 'हैलो-हैलो' बोलते हैं, लेकिन सामने से कोई जवाब नहीं आता। सिर्फ गहरा सन्नाटा (Silence) होता है और कुछ सेकंड बाद कॉल कट जाती है।READ ALSO:-उन्नाव में 'मौत' की रफ्तार 100 पार: एक्सप्रेस-वे पर फॉर्च्यूनर की छत उड़ी, सुभासपा नेता समेत 4 के शरीर के उड़ गए चिथड़े; ओपी राजभर के समधी थे मृतक
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हम इसे नेटवर्क की दिक्कत या तकनीकी गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार हम जिज्ञासावश उस नंबर पर वापस कॉल (Call Back) भी कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाएं। दूरसंचार विभाग (DoT) ने चेतावनी दी है कि यह कोई तकनीकी खामी नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा बिछाया गया एक नया और खतरनाक जाल है, जिसे 'Silent Call Scam' का नाम दिया गया है।
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क्या है 'Silent Call' और स्कैमर्स इसे क्यों करते हैं?

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दूरसंचार विभाग (DoT) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए देशवासियों को आगाह किया है। DoT के मुताबिक, स्कैमर्स इन कॉल्स का इस्तेमाल 'टोही मिशन' (Reconnaissance) की तरह करते हैं।
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    एक्टिव यूजर की पहचान: स्कैमर्स के पास लाखों नंबरों का डेटाबेस होता है। वे यह नहीं जानते कि कौन सा नंबर इस्तेमाल में है और कौन सा बंद हो चुका है। 'Silent Call' करके वे यह वेरीफाई करते हैं कि आपका नंबर 'एक्टिव' है या नहीं। जैसे ही आप कॉल उठाते हैं और बोलते हैं, उनका सिस्टम आपके नंबर को 'Verified Active User' की लिस्ट में डाल देता है।
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    आवाज की रिकॉर्डिंग (Voice Farming): कुछ हाई-टेक स्कैमर्स आपकी 'हैलो' या 'हां' जैसी आवाजों को रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए वॉयस क्लोनिंग फ्रॉड में किया जा सकता है।
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    डेटाबेस बेचना: एक बार जब उन्हें पता चल जाता है कि आप कॉल रिसीव करते हैं और एक वास्तविक व्यक्ति हैं, तो आपका नंबर और डेटा डार्क वेब पर अन्य स्कैमर्स को ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। इसके बाद आपको लोन, लॉटरी, या सेक्सटॉर्शन जैसे फ्रॉड कॉल्स आने शुरू हो जाते हैं।
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कॉल बैक करने की गलती बिल्कुल न करें

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साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि 'Silent Calls' का एक मकसद आपकी जिज्ञासा को जगाना भी होता है। जब कॉल कट जाती है, तो कई लोग वापस उसी नंबर पर फोन करते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है।
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    प्रीमियम रेट नंबर: जिस नंबर पर आप कॉल बैक करते हैं, वह एक प्रीमियम रेट नंबर हो सकता है, जिस पर कॉल लगते ही आपके बैलेंस से भारी रकम कट सकती है।
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    फिशिंग का जाल: कॉल बैक करने पर सामने वाला व्यक्ति आपको बैंक अधिकारी या पुलिस बनकर डरा सकता है और आपसे ठगी कर सकता है।
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DoT का निर्देश: तुरंत करें रिपोर्ट

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सरकार ने साफ कहा है कि इस तरह के कॉल्स को हल्के में न लें। अगर आपको कोई साइलेंट कॉल आती है, तो उसे ब्लॉक करें और तुरंत उसकी रिपोर्ट करें। सरकार ने इसके लिए 'संचार साथी' (Sanchar Saathi) पोर्टल पर 'चक्षु' (Chakshu) फीचर की सुविधा दी है।
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कैसे करें Silent Call की शिकायत? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस) 

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अगर आपको किसी संदिग्ध नंबर से कॉल आए और सामने सन्नाटा हो, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके सरकार को सूचित करें:
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    वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने ब्राउज़र में sancharsaathi.gov.in टाइप करें और वेबसाइट खोलें।
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    सिटीजन सेंट्रिक सर्विस: होम पेज पर नीचे स्क्रॉल करें, वहां आपको 'Citizen Centric Services' का सेक्शन मिलेगा।
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    चक्षु (Chakshu) चुनें: यहां आपको 'Chakshu' (Report Suspected Fraud Communication) का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।
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    रिपोर्ट दर्ज करें: अब 'Continue for reporting' पर क्लिक करें।
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    श्रेणी चुनें: फॉर्म में आपसे पूछा जाएगा कि फ्रॉड का प्रकार क्या है। यहां आप 'Malicious Call/Message' या 'Silent Call/Robocall' से संबंधित विकल्प चुन सकते हैं।
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    विवरण भरें: जिस नंबर से कॉल आई थी, वह नंबर, कॉल का समय और तारीख दर्ज करें। आप कॉल का स्क्रीनशॉट भी अपलोड कर सकते हैं।
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    सबमिट करें: अपनी निजी जानकारी (नाम और अपना नंबर) भरकर OTP वेरीफाई करें और शिकायत सबमिट कर दें।
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सतर्कता ही बचाव है

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साइबर अपराधी हर दिन ठगी के नए तरीके खोज रहे हैं। 'Silent Call' सुनने में भले ही सामान्य लगे, लेकिन यह आपकी डिजिटल सुरक्षा में सेंध लगाने की पहली सीढ़ी है। दूरसंचार विभाग की इस चेतावनी को गंभीरता से लें। अनजान नंबरों के प्रति सतर्क रहें, कॉल बैक न करें और 'संचार साथी' पोर्टल का उपयोग कर एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं। आपकी एक रिपोर्ट न केवल आपको, बल्कि हजारों अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।