दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला और भरोसे का कत्ल करने वाला एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। यहां लोनी क्षेत्र में 'लव जिहाद' (Love Jihad) का एक ऐसा खौफनाक चेहरा देखने को मिला है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक 22 वर्षीय युवती, जिसके सिर से माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था, उसे एक युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसाया। आरोपी हाथ में कलावा बांधता था और अपना नाम 'दीपक' बताता था, जबकि असल में वह विशेष समुदाय का 'दानिश' निकला।READ ALSO:-Bijnor Crime: धामपुर में खाकी वर्दीधारी का शव मिलने से सनसनी; के.एम. इंटर कॉलेज बना 'क्राइम सीन', ई-रिक्शा गायब होने से गहराया मौत का रहस्य
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ कई बार दुष्कर्म किया, उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और जब वह 5 महीने की गर्भवती हो गई, तो जबरन उसका गर्भपात (Abortion) करा दिया। इस मामले में अब हिंदू संगठनों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

क्या है पूरा मामला? (The Incident in Detail)

\r\n\r\n
घटना गाजियाबाद के अंकुर विहार थाना क्षेत्र की है। 22 वर्षीय पीड़िता अशोक विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रहती है। पीड़िता का जीवन पहले से ही संघर्षों से भरा रहा है, क्योंकि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है और दुनिया में उसका अपना कहने वाला कोई नहीं है। इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे अपने जाल में फंसाया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत और मीडिया को बताया कि मार्च 2025 में उसकी मुलाकात लोनी क्षेत्र के रहने वाले एक युवक से हुई थी। युवक ने अपना नाम 'दीपक' बताया। उसने अपनी कलाई पर हिंदू धर्म का पवित्र 'कलावा' बांध रखा था और वह बातचीत में खुद को पूरी तरह सनातनी हिंदू जाहिर करता था। अनाथ होने के कारण युवती को सहारे की तलाश थी और आरोपी ने हमदर्दी दिखाकर उससे दोस्ती कर ली। धीरे-धीरे यह दोस्ती नजदीकी में बदल गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शादी का झांसा और होटल में दरिंदगी

\r\n\r\n
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसका विश्वास जीतने के बाद उसे शादी का प्रस्ताव दिया। जब युवती ने कहा कि वह शादी के बिना किसी भी तरह के शारीरिक संबंध में नहीं रहना चाहती, तो आरोपी ने उसे झूठा आश्वासन दिया कि वह जल्द ही उससे विधि-विधान से विवाह करेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आरोप है कि इसके बाद आरोपी उसे एक होटल में ले गया। वहां उसने शादी का वादा दोहराते हुए युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने धोखे से युवती का न्यूड वीडियो (Nude Video) भी बना लिया। यही वीडियो बाद में पीड़िता की बेबसी का सबसे बड़ा कारण बन गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल (Modus Operandi)

\r\n\r\n
वीडियो बनाने के बाद आरोपी का रवैया पूरी तरह बदल गया। पीड़िता ने बताया, "उसने मेरी न्यूड वीडियो क्लीपिंग के जरिए मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह लगातार मेरा यौन शोषण करता रहा। जब भी मैं शादी की बात करती, वह मुझे एक महीने बाद, दो महीने बाद का बहाना बनाकर टाल देता। मुझे डर था कि कहीं वह वीडियो वायरल न कर दे, इसलिए मैं चुपचाप उसका जुल्म सहती रही।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे नशीली गोलियां खिलाकर भी उसके साथ दरिंदगी करता था। इस दौरान वह गर्भवती हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5 महीने का गर्भ और अवैध गर्भपात

\r\n\r\n
मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी ने न केवल युवती की अस्मत लूटी बल्कि उसकी कोख भी उजाड़ दी। पीड़िता जब 5 महीने की गर्भवती हो गई, तो उसने शादी का दबाव बनाया। लेकिन आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
युवती के मना करने के बावजूद, आरोपी उसे लोनी के एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में ले गया। पीड़िता ने बताया कि अस्पताल के दस्तावेजों में भी आरोपी ने अपना नाम 'दीपक' ही लिखवाया ताकि उसकी असली पहचान छिपी रहे। वहां डॉक्टरों की मिलीभगत से 5 महीने के विकसित भ्रूण का गर्भपात करा दिया गया। मेडिकल साइंस और कानून के मुताबिक, विशेष परिस्थितियों के बिना 24 सप्ताह (लगभग 6 महीने) के करीब का गर्भपात कराना गैर-कानूनी और जानलेवा हो सकता है, लेकिन निजी अस्पताल ने चंद पैसों के लिए नियमों को ताक पर रख दिया। इसके बाद युवती की शारीरिक हालत भी बिगड़ने लगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नमाज पढ़ते देख उड़ गए होश: ऐसे खुला राज

\r\n\r\n
पीड़िता को आरोपी पर शक तब हुआ जब उसने एक दिन आरोपी की एक हरकत चोरी-छिपे देख ली। पीड़िता ने बताया, "एक दिन शाम के वक्त मैंने उसे चोरी से नमाज पढ़ते हुए देख लिया। मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। जो लड़का खुद को दीपक बताता था, हाथ में कलावा बांधता था, वह नमाज पढ़ रहा था। मुझे समझ आ गया कि वह हिंदू नहीं है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जब युवती ने इस बात का विरोध किया और सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। उसने कबूल किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय से है और उसका असली नाम 'दीपक' नहीं बल्कि 'दानिश' है। उसने यह भी स्वीकार किया कि हाथ में कलावा उसने सिर्फ उसे फंसाने के लिए बांधा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हिंदू युवा वाहिनी का हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई

\r\n\r\n
पीड़िता ने खुद को ठगा महसूस करने के बाद हिम्मत जुटाकर अंकुर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया, लेकिन पीड़िता और हिंदू संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धाराएं नहीं लगाईं। पुलिस ने हल्की धाराओं में केस दर्ज किया है, जिससे आरोपी को जल्द जमानत मिल सकती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू युवा वाहिनी (Hindu Yuva Vahini) के पदाधिकारी सक्रिय हो गए। संगठन के जिला महामंत्री शुभम कुमार ने पीड़िता से मुलाकात की और उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शुभम कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह स्पष्ट रूप से 'लव जिहाद' का मामला है। एक सुनियोजित साजिश के तहत अनाथ हिंदू बेटी को निशाना बनाया गया। आरोपी ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाई, कलावा बांधा और नाम बदलकर रेप किया। यह अक्षम्य अपराध है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

डॉक्टरों और अस्पताल पर भी गिरेगी गाज?

\r\n\r\n
हिंदू युवा वाहिनी ने न केवल आरोपी दानिश पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, बल्कि उस निजी अस्पताल को भी कटघरे में खड़ा किया है जहां अवैध रूप से गर्भपात किया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सीएमओ को पत्र: शुभम कुमार ने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पत्र लिखा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मांग: पत्र में मांग की गई है कि उस अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाए और उन डॉक्टरों के खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज हो जिन्होंने बिना पुलिस सूचना और कानूनी प्रक्रिया के 5 महीने का गर्भपात किया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पुलिस अधिकारियों से मुलाकात: संगठन जल्द ही इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर आरोपी पर रासुका (NSA) या गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

समाज के लिए चेतावनी (Warning Sign)

\r\n\r\n
गाजियाबाद की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा अलार्म है। यह दर्शाता है कि कैसे अपराधी तत्व पहचान बदलकर महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पहचान की पुष्टि: जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया या नई मुलाकातों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों के जरिए पहचान की पुष्टि करना आज के दौर में जरूरी हो गया है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    अकेलापन बना कमजोरी: आरोपी अक्सर उन युवतियों को निशाना बनाते हैं जो या तो परिवार से दूर हैं या अनाथ हैं। ऐसे में आस-पड़ोस और समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे सतर्क रहें।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    कानूनी जागरूकता: ब्लैकमेलिंग से डरकर चुप रहने से अपराधी का हौसला बढ़ता है। पुलिस के पास साइबर सेल और महिला थाने हैं जहां पहचान गुप्त रखकर शिकायत की जा सकती है।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

न्याय की आस में पीड़िता

\r\n\r\n
फिलहाल आरोपी दानिश सलाखों के पीछे है, लेकिन पीड़िता का सब कुछ लुट चुका है। एक तरफ माता-पिता की कमी, दूसरी तरफ शरीर और आत्मा पर लगे जख्म। पीड़िता अब प्रशासन से गुहार लगा रही है कि उसके गुनहगार को ऐसी सजा मिले जो नजीर बने। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की जांच पर भी सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या उस अस्पताल पर ताला लगेगा जिसने चंद पैसों के लिए एक अजन्मे शिशु की हत्या में साथ दिया?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की जांच तेज कर दी है और आश्वासन दिया है कि साक्ष्यों के आधार पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन