उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले के हजारों निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। गाजियाबाद की अजंतापुरम आवासीय योजना (Ajantapuram Yojana), जो पिछले 31 वर्षों से सिर्फ फाइलों तक सीमित थी, अब आधिकारिक तौर पर शुरू होने की कगार पर है। आवास एवं विकास परिषद ने आखिरकार इस योजना के संशोधित ले-आउट प्लान को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। यह फैसला उन 4 हजार लोगों के सपनों को साकार करेगा, जिनके परिवारों ने 1994 में यह सपना देखा था। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।READ ALSO:-अलीगढ़ में 'I Love Mohammad' लिखकर दंगा भड़काने की साजिश का खुलासा: इन 4 हिंदू युवकों समेत जीशान गिरफ्तार, निजी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम
\r\n\r\n\r\n\r\n
वादा और 31 साल की कागजी देरी
\r\n\r\nअजंतापुरम योजना की कल्पना 1994 में हिंडन एयरपोर्ट (Hindon Airport) के आसपास के क्षेत्रों - सिकंदरपुर, निस्तौली, भोपुरा, बेहटा हाजीपुर और पसौंडा गांवों की जमीन पर मध्यमवर्गीय नागरिकों के लिए एक व्यवस्थित कॉलोनी बनाने के लिए की गई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n मूल वादा: परिषद ने समितियों को विकसित भूमि का 80 प्रतिशत हिस्सा वापस करने का वादा किया था, ताकि वे अपने घर बना सकें।\r\n \r\n
- \r\n देरी का कारण: यह दो साल का वादा 31 साल लंबा खिंच गया। इसका मुख्य कारण स्वामित्व विवाद, भूमि का सीमांकन, विभिन्न सरकारी विभागों (जीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी) के बीच भूखंडों का हस्तांतरण, और जटिल कागजी प्रक्रियाएँ थीं।\r\n \r\n
- \r\n पीढ़ी बदली: इन तीन दशकों के इंतजार में कई सदस्यों ने दुनिया छोड़ दी, लेकिन उनके परिवारों ने इस योजना की उम्मीद नहीं छोड़ी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कोर्ट के सवाल और आधिकारिक स्वीकृति
\r\n\r\nयोजना में देरी के कारण कई सहकारी समितियाँ (Cooperative Societies) उच्च न्यायालय (High Court) पहुँच गईं थीं।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
- \r\n
- \r\n कोर्ट का हस्तक्षेप: इसी वर्ष हाईकोर्ट द्वारा योजना की प्रगति पर स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद परिषद हरकत में आई। न्यायपालिका के दबाव ने योजना को गति दी।\r\n \r\n
- \r\n योजना में संशोधन: हिंडन एयरपोर्ट शुरू होने के कारण, एयरपोर्ट की ओर जाने वाले मार्गों और आसपास के व्यावसायिक उपयोग (होटल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स) की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ले-आउट में कई बार संशोधन किया गया।\r\n \r\n
- \r\n वर्तमान स्थिति: बैठकों और संशोधनों के बाद, अजंतापुरम योजना के ले-आउट को अंततः अंतिम मंजूरी मिल चुकी है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
शहरनुमा स्वरूप देने की तैयारी
\r\n\r\nयोजना को मंजूरी मिलने के बाद, अब मेडा (MEERUT DEVELOPMENT AUTHORITY) की जिम्मेदारी है कि वह इसे एक आधुनिक 'शहरनुमा स्वरूप' दे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n अगला चरण: अब समिति पदाधिकारियों और परिषद के अधिकारियों के बीच संवाद के बाद मूलभूत संरचनात्मक विकास शुरू होगा। इसमें सड़कें, सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन, विद्युत वितरण, पार्क, सामुदायिक केंद्र और बाज़ार का निर्माण शामिल है।\r\n \r\n
- \r\n आवंटन: इसके बाद ही सहकारी समितियाँ अपने सदस्यों को भूखंड आवंटित कर सकेंगी, जिससे असल निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
30 मिनट का सफर 5 मिनट में होगा तय
\r\n\r\nअजंतापुरम योजना का रणनीतिक स्थान इसे केवल आवास योजना नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लिए एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र बनाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n यात्रियों को फायदा: यह क्षेत्र हिंडन एयरपोर्ट के यात्रियों और कर्मियों के लिए रहने, ठहरने और व्यवसाय चलाने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उन्हें दिल्ली या गाजियाबाद शहर के अंदर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।\r\n \r\n
- \r\n आर्थिक गति: स्थानीय रोजगार और व्यापार को गति मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n विश्वास की वापसी: यह परियोजना उन हजारों परिवारों के अटूट विश्वास की वापसी है, जिन्होंने तीन दशकों तक अपने घर का सपना देखा।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.