गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटे गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात 28 वर्षीय सिपाही पवन राठी ने अपने किराए के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार रात की है, जिसके बाद पुलिस महकमे और मृतक के गृह जनपद बिजनौर में शोक की लहर दौड़ गई है।READ ALSO:-दिल्ली बनी छावनी: जंतर-मंतर पर 10 हज़ार छात्रों का हुजूम, FRS कैमरों से रखी जा रही नज़र! झड़प में 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल
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मृतक सिपाही पवन राठी गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में पदस्थ थे, जबकि उनकी पत्नी अनुराधा गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात हैं। शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे जब पत्नी अपनी ड्यूटी खत्म करके किराए के मकान पर पहुंचीं, तो उन्होंने अपने पति को कमरे में पंखे से लटका देखा। इस खौफनाक मंजर को देखते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू की।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुलिस सेवा का सफर
\r\n\r\nमूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मीरापुर गांव के रहने वाले पवन राठी वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल में सिपाही (कांस्टेबल) के पद पर भर्ती हुए थे। लगभग 6 साल के अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने राज्य पुलिस में अपनी सेवाएं दीं और वर्तमान समय में उनकी तैनाती गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में चल रही थी।
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पवन राठी का विवाह लगभग पांच वर्ष पूर्व बिजनौर जिले की ही रहने वाली अनुराधा से हुआ था। अनुराधा वर्ष 2011 बैच की पुलिस कर्मी हैं और वर्तमान में पदोन्नति के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में हेड कांस्टेबल के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। दोनों पति-पत्नी गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आकाश नगर इलाके में एक किराए का मकान लेकर एक साथ रह रहे थे। दोनों ही पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण अपनी-अपनी अलग शिफ्टों में ड्यूटी निभाते थे।
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आत्महत्या का मुख्य कारण: संतान न होना, उम्र का अंतर और पारिवारिक कलह
\r\n\r\nघटना के बाद पुलिस को दिए अपने बयान और शुरुआती पूछताछ में मृतक की पत्नी हेड कांस्टेबल अनुराधा ने गृहक्लेश और मानसिक तनाव की कई अहम वजहें उजागर की हैं। अनुराधा के अनुसार, उनकी शादी को पांच साल का समय बीत चुका था, लेकिन उनके कोई संतान नहीं हुई थी। शादी के इतने सालों बाद भी बच्चा न होने की बात पवन को भीतर ही भीतर काफी परेशान करती थी।
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इस बात को लेकर पवन अत्यधिक मानसिक तनाव में रहने लगे थे और उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था। ड्यूटी समाप्त होने के बाद पवन रोज अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करते थे। शराब पीने के बाद वे घर आते ही अपनी पत्नी अनुराधा पर संतान न होने का दोष मढ़ते हुए गाली-गलौज और मारपीट करने लगते थे। अनुराधा का कहना है कि जब भी वह पवन को शराब पीने से रोकती थीं या समझाने का प्रयास करती थीं, तो बात और ज्यादा बिगड़ जाती थी और घर में भारी विवाद खड़ा हो जाता था।
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इसके अतिरिक्त, पुलिस की प्राथमिक जांच में एक और कोण सामने आया है। सिपाही पवन राठी अपनी पत्नी अनुराधा से उम्र में लगभग 8 वर्ष छोटे थे। अनुराधा 2011 बैच की कर्मी हैं जबकि पवन 2018 बैच के। दोनों के बीच उम्र का यह अंतर और वैवाहिक जीवन में बच्चे का न होना लगातार आपसी अनबन और मनमुटाव की बड़ी वजह बना हुआ था। पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों ने कई बार दोनों के बीच मध्यस्थता करने और पवन को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन इसके बावजूद पवन की शराब पीने की लत और मानसिक अवसाद कम नहीं हुआ।
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शुक्रवार रात का पूरा घटनाक्रम
\r\n\r\nघटना वाले दिन यानी शुक्रवार को पवन राठी नंदग्राम थाने में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौटे थे। शाम के समय पवन और अनुराधा के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी। उस समय पवन अपने आकाश नगर स्थित किराए के कमरे पर पहुंच चुके थे और हमेशा की तरह उन्होंने शराब पी रखी थी।
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दूसरी ओर, अनुराधा पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अपनी देर रात तक चलने वाली ड्यूटी में व्यस्त थीं। रात लगभग 11 बजे जब अनुराधा अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि कमरे का दरवाजा असामान्य स्थिति में था। जैसे ही उन्होंने कमरे में प्रवेश किया, सामने पवन का शव फंदे पर लटका हुआ था।
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पति को इस हालत में देखकर अनुराधा के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत आसपास के पड़ोसियों को आवाज दी और मसूरी थाना पुलिस को घटना की तत्काल जानकारी दी।
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पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों के बयान
\r\n\r\nसिपाही द्वारा आत्महत्या की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मसूरी थाना प्रभारी (SHO) हरेंद्र सिंह मलिक और पुलिस उपायुक्त (DCP देहात) सुरेंद्रनाथ तिवारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर आकाश नगर पहुंचे।
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पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिपाही पवन को फंदे से नीचे उतारा और बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पवन राठी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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मामले की जानकारी देते हुए मसूरी थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह मलिक ने बताया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"प्राथमिक जांच और मृतक की पत्नी के बयानों से यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से संतान न होने के कारण विवाद और मनमुटाव चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह और अवसाद के चलते सिपाही ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।"\r\n
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वहीं, DCP देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
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पुलिस महकमे और गृह जनपद बिजनौर में छाया मातम
\r\n\r\nएक युवा सिपाही की अचानक इस तरह हुई दुखद मृत्यु से गाजियाबाद पुलिस बल और उनके गृह जिले बिजनौर के मीरापुर गांव में गहरा शोक व्याप्त है। पवन राठी के साथियों का कहना है कि वह व्यवहार कुशल थे, लेकिन पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत जीवन की समस्याओं और पारिवारिक तनाव के कारण काफी शांत रहते थे।
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यह दुखद घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत जीवन में बढ़ते मानसिक दबाव, पारिवारिक विवादों और अवसाद के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है। फिलहाल, मसूरी थाना पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले में आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।