गाजियाबाद (Crime & Accident Desk): दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रफ्तार के कहर ने एक बार फिर एक गरीब परिवार की खुशियां छीन ली हैं। यहां की सड़कें, जो विकास की रफ्तार का प्रतीक मानी जाती हैं, शनिवार तड़के एक तांगा चालक के लिए मौत का मार्ग बन गईं। गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना इलाके में एक दिल दहला देने वाले 'हिट एंड रन' (Hit and Run) मामले में एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक तांगे को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि तांगा चालक अपने घोड़े समेत फ्लाईओवर की मजबूत रेलिंग तोड़ता हुआ सीधे नीचे अंडरपास के पास जा गिरा।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में 'भरोसे का कत्ल': सहकर्मी ने रची खौफनाक साजिश; मां का बहाना देकर बुलाया, फिर नशीला पदार्थ सुंघाकर किया सामूहिक दुष्कर्म
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इस भयावह हादसे में तांगा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने बाद में दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर महानगरों में सुबह के समय खाली सड़कों पर दौड़ने वाले बेलगाम वाहनों और फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था (Road Safety) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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क्या है पूरा घटनाक्रम? तड़के 4:30 बजे की मनहूस सुबह
\r\n\r\nहर दिन की तरह शनिवार की सुबह भी मसूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भूलगढ़ी गांव के रहने वाले आजाद के लिए मेहनत और संघर्ष से शुरू हुई थी। आजाद पेशे से एक तांगा चालक और सब्जी विक्रेता था। वह अपने तांगे (घोड़ा-गाड़ी) पर सब्जियां लादकर सुबह-सुबह गाजियाबाद की मुख्य मंडी में बेचने के लिए जाया करता था। इसी से उसके परिवार का भरण-पोषण होता था।
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शनिवार तड़के करीब 4:30 से 5:00 बजे के बीच, जब शहर की सड़कें सुनसान थीं और ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे, आजाद अपना सब्जियों से लदा तांगा लेकर मंडी की ओर जा रहा था। जैसे ही उसका तांगा सिहानी गेट थाना इलाके में स्थित चंद्रशिला अपार्टमेंट के सामने बने फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचा, पीछे से आ रही मौत रूपी एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
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टक्कर इतनी भयंकर थी कि टूट गई फ्लाईओवर की रेलिंग
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की रफ्तार बेहद तेज थी। टक्कर लगते ही आजाद का तांगे पर से नियंत्रण पूरी तरह से खो गया। भारी वाहन के धक्के से तांगा अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के किनारे लगी लोहे और कंक्रीट की रेलिंग से जा टकराया।
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इम्पैक्ट (Impact) इतना शक्तिशाली था कि फ्लाईओवर की रेलिंग तांगे का वजन नहीं सह सकी और टूट गई। पलक झपकते ही आजाद, उसका घोड़ा और सब्जियों से भरा पूरा तांगा कई फीट ऊंचाई से सीधे नीचे अंडरपास की सड़क पर आ गिरे। नीचे गिरते ही चारों तरफ सब्जियां बिखर गईं, तांगे के परखच्चे उड़ गए और आजाद खून से लथपथ होकर सड़क पर अचेत हो गया। बेजुबान घोड़ा भी इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गया।
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राहगीरों की सूचना और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nसुबह की सैर पर निकले या वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अपना मानवीय फर्ज निभाते हुए स्थानीय पुलिस (Ghaziabad Police) के कंट्रोल रूम को फोन कर हादसे की सूचना दी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि चंद्रशिला अपार्टमेंट के सामने अंडरपास के पास एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में अपने टूटे हुए तांगे और तड़पते घोड़े के पास पड़ा हुआ है।
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सूचना मिलते ही सिहानी गेट थाने की पीसीआर (PCR) और पुलिस टीम सायरन बजाती हुई चंद मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने ऊपर जाकर देखा तो पाया कि फ्लाईओवर की रेलिंग टूटी हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वाहन ऊपर से ही नीचे गिरा है।
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\r\n\r\n\r\n"पुलिस टीम ने बिना एक भी पल गंवाए खून से लथपथ आजाद को एंबुलेंस की मदद से गाजियाबाद के जिला एमएमजी (MMG) अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।"\r\n
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इलाज के दौरान दिल्ली के GTB अस्पताल में टूटी सांसें
\r\n\r\nएमएमजी अस्पताल के डॉक्टरों ने आजाद की गंभीर हालत और सिर पर आई गहरी चोटों को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
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इधर, पुलिस ने मृतक आजाद की जेब से मिले दस्तावेजों और स्थानीय लोगों की मदद से उसके परिजनों को इस दर्दनाक घटना की सूचना दी। खबर सुनते ही आजाद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रोते-बिलखते परिजन बदहवास हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों की पूरी टीम ने आजाद की जान बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन ऊंचाई से गिरने के कारण उसके अंदरूनी अंगों में गहरी चोटें आई थीं। अत्यधिक खून बह जाने के कारण, आखिरकार इलाज के दौरान आजाद ने हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं।
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भाई की तहरीर: इंसाफ की गुहार और परिजनों का बुरा हाल
\r\n\r\nआजाद की मौत की खबर मिलते ही उसके गांव भूलगढ़ी में मातम पसर गया है। घर में उसकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का गहरा संकट भी खड़ा हो गया है, क्योंकि आजाद ही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
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मृतक आजाद के भाई शहजाद ने सिहानी गेट थाने में घटना को लेकर लिखित तहरीर (Complaint) दी है। शहजाद ने अपनी शिकायत में बताया है:
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- \r\n उसका भाई शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे अपनी मेहनत की रोटी कमाने के लिए सब्जियों से भरा तांगा लेकर गाजियाबाद मंडी जा रहा था।\r\n \r\n
- \r\n तभी चंद्रशिला अपार्टमेंट के सामने फ्लाईओवर पर किसी लापरवाह और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।\r\n \r\n
- \r\n शहजाद ने पुलिस से मांग की है कि टक्कर मारने वाले वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।\r\n \r\n
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पुलिस की तफ्तीश: सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी टीमें
\r\n\r\nपुलिस ने शहजाद की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं (लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करना है, जो टक्कर मारने के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
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जांच के प्रमुख बिंदु:
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- \r\n CCTV कैमरों की स्कैनिंग: पुलिस की सर्विलांस और जांच टीमें घटनास्थल यानी चंद्रशिला अपार्टमेंट, अंडरपास और फ्लाईओवर के आसपास लगे सभी सरकारी और निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाल रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n रूट की मैपिंग: तड़के 4 बजे से 5 बजे के बीच उस फ्लाईओवर से गुजरने वाले सभी भारी वाहनों और कारों का डेटा टोल प्लाजा और चौराहों के कैमरों से मैच किया जा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n फोरेंसिक साक्ष्य: टूटे हुए तांगे और फ्लाईओवर की रेलिंग पर अगर टक्कर मारने वाले वाहन की पेंट का कोई निशान छूटा है, तो उसे फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।\r\n \r\n
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सड़क सुरक्षा और प्रशासन पर उठते सवाल
\r\n\r\nयह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि सिस्टम की कुछ खामियों की ओर भी इशारा करता है।
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- \r\n फ्लाईओवर की रैलिंग की मजबूती: अक्सर देखा जाता है कि फ्लाईओवर की रेलिंग इतने हल्के मटेरियल से बनी होती हैं कि एक मामूली टक्कर से ही टूट जाती हैं। यदि रेलिंग मजबूत होती, तो शायद तांगा नीचे नहीं गिरता और आजाद की जान बच सकती थी।\r\n \r\n
- \r\n रफ्तार का आतंक: रात और तड़के सुबह के समय एनसीआर (NCR) की सड़कों पर भारी वाहन और कारें तय गति सीमा से कहीं अधिक तेज दौड़ती हैं। धीमी गति से चलने वाले वाहनों (जैसे तांगा, रिक्शा या साइकिल) के लिए कोई अलग से सुरक्षित लेन नहीं है, जिससे वे हमेशा ऐसे हादसों का शिकार होते हैं।\r\n \r\n
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गाजियाबाद पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक को ट्रेस कर लिया जाएगा। लेकिन, यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि सड़क पर एक व्यक्ति की लापरवाही किसी दूसरे के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। आजाद की मौत एक गरीब परिवार की अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। जरूरत है कि प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त नजीर पेश करे और सड़कों को धीमी गति वाले चालकों के लिए भी सुरक्षित बनाए।