खबरीलाल डेस्क
महंगाई के इस दौर में 100 रुपये का नोट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। सुबह सब्जी मंडी जाने से लेकर, दूध वाले को पैसे देने, ऑटो का किराया चुकाने या फिर चाय की टपरी पर छुट्टे कराने तक, सबसे ज्यादा लेन-देन 100 रुपये के नोटों में ही होता है। शायद यही वजह है कि 100 रुपये का नोट जालसाजों (Counterfeiters) के निशाने पर सबसे ज्यादा रहता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​अक्सर जल्दबाजी में हम किसी से भी 100 रुपये का नोट ले लेते हैं और उसे अपनी जेब या पर्स में रख लेते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी रुककर यह जांचने की कोशिश की है कि जो नोट आपने अभी लिया है, वह असली है भी या नहीं? बाजार में नकली नोटों (Fake Currency) की बढ़ती आमद को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के आम नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा अलर्ट जारी किया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​रिजर्व बैंक का मानना है कि थोड़ी सी जागरूकता से कोई भी आम नागरिक जाली नोटों के इस बड़े रैकेट का शिकार होने से बच सकता है। इसी कड़ी में RBI ने 100 रुपये के असली नोट की पहचान करने के 7 बेहद आसान, सटीक और अचूक तरीके (Security Features) साझा किए हैं। अगली बार कोई भी आपको 100 का नोट थमाए, तो इन 7 पैमानों पर उसे जरूर कसें। आइए, विस्तार से समझते हैं इन सुरक्षा मानकों को।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​क्यों जरूरी है 100 रुपये के नोट की पहचान? (The Danger of Fake Currency)

\r\n\r\n
​आजकल तकनीक इतनी उन्नत हो गई है कि जालसाज हूबहू असली जैसे दिखने वाले नकली नोट छापने लगे हैं। कई बार एटीएम (ATM) से भी नकली नोट निकलने की शिकायतें सामने आ जाती हैं। रंग, रूप और कागज की क्वालिटी में ये नोट इतने असली लगते हैं कि एक आम आदमी के लिए पहली नजर में इन्हें पहचानना लगभग नामुमकिन होता है। अगर अनजाने में भी आप नकली नोट का लेन-देन करते पकड़े जाते हैं, तो आपको कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में RBI द्वारा बताए गए सुरक्षा फीचर्स (Security Features) ही आपकी ढाल बन सकते हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​असली 100 रुपये के नोट की पहचान के 7 गोल्डन रूल्स (7 RBI Security Checks)

\r\n\r\n
​रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, भारतीय मुद्रा (Indian Currency) की छपाई में कई ऐसी जटिल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी नकल करना जालसाजों के बस की बात नहीं है। आप इन 7 स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से असली और नकली का भेद कर सकते हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​1. रोशनी का जादू: सी-थ्रू रजिस्टर (See-Through Register)

\r\n\r\n
​असली 100 रुपये के नोट को जांचने का यह सबसे पहला और आसान तरीका है। अपने नोट के सामने वाले हिस्से (जिधर गांधी जी की तस्वीर होती है) के निचले बाएं (Bottom Left) कोने को ध्यान से देखें। वहाँ आपको एक खाली सी जगह (पारदर्शी सुरक्षा चिह्न) नजर आएगी। जब आप इस नोट को किसी ट्यूबलाइट, बल्ब या सूरज की तेज रोशनी के सामने तान कर देखेंगे, तो उस खाली जगह के आर-पार आपको '100' का अंक बिल्कुल स्पष्ट रूप से लिखा हुआ दिखाई देगा। नकली नोटों में यह नंबर या तो धुंधला होता है या रोशनी में ठीक से उभर कर नहीं आता।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​2. देवनागरी लिपि में छिपा है '१००' (Devanagari Numerals)

\r\n\r\n
​भारतीय नोट हमारी संस्कृति का भी प्रतीक हैं। RBI ने असली नोट में अंकों का खेल बहुत बारीकी से किया है। नोट के बाईं ओर, सी-थ्रू रजिस्टर के ठीक ऊपर वाले हिस्से में ध्यान से देखें। असली नोट पर सामान्य अंग्रेजी अंकों (100) के साथ-साथ हमारी राजभाषा हिंदी यानी देवनागरी लिपि में भी '१००' प्रमुखता से छपा होता है। जालसाज अक्सर इस देवनागरी फॉन्ट की सही नकल नहीं कर पाते और उनके फॉन्ट का आकार या बनावट असली नोट से अलग नजर आ जाती है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​3. केंद्र में बापू की तस्वीर की बारीकी (Mahatma Gandhi's Portrait at the Center)

\r\n\r\n
​100 रुपये के नए असली नोट (लैवेंडर रंग वाले) के मुख्य भाग (Obverse) के बिल्कुल बीचों-बीच (Center) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर उकेरी गई है। यह कोई साधारण छपाई नहीं है; इसमें इंक और प्रिंटिंग का ऐसा कॉम्बिनेशन इस्तेमाल होता है कि असली नोट में बापू की तस्वीर बेहद स्पष्ट, शार्प और जीवंत लगती है। वहीं, अगर नोट नकली है, तो गांधी जी का चेहरा थोड़ा चपटा, रेखाएं धुंधली या स्याही फैली हुई सी महसूस हो सकती है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​4. प्रॉमिस क्लॉज, गवर्नर के हस्ताक्षर और RBI का प्रतीक (Guarantee Clause & Signature)

\r\n\r\n
​नोट के दाहिने (Right) हिस्से में एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी इबारत लिखी होती है—"मैं धारक को एक सौ रुपये अदा करने का वचन देता हूँ" (I promise to pay the bearer the sum of one hundred rupees)। असली नोट में इस लाइन की छपाई बहुत ही क्रिस्प (Crisp) होती है। इसी प्रॉमिस क्लॉज के ठीक नीचे रिजर्व बैंक के वर्तमान या पूर्व गवर्नर के हस्ताक्षर (Signature) होते हैं। हस्ताक्षर के बगल में ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का गोल आधिकारिक प्रतीक चिह्न (Emblem) मौजूद होता है। नकली नोटों में अक्सर इन अक्षरों की स्याही उखड़ी हुई या कम गुणवत्ता वाली होती है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​5. नीचे दाहिनी तरफ का नंबर पैनल (Number Panel on Bottom Right)

\r\n\r\n
​किसी भी नोट की असली पहचान उसके सीरियल नंबरों में छिपी होती है। नोट के निचले दाहिने (Bottom Right) कोने में एक नंबर पैनल होता है। असली 100 रुपये के नोट में इस पैनल के अंदर छपी संख्याएं अंग्रेजी के बड़े अक्षरों (Capital Letters) में होती हैं। इसके अलावा, असली नोटों में अक्सर नंबरों का आकार बाएं से दाएं की तरफ धीरे-धीरे बढ़ता हुआ (Ascending Font Size) दिखाई देता है। जालसाज अक्सर एक ही साइज के फॉन्ट का इस्तेमाल करके पकड़े जाते हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​6. ऊपर बाईं तरफ के नंबरों की सटीकता (Number Panel on Top Left)

\r\n\r\n
​निचले दाहिने कोने की तरह ही, नोट के ऊपरी बाएं (Top Left) हिस्से पर भी एक दूसरा नंबर पैनल मौजूद होता है। यहां भी सीरियल नंबर कैपिटल लेटर्स में छपे होते हैं। असली नोट में इन दोनों नंबर पैनल्स का फॉन्ट, अक्षरों के बीच की दूरी (Spacing) और उनका अलाइनमेंट (Alignment) मशीन द्वारा बिल्कुल 100% सटीक होता है। अगर आपको किसी नोट में नंबर ऊपर-नीचे, टेढ़े-मेढ़े या अलग-अलग स्याही के शेड में दिखें, तो वह नोट निश्चित रूप से जाली हो सकता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

7. अशोक स्तंभ का राष्ट्रीय प्रतीक (The Ashoka Pillar Emblem)

\r\n\r\n
​100 रुपये के असली नोट के सामने वाले हिस्से पर, निचले दाहिने (Bottom Right) कोने में (खाली सफेद जगह के पास) भारत का राष्ट्रीय प्रतीक 'अशोक स्तंभ' (Ashoka Pillar) शान से अंकित होता है। यह चिह्न भी बहुत बारीक और स्पष्ट छपाई के साथ मौजूद होता है। अगर आप इसे ध्यान से देखेंगे, तो शेरों की आकृति और नीचे लिखा 'सत्यमेव जयते' बिल्कुल साफ पढ़ा जा सकेगा, जबकि नकली नोट में यह एक काले या धुंधले धब्बे जैसा नजर आ सकता है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​अगर आपके हाथ में नकली नोट आ जाए तो क्या करें?

\r\n\r\n
​जानकारी के अभाव में अगर आपके पास कोई नकली नोट आ ही जाए, तो घबराएं नहीं और न ही उसे किसी और को देकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करें (क्योंकि यह एक कानूनी अपराध है)।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​अगर आप बैंक में हैं और कैशियर आपको नकली नोट देता है, तो उसे तुरंत वहीं बदलने को कहें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​अगर कोई बाहरी व्यक्ति आपको जाली नोट थमाने की कोशिश कर रहा है, तो उसे लेने से साफ मना कर दें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​लगातार जाली नोट मिलने की स्थिति में अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या बैंक को इसकी लिखित सूचना जरूर दें ताकि पुलिस इस गिरोह तक पहुँच सके।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) लगातार नई और सुरक्षित करेंसी बाजार में उतारता है, लेकिन जालसाज भी नए-नए तरीके खोज लेते हैं। ऐसे में आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। 100 रुपये के नोट को अपनी जेब में रखने से पहले सिर्फ 5 सेकंड निकालें और ऊपर बताए गए इन 7 मानकों में से कम से कम 2-3 फीचर्स को जरूर क्रॉस-चेक कर लें। आपकी यह छोटी सी सावधानी आपको किसी बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से बचा सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!