देशभर में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते उत्तर से लेकर पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 7 से 9 जुलाई तक देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पहाड़ी राज्यों में जहां भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है, वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। अगर आप अगले दो-तीन दिनों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह ताजा मौसम समाचार आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि आपके राज्य और शहर में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम कैसा रहने वाला है।READ ALSO:-मेरठ में श्रावण कांवड़ यात्रा का 'महा-प्लान' तैयार: सोहराबगेट से चलेंगी सभी बसें, हाईवे पर भारी वाहनों की नो-एंट्री; CDO ने दिए सख्त निर्देश
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बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी
\r\n\r\nपूर्वी भारत की बात करें तो बिहार और झारखंड में मानसूनी हवाएं काफी मजबूत स्थिति में हैं।मौसम विभाग ने बिहार के कई प्रमुख जिलों में आंधी और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है।
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बिहार के जिन जिलों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
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- \r\n पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण\r\n \r\n
- \r\n गोपालगंज और सिवान\r\n \r\n
- \r\n गया, भागलपुर और दरभंगा\r\n \r\n
- \r\n मधुबनी, पूर्णिया और कटिहार\r\n \r\n
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इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। राजधानी रांची सहित दुमका, देवघर, गुमला, गिरिडीह और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में मौसम विभाग ने तेज बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया है। (External link: source URL) किसानों को विशेष रूप से खेतों में काम करते समय सतर्क रहने और आकाशीय बिजली से बचने की सलाह दी गई है।
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर आफत, 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
\r\n\r\nपहाड़ी राज्यों में इस समय मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक नजर आ रहा है। उत्तराखंड में अगले तीन दिन यानी 7 से 9 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के बागेश्वर, नैनीताल, चमोली और उधम सिंह नगर सहित कई जिलों में बादल फटने या अत्यधिक तीव्र बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) को तैनात कर दिया है।
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हिमाचल प्रदेश का हाल भी कुछ ऐसा ही रहने वाला है। शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और सोलन में न केवल तेज बारिश होगी, बल्कि 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने का भी अनुमान है। (Internal link to related article) इतनी तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और बिजली के पोल उखड़ने की आशंका है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, डोडा, जम्मू, कठुआ और अनंतनाग जिलों में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा के मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
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मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब समेत इन राज्यों में भी अलर्ट
\r\n\r\nउत्तर और मध्य भारत के अन्य राज्यों में भी मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, निम्नलिखित राज्यों में भी भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है:
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- \r\n पश्चिम बंगाल: तटीय और उत्तरी हिस्सों में मूसलाधार बारिश के आसार हैं।\r\n \r\n
- \r\n महाराष्ट्र: मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n पंजाब और राजस्थान: कई जिलों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।\r\n \r\n
- \r\n मध्य प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।\r\n \r\n
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मौसम विभाग (IMD) की आम जनता को बेहद जरूरी सलाह
\r\n\r\nलगातार खराब हो रहे मौसम और भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n सुरक्षित स्थानों पर रहें: जब तेज आंधी या बिजली कड़क रही हो, तो पक्के मकानों या सुरक्षित शेल्टर में ही शरण लें।\r\n \r\n
- \r\n पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं (60-70 किमी/घंटा) के कारण पेड़, जर्जर इमारतें और बिजली के खंभे गिर सकते हैं, इसलिए इनके नीचे या पास खड़े होने की भूल कतई न करें।\r\n \r\n
- \r\n बेवजह यात्रा से बचें: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में भारी जलभराव (Waterlogging) के कारण यातायात बाधित हो सकता है। जब तक बहुत जरूरी न हो, लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n अंधविश्वास और अफवाहों से बचें: मौसम के सटीक अपडेट के लिए केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों या समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।\r\n \r\n
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संक्षेप में कहें तो, आगामी 7 से 9 जुलाई का समय पूरे देश के लिए मौसमी बदलावों और भारी बारिश के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। बिहार-झारखंड के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तराखंड-हिमाचल के पहाड़ों तक प्रकृति का रुख कड़ा रहने वाला है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने का एकमात्र उपाय केवल सतर्कता और सावधानी है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है, लेकिन आम जनता को भी मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकि मानसून की यह सुखद बारिश किसी के लिए आफत न बने।
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मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई तक देश के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। बिहार के चंपारण, गया, पूर्णिया और झारखंड के रांची, दुमका में 50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है। वहीं उत्तराखंड (नैनीताल, चमोली) और हिमाचल प्रदेश (शिमला, मनाली) में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश के चलते अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पंजाब, राजस्थान, एमपी और महाराष्ट्र में भी मानसून सक्रिय रहेगा। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।