नई दिल्ली/लखनऊ: चिलचिलाती गर्मी और लंबे इंतजार के बाद अब मानसून (Monsoon) पूरे देश में अपनी पूरी लय में आ चुका है। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन कई जगहों पर यह बारिश आफत भी बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम (North-West), पूर्व (East) और पूर्वोत्तर (North-East) भारत में मानसून की गतिविधियां चरम पर रहेंगी।READ ALSO:-मेरठ में सनसनीखेज वारदात: एमसीसी अस्पताल में ड्यूटी पर गई नर्स की संदिग्ध मौत, परिजनों का आरोप- "उसे जबरन जहर देकर मारा गया
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विशेषकर 19 जुलाई और उसके बाद के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों से लेकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। आइए, 'खबरीलाल' की इस विशेष रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि आपके राज्य और शहर में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
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1. पहाड़ी राज्यों में 'आसमानी आफत' का अलर्ट: यात्रा करने वाले रहें सावधान
\r\n\r\nपहाड़ी इलाकों में इस समय मानसून सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है। मौसम विभाग ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों और वहां का रुख कर रहे पर्यटकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
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- \r\n उत्तराखंड और सिक्किम: 19 जुलाई को उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (Very Heavy Rainfall) होने की प्रबल आशंका जताई गई है। इन इलाकों में बादल फटने जैसी घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।\r\n \r\n
- \r\n जम्मू-कश्मीर और हिमाचल: इसके अतिरिक्त, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।\r\n \r\n
- \r\n प्रशासन की चेतावनी: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides), सड़कों के धंसने, निचले इलाकों में जलभराव और नदियों में अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने तथा बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।\r\n \r\n
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2. उत्तर प्रदेश का मौसम: पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों जगह मेहरबान होंगे बादल
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के किसानों और आम जनता के लिए मौसम विभाग ने एक बड़ी और राहत भरी खबर दी है। प्रदेश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय (Active) हो गया है।
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- \r\n पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP East): मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों (जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बस्ती, गोंडा आदि) में 18 से 24 जुलाई के दौरान लगातार और व्यापक रूप से बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n पश्चिमी उत्तर प्रदेश (UP West): पश्चिमी यूपी (जैसे मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, आगरा आदि) में भी कल (19 जुलाई) बड़े हिस्से में व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और खेतों में खड़ी फसलों को संजीवनी मिलेगी।\r\n \r\n
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3. पंजाब और हरियाणा: झमाझम बारिश से गिरेगा पारा, किसानों के खिले चेहरे
\r\n\r\nकृषि प्रधान राज्य पंजाब और हरियाणा में भी मानसून अपने पूरे शबाब पर है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों पर झमाझम और भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
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- \r\n तापमान में आएगी गिरावट: इस बारिश के कारण दोनों राज्यों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन को राहत मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n धान की फसल के लिए वरदान: यह मानसूनी बारिश धान की रोपाई कर चुके किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे सिंचाई की लागत में कमी आएगी और भूजल स्तर (Groundwater Level) में भी सुधार होगा।\r\n \r\n
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4. दिल्ली-एनसीआर: उमस और गर्मी के बीच मिलेंगी हल्की बौछारें
\r\n\r\nराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के इलाकों में मौसम का मिजाज थोड़ा आंख-मिचौली वाला रहेगा।
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- \r\n दिन में सताएगी उमस: दिल्ली और आसपास के इलाकों में आसमान में आमतौर पर बादलों की आवाजाही लगी रहेगी, लेकिन दिन के समय तेज धूप निकलने से कुछ जगहों पर गर्मी और भारी उमस (Humidity) की स्थिति बनी रह सकती है, जो लोगों को पसीने से तर-बतर कर देगी।\r\n \r\n
- \r\n शाम को मिलेगी राहत: हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर बाद या शाम के समय मौसम में बदलाव आएगा। कुछ जगहों पर तेज हवाओं (Gusty Winds) के साथ बहुत हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ घंटों के लिए आंशिक गिरावट आ सकती है।\r\n \r\n
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5. मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत का क्या है हाल?
\r\n\r\nउत्तर भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है:
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- \r\n मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश (East MP) के बड़े हिस्सों में व्यापक रूप से अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में भी छिटपुट (Isolated) स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण भारत में घटेगी बारिश: वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों— विशेषकर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में अगले 7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में काफी कमी दर्ज की जाएगी। इन क्षेत्रों में फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।\r\n \r\n
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IMD और प्रशासन की विशेष अपील
\r\n\r\nमौसम के इस अत्यधिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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- \r\n बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों या पुरानी जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लें।\r\n \r\n
- \r\n जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट अवश्य चेक करें।\r\n \r\n
- \r\n आकाशीय बिजली (Lightning) चमकने के दौरान सुरक्षित और पक्के मकानों के अंदर ही रहें।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.