नई दिल्ली/लखनऊ: भारत में इस वक्त मौसम अपने सबसे उग्र रूप में है। आसमान से मानो आग बरस रही है और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मई और जून के महीने आमतौर पर बच्चों के लिए मौज-मस्ती वाले होते हैं क्योंकि यह गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacations) का समय होता है। लेकिन इस साल तापमान में हुई अप्रत्याशित वृद्धि और 45°C के पार जाते पारे ने राज्य सरकारों और शिक्षा विभागों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
\r\n\r\nगर्मी की छुट्टियों के बाद अब स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र (Academic Session) की शुरुआत का समय आ गया है। लेकिन बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए कई राज्यों ने स्कूलों को खोलने की तारीखों में बड़े बदलाव किए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या बड़े कदम उठाए हैं।
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश (UP): बच्चों की सेहत से समझौता नहीं, छुट्टियां बढ़ीं
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस समय रेड अलर्ट जैसी स्थिति है। भयंकर लू को देखते हुए योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सभी परिषदीय स्कूलों और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में गर्मी की छुट्टियां आगे बढ़ाने का सख्त निर्देश जारी किया है।
\r\n\r\nसरकार का तर्क: शिक्षा विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान मौसम में बच्चों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा। छोटे बच्चे लू और डिहाइड्रेशन के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं।
\r\n\r\nआगे का प्लान: अभी स्कूलों को खोलने की कोई नई और निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट और तापमान में गिरावट दर्ज होने के बाद ही सरकार समीक्षा बैठक करेगी और स्कूलों को फिर से खोलने का आदेश जारी करेगी। तब तक सभी स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे।
\r\n\r\nदिल्ली, हरियाणा और पंजाब: 1 जुलाई का है बेसब्री से इंतजार
\r\n\r\nराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और उसके आस-पास के राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां पहले से ही लंबी तय की गई थीं। इन राज्यों में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है क्योंकि स्कूल बंद हैं।
\r\n\r\nदिल्ली की स्थिति: दिल्ली में पारा लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। यहां के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 1 जुलाई को फिर से खुलने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि तब तक मानसून दिल्ली में दस्तक दे देगा और मौसम सुहावना हो जाएगा।
\r\n\r\nहरियाणा का प्लान: हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने इस साल 25 मई से ही स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी थीं, जो 30 जून तक चलेंगी। यहां भी 1 जुलाई से कक्षाएं फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार ने जिला प्रशासन को विशेष अधिकार दिया है कि यदि जुलाई के पहले सप्ताह में भी लू का प्रकोप रहता है, तो वे स्थानीय स्तर पर स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ा सकते हैं।
\r\n\r\nपंजाब: पंजाब में भी हरियाणा और दिल्ली की तर्ज पर ही 1 जुलाई से स्कूल खोलने की योजना है। शिक्षा अधिकारी रोजाना तापमान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
\r\n\r\nमध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: छुट्टियां खत्म, स्कूल लौटे छात्र
\r\n\r\nजहाँ उत्तर भारत गर्मी से झुलस रहा है, वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग ने तय शेड्यूल के मुताबिक ही स्कूलों को खोल दिया है।
\r\n\r\nमध्य प्रदेश (MP): यहां 1 मई को शुरू हुई लंबी गर्मी की छुट्टियां 15 जून को समाप्त हो चुकी हैं। 16 जून से पूरे राज्य में स्कूल खुल चुके हैं और छात्र अपने नियमित शैक्षणिक रूटीन में लौट आए हैं। हालांकि, कई स्कूलों ने गर्मी से बचने के लिए सुबह की शिफ्ट (Morning Shift) का विकल्प चुना है।
\r\n\r\nछत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में भी हालात को पढ़ाई के अनुकूल मानते हुए 16 जून से नया एकेडमिक सेशन शुरू कर दिया गया है।
\r\n\r\nबिहार और राजस्थान: नया सत्र शुरू, पर गर्मी की चुनौती बरकरार
\r\n\r\nबिहार: राज्य में शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बीच गर्मी की छुट्टियां समाप्त कर दी गई हैं। 21 जून से राज्य भर के सभी स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं। हालांकि, बीच-बीच में अत्यधिक गर्मी के कारण कुछ जिलों में स्कूलों के समय (Timings) में बदलाव किए गए हैं ताकि बच्चे दोपहर की तेज धूप से बच सकें।
\r\n\r\nराजस्थान: मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में भी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की आधिकारिक तारीख 21 जून ही तय की थी। स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन सरकार ने स्कूलों को हिदायत दी है कि बच्चों के लिए पीने के पानी (RO Water) और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
\r\n\r\nतेलंगाना और जम्मू-कश्मीर: विशेष भौगोलिक परिस्थितियां
\r\n\r\nतेलंगाना: दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना में सरकार ने गर्मी के कारण स्कूलों को खोलने में थोड़ी देरी की थी। जब तापमान में सुधार के संकेत मिले, तब जाकर 15 जून को स्कूल फिर से खोले गए। यह फैसला पूरी तरह से छात्रों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए लिया गया था।
\r\n\r\nजम्मू-कश्मीर: इस पहाड़ी राज्य में मौसम देश के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग होता है। शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि अलग-अलग जिलों में तापमान और मौसम की समीक्षा के बाद चरणबद्ध (Phased Manner) तरीके से स्कूल खोले जाएंगे। यानी हर जिले का शेड्यूल वहां की स्थानीय भौगोलिक और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
\r\n\r\nडॉक्टर्स की विशेष सलाह: अगर स्कूल खुल गए हैं, तो बच्चों को कैसे बचाएं?
\r\n\r\nजिन राज्यों में स्कूल खुल चुके हैं, वहां माता-पिता और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) ने भयंकर गर्मी में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए कुछ खास दिशानिर्देश जारी किए हैं:
\r\n\r\nहाइड्रेशन है सबसे जरूरी (Keep Them Hydrated): बच्चे को स्कूल भेजते समय पानी की बड़ी बोतल जरूर दें। उसमें थोड़ा सा नींबू और नमक या इलेक्ट्रोलाइट (ORS) मिला दें। बच्चों को हिदायत दें कि वे हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
\r\n\r\nपहनावा (Cotton Clothes): बच्चों को सूती, हल्के रंग के और ढीले कपड़े ही पहनाएं। सिंथेटिक कपड़ों से पसीना नहीं सूखता और घमौरियां होने का डर रहता है।
\r\n\r\nखान-पान का रखें खास ख्याल: टिफिन में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही दें। तरबूज, खरबूजा, खीरा या छाछ जैसी चीजें बच्चों के रूटीन में शामिल करें। जंक फूड से बिल्कुल दूर रखें।
\r\n\r\nआउटडोर एक्टिविटी पर रोक: स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जब तक गर्मी का असर कम नहीं होता, तब तक पीटी (PT), खेलकूद या मॉर्निंग असेंबली जैसी कोई भी एक्टिविटी खुले मैदान में धूप के नीचे न कराई जाए।
\r\n\r\nराज्य सरकारों के सामने इस समय एक बड़ी चुनौती है—छात्रों का पाठ्यक्रम (Syllabus) भी समय पर पूरा करना है और उन्हें भीषण गर्मी के प्रकोप से भी बचाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का छुट्टियां बढ़ाने का फैसला स्वागत योग्य है। अभिभावकों से भी अपील है कि वे पैनिक न करें और स्कूल व प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप्स या नोटिस बोर्ड्स पर लगातार नजर बनाए रखें। बच्चों की जान और उनका स्वास्थ्य, किसी भी शैक्षणिक नुकसान से कहीं ज्यादा कीमती है।