दिल्ली में हुए भीषण कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट के मुख्य संदिग्ध मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी से जुड़ी एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार (दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध कार) बरामद कर ली है। यह कार हरियाणा के फरीदाबाद जिले में खंदावली गांव के पास से मिली है। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से तुरंत ही आसपास के पूरे इलाके को खाली करा लिया है और अब इस महत्वपूर्ण सुराग की गहन जांच की जा रही है।
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अहम कामयाबी: फर्जी पते पर रजिस्टर्ड थी DL10CK0458
\r\n\r\nबरामद की गई लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर DL10CK0458 है, जो सीधे तौर पर मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी के नाम पर पंजीकृत है। जांच में सामने आया है कि यह कार 2017 में दिल्ली के राजौरी गार्डन आरटीओ में एक फर्जी पते पर रजिस्टर कराई गई थी। इस खुलासे ने जांच की दिशा को एक नया मोड़ दिया है, क्योंकि यह संदेह और पुख्ता होता है कि आतंकी मॉड्यूल ने अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया था।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह पता चला था कि संदिग्धों के पास लाल किले के पास ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 के अलावा एक और वाहन था। यह दूसरी कार ही यह लाल दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध कार थी, जिसकी तलाश में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की कई टीमें जुटी हुई थीं। (Internal link to related article: दिल्ली ब्लास्ट: फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल और अल-फलाह कनेक्शन)।
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उमर नबी: सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का संदिग्ध
\r\n\r\nडॉ. उमर उन नबी, जो पुलवामा का रहने वाला है और फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था, इस पूरे मामले में केंद्रीय संदिग्ध है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि लाल किले के पास विस्फोट वाली आई20 कार वह खुद चला रहा था।
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इस दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध कार की बरामदगी से अब पुलिस को यह समझने में मदद मिलेगी कि उमर नबी और उसके साथियों ने ब्लास्ट की साजिश में इस वाहन का किस तरह इस्तेमाल किया। यह आशंका जताई जा रही है कि यह इकोस्पोर्ट कार आतंकी गतिविधियों, विस्फोटक सामग्री के परिवहन, या रेकी ऑपरेशन के लिए 'सेकेंडरी व्हीकल' के तौर पर इस्तेमाल की गई होगी। दिल्ली पुलिस अब कार के भीतर किसी भी तरह के फोरेंसिक साक्ष्य, विस्फोटक के अंश, या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज की तलाश कर रही है।
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दिल्ली-फरीदाबाद कनेक्शन और आगे की जांच
\r\n\r\nयह नई सफलता दिल्ली ब्लास्ट की जांच को हरियाणा के फरीदाबाद से गहरे तौर पर जोड़ती है। पहले ही फरीदाबाद के धौज गांव से भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक बरामद किया गया था और उसी क्षेत्र से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई को भी गिरफ्तार किया गया है। अब दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध कार का फरीदाबाद के खंदावली गांव के पास से मिलना इस आतंकी मॉड्यूल की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
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पुलिस अब इस कार की पूरी खरीद-बिक्री की चेन, फर्जी पते के पीछे के व्यक्ति, और ब्लास्ट से पहले उमर नबी की गतिविधियों को खंगाल रही है। इसके साथ ही, ब्लास्ट स्थल पर मिली आई20 कार में मृत मिले व्यक्ति की पहचान के लिए उमर नबी की मां के डीएनए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है ताकि संदिग्ध की पहचान पूरी तरह से पुख्ता हो सके।
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पुलिस का यह मानना है कि यह दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध कार इस पूरे आतंकी नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसकी गहन जांच से कई अन्य संदिग्धों और साजिश के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.