खबरीलाल डेस्क
आंध्र प्रदेश के कुरनूल बस हादसे की जांच में एक चौंकाने वाला और भयावह खुलासा हुआ है। जिस निजी स्लीपर बस में आग लगने से 19 यात्रियों की दर्दनाक मौत हुई थी, उस बस में ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart को भेजा जा रहा 234 मोबाइल फोन का एक पार्सल मौजूद था। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने पाया है कि दुर्घटना के बाद जैसे ही बस में आग लगी, इन मोबाइलों में लगी लिथियम बैटरियाँ एक के बाद एक बम की तरह फट गईं, जिससे आग की तीव्रता कई गुना बढ़ गई और यात्रियों को बचने का मौका नहीं मिला।READ ALSO:-रात में थार से 'नवाबी', सुबह चड्ढी-बनियान में गिरफ्तारी! चलती जीप से पेशाब करने वाले 'हीरो' बने भीगी बिल्ली
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\r\nहैदराबाद-बेंगलुरु रूट पर त्रासदी
\r\nयह दर्दनाक हादसा पिछले सप्ताह शुक्रवार (24 अक्टूबर 2025) तड़के कुरनूल जिले में नेशनल हाईवे 44 पर हुआ था।
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  • हताहत: इस भीषण अग्निकांड में कम से कम 19 यात्रियों की मौत हो गई थी, और कई अन्य घायल हुए थे।
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  • शुरुआत: प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस की एक दोपहिया वाहन से टक्कर हुई, जिससे फ्यूल का रिसाव हुआ और चिंगारी लगी। इसके बाद आग बस के लगेज केबिन तक फैल गई।
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  • दरवाजा जाम: यात्रियों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण बस का मुख्य दरवाजा जाम हो गया था, जिससे वे बाहर नहीं निकल पाए।
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234 स्मार्टफ़ोन बने आग का गोला
\r\nजांच टीमों, जिसमें फोरेंसिक और अग्निशमन विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे, ने दुर्घटनास्थल पर चौंकाने वाले सबूत पाए।
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  • मोबाइल का पार्सल: बस के लगेज केबिन में Flipkart को भेजी जा रही 234 स्मार्टफोन की एक खेप मौजूद थी।
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  • कीमत: इन स्मार्टफोनों की अनुमानित कीमत करीब 46 लाख रुपये थी। यह कंसाइनमेंट हैदराबाद के एक व्यापारी मंगनाथ द्वारा बेंगलुरु भेजा जा रहा था।
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  • विस्फोट: आंध्र प्रदेश अग्नि सेवा विभाग के महानिदेशक के अनुसार, आग लगेज केबिन तक पहुँचते ही मोबाइलों की लिथियम-आयन बैटरियों में चेन रिएक्शन के कारण जोरदार विस्फोट होने लगे।
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  • आग की तीव्रता: लिथियम बैटरियों के फटने और बस के AC सिस्टम की बैटरी से हुए धमाकों ने आग को इतना भड़का दिया कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर राख हो गई। बस के हल्के एल्यूमीनियम के ढांचे ने भी आग की तीव्रता को बढ़ा दिया।
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पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
\r\nकुरनूल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बिना जले मोबाइल फोन के कुछ डिब्बे घटनास्थल पर पाए गए हैं।
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  • जांच का रुख: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या निजी बसों में इतनी बड़ी संख्या में लिथियम-आयन बैटरी वाले सामानों का ट्रांसपोर्टेशन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था।
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  • सरकारी मदद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
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ई-कॉमर्स ट्रांसपोर्टेशन पर सवाल
\r\nइस हादसे ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा निजी बसों में खतरनाक सामग्री (Hazardous Goods) के ट्रांसपोर्टेशन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में, मोबाइल फोन और अन्य बैटरियों वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के ट्रांसपोर्टेशन नियमों को और कड़ा किया जा सकता है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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