खबरीलाल डेस्क
भारत सरकार ने देश के भविष्य की नीतियां तय करने वाले दुनिया के सबसे बड़े डेटा संग्रह अभियान India Census 2027 का आधिकारिक रूप से आगाज कर दिया है। यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना है। मूल रूप से यह जनगणना वर्ष 2021 में ही प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना (Covid-19) जैसी वैश्विक महामारी के कारण इसे लंबे समय के लिए टालना पड़ा था। अब यह पूरी तरह से नए और आधुनिक स्वरूप में सामने आई है। सबसे खास बात यह है कि भारतीय इतिहास में पहली बार यह पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल (Digital Census) होने जा रही है।READ ALSO:-मेरठ में 'लू' और 'जहरीली हवा' का जानलेवा डबल अटैक: 41.3°C पहुंचा पारा, 314 AQI के साथ देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बना मेरठ; घरों में कैद हुए लोग
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इस बार कागज-पेन की जगह प्रगणक (Enumerators) सीधे मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर लोगों का डेटा दर्ज करेंगे। इसके अलावा, जिस मुद्दे पर देश में लंबे समय से राजनीतिक बहस छिड़ी हुई थी, उसे भी इसमें शामिल किया गया है—यानी इस बार की India Census 2027 में 'जाति गणना' (Caste Census) के आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। इससे सरकार को समाज के हर तबके तक अपनी कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
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दो चरणों में पूरी होगी India Census 2027 की महाप्रक्रिया

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यह विशाल जनगणना अभियान किसी एक दिन का काम नहीं है, बल्कि इसे सुव्यवस्थित ढंग से दो प्रमुख चरणों (Phases) में पूरा किया जाएगा।
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    पहला चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): जनगणना का यह पहला फेज सितंबर 2026 तक चलने की संभावना है। इस चरण में देश भर के मकानों की सूची तैयार की जाएगी और आवासों की गणना होगी। उत्तर प्रदेश की बात करें तो, यूपी में India Census 2027 का पहला चरण 22 मई 2026 से विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा, जो 20 जून 2026 तक चलेगा। सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपनी स्थानीय सुविधा और मौसम के अनुसार 30 दिनों के भीतर इस पहले चरण का काम पूरा करेंगे।
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    दूसरा चरण (जनसंख्या की गणना): पहले चरण के डेटा के आधार पर दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा, जो फरवरी 2027 तक चलेगा। इस चरण में देश की वास्तविक जनसंख्या, आयु, लिंग, शिक्षा और रोजगार आदि की विस्तृत गणना की जाएगी।
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इस बार के India Census 2027 में नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा भी दी है। प्रगणकों के घर आने से ठीक 15 दिन पहले कोई भी नागरिक वेब पोर्टल या ऐप के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी खुद ही भर सकेगा।
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India Census 2027 में आपसे पूछे जाएंगे ये 33 अहम सवाल

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इस डिजिटल महाभियान के दौरान प्रत्येक परिवार को मोबाइल ऐप के जरिए कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। ये सवाल मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बंटे हुए हैं, जिनका उत्तर देना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है:
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1. मकान और भवन की संरचना की जानकारी: प्रगणक आपसे पूछेंगे कि आपके मकान की फर्श, दीवारें और छत बनाने में मुख्य रूप से किस सामग्री (ईंट, सीमेंट, मिट्टी, लकड़ी आदि) का इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा, मकान का उपयोग किस रूप में हो रहा है—क्या वह केवल आवासीय (रहने के लिए) है, व्यावसायिक (दुकान/गोदाम) है या फिर मिश्रित है।
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2. परिवार की पहचान और सामाजिक श्रेणी (जाति गणना): इस India Census 2027 की सबसे बड़ी विशेषता इसका सामाजिक ढांचा है। परिवार में कुल कितने सदस्य रहते हैं? परिवार के मुखिया का नाम क्या है और उनका लिंग क्या है? इसी सेक्शन में परिवार की सामाजिक श्रेणी भी पूछी जाएगी, जिसमें आपको बताना होगा कि आपका परिवार SC, ST, OBC या OTHER (सामान्य) किस वर्ग से आता है। इसी आधार पर बहुचर्चित जाति गणना का डेटाबेस तैयार होगा।
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3. आवास में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं: सरकार यह जानना चाहती है कि देश का आम नागरिक किस स्तर का जीवन जी रहा है। इसलिए पूछा जाएगा कि आपका मकान स्वयं का है या किराए का? घर में कुल कितने कमरे हैं? परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या कितनी है? इसके अलावा पेयजल का मुख्य स्रोत क्या है (नल, हैंडपंप, कुआं)? घर में बिजली का कनेक्शन है या नहीं? शौचालय (Toilet) और नहाने की सुविधा कैसी है? जल निकासी (Drainage) का क्या प्रबंध है? घर की रसोई कैसी है और खाना पकाने के लिए किस ईंधन (LPG, PNG, लकड़ी या उपले) का इस्तेमाल किया जा रहा है?
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4. ट्रांसपोर्ट और तकनीकी सुविधाएं: यह हिस्सा भारत की डिजिटल और आर्थिक प्रगति को मापेगा। India Census 2027 में पूछा जाएगा कि घर में रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेलीविजन या इंटरनेट की सुविधा है या नहीं। परिवार के लोग लैपटॉप या कंप्यूटर चलाते हैं या नहीं? घर में कितने स्मार्टफोन और साधारण मोबाइल फोन हैं? वाहन के मामले में जानकारी देनी होगी कि परिवार के पास कितनी साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप या वैन है। साथ ही, परिवार में मुख्य रूप से कौन सा अनाज खाया जाता है और संपर्क के लिए एक चालू मोबाइल नंबर भी ऐप में दर्ज कराना होगा।
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आगरा में तैयारियां तेज: 07 से 21 मई तक मिलेगी स्व-गणना की सुविधा

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India Census 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। ताजनगरी आगरा में इसे लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। आगरा के जिलाधिकारी (DM) अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चार्ज अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं।
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आगरा शहर में नगर निगम के 100 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। पूरे जिले में कुल 3116 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (House Listing Blocks) तैयार किए गए हैं। इन ब्लॉक्स में नियुक्त प्रगणक प्रत्येक मकान से जुड़े इन्हीं 33 सवालों के जवाब अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप में दर्ज करेंगे। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि आगरा के नागरिक 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक 'स्व-गणना' पोर्टल का उपयोग करके अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को त्रुटिहीन (Error-free) बनाने के लिए प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की विशेष ट्रेनिंग पूरी कर ली है और डेटा की निगरानी के लिए एक स्पेशल टीम का भी गठन किया गया है।
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देश के विकास का ब्लूप्रिंट है India Census 2027

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India Census 2027 महज लोगों की गिनती का अभियान नहीं है, बल्कि यह आने वाले एक दशक के लिए भारत के विकास का ब्लूप्रिंट (Blueprint) तैयार करेगा। पहली बार डिजिटल ऐप का इस्तेमाल और जातिगत आंकड़ों का समावेश इसे ऐतिहासिक बनाता है। इस डेटा से ही यह तय होगा कि देश में किन क्षेत्रों को अस्पताल, स्कूल, सड़क और रोजगार की सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और राशन वितरण जैसी नीतियां इसी डेटा के आधार पर जरूरतमंदों तक पहुंचेंगी। इसलिए, यह हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है कि वह प्रगणकों को अपने परिवार की बिल्कुल सही और सटीक जानकारी दे।
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दुनिया का सबसे बड़ा डेटा कलेक्शन अभियान India Census 2027 भारत में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। कोविड के कारण 2021 से लंबित यह 16वीं जनगणना इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल ऐप पर 33 सवालों के जवाब दर्ज करेंगे। इस बार इसमें बहुप्रतीक्षित जाति गणना (SC/ST/OBC) को भी शामिल किया गया है। पूरी प्रक्रिया दो चरणों (मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना) में फरवरी 2027 तक चलेगी। यूपी में पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक होगा, जबकि 15 दिन पहले 'स्व-गणना' की सुविधा भी मिलेगी। आगरा प्रशासन ने इसके लिए 3116 ब्लॉक बनाकर कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी कर ली है। यह डेटा देश की आगामी सरकारी नीतियों का आधार बनेगा।