खबरीलाल डेस्क
अगस्त का महीना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मानसूनी बादलों की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह से पलटने वाला है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य भारत के पठारों और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों तक, मानसून का आक्रामक रूप देखने को मिलेगा।
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​मौसम विभाग ने विशेष रूप से 15 राज्यों के प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश से जहां एक ओर किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं दूसरी ओर शहरों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है। आइए, क्षेत्रीय आधार पर समझते हैं कि आगामी दिनों में मौसम कैसा रहने वाला है।
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​उत्तर भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और पहाड़ों पर आसमानी आफत

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उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 22 अगस्त को मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। मानसूनी ट्रफ लाइन के खिसकने से इन इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है:
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    दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई इलाकों में 22 अगस्त को मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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    उत्तर प्रदेश (UP Weather): पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, पूरे प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के दौरान घने बादल छाए रहेंगे और अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
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    पंजाब और राजस्थान: पंजाब में 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। राजस्थान के कई हिस्सों में भी बादलों की गर्जना के साथ बारिश होने का अनुमान है।
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    पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर): पहाड़ों पर मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक बना हुआ है। उत्तराखंड में 22 से 27 अगस्त तक लगातार तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 22 अगस्त को भारी बारिश, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22-23 अगस्त तक व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां के निवासियों और पर्यटकों को भूस्खलन से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
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​मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का 'रेड अलर्ट'

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​वर्तमान मौसमी परिदृश्य में मध्य भारत मानसून का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां बादलों का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है:
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    मध्य प्रदेश (MP Weather): पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 22 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश (Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है। यह सिलसिला 23 से 26 अगस्त तक जारी रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 22 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इस पूरे क्षेत्र में आंधी और बिजली चमकने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
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    छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ राज्य में 22 से 27 अगस्त तक लगातार छह दिनों तक व्यापक और भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 23 से 25 अगस्त के बीच अच्छी मानसूनी बारिश दर्ज की जाएगी।
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पूर्वी भारत: ओडिशा, बिहार, झारखंड और बंगाल में झमाझम दौर

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​पूर्वी भारत के राज्यों में भी बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम लगातार करवट ले रहा है:
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    ओडिशा: राज्य में 22 से 27 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। विशेषकर 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश, तथा 24 से 27 अगस्त के दौरान कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
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    बिहार और झारखंड: बिहार के कई जिलों में 22 से 24 अगस्त तक अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होगी, जबकि 22 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश का विशेष अलर्ट है। झारखंड में भी 22 से 27 अगस्त तक व्यापक बारिश और 23 अगस्त को तेज बारिश के आसार हैं।
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    पश्चिम बंगाल: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल के हिस्सों में 24 और 25 अगस्त को जलभराव वाली बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह भारी बारिश का अनुमान है।
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पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में तेज बारिश

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​पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मानसून लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। असम और मेघालय में 22 से 27 अगस्त तक लगातार छिटपुट भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 22 अगस्त और फिर 23 से 27 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 24 अगस्त के दौरान मौसम बेहद खराब रहने और भारी बारिश होने का अनुमान है।
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​पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गोवा और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी

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    पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा बेल्ट में 22 से 27 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। मध्य महाराष्ट्र में 26 अगस्त को भारी बारिश की उम्मीद है। गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम दर्जे की छिटपुट बारिश जारी रहेगी।
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    दक्षिण भारत: मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 22 से 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर चलेगा। केरल में 23 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
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आंधी, वज्रपात (बिजली) और तेज हवाओं का खतरा:

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आईएमडी की विशेष सलाह

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​बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का भयानक रूप देखने को मिल सकता है:
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    ​आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
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    ​पश्चिमी यूपी, राजस्थान, तटीय कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।
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    विशेष चेतावनी: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली (Lightning Strike) गिरने का सबसे अधिक खतरा है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
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समुद्र में तूफानी मौसम: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट

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​अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हवाओं के अत्यधिक सक्रिय होने से समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। सोमालिया और ओमान तटों के आसपास, तथा पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, और अंडमान सागर में भी 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। IMD ने सभी मछुआरों को निर्देश दिया है कि वे 22 से 27 अगस्त के बीच गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए बिल्कुल न जाएं।
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​22 अगस्त से शुरू हो रहा यह मानसूनी स्पेल देश के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और अनावश्यक यात्राओं, विशेषकर पहाड़ी और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।